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जो नहीं कर पाई अंबानी की दो पुश्‍तें, टाटा की एक कंपनी ने कर दिखाया

टीसीएस 100 अरब डॉलर की वैल्‍यू वाली कंपनी बन गई है, जबकि मुकेश अंबानी का आरआईएल ग्रुप उससे काफी पीछे है..

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नई दिल्‍ली। देश में कॉरपोरेट हाउस की बात आती है, तो अंबानी परिवार और RIL का नाम पहले स्‍थान पर आता है। टाटा, बजाज, बिड़ला, प्रेमजी, सांघवी जैसे  परिवार के बाद ही आते हैं। नेटवर्थ के लिहाज से बात करें तो मुकेश अंबानी देश के सबसे रईस व्‍यक्ति हैं। दौलत के मुकाबले इन कॉरपोरेट परिवारों का कोई भी शख्‍स अंबानी के आसपास भी नहीं फटकता है। हालांकि टाटा ग्रुप की एक कंपनी ने वह मुकाम हासिल कर लिया, जो शायद बिजनेस में दो पुश्‍तें खपा देने के बाद भी अंबानी परिवार हासिल नहीं कर सका। 

 

TCS बनी देश के सबसे वैल्‍यूबल कंपनी 
टाटा समूह की कंपनी टीसीएस ने सोमवार को नया इतिहास रच दिया। सोमवार के कारोबार के दौरान मार्केट कैप के लिहाज से 100 अरब डॉलर का अंकड़ा पार करने वाली देश की पहली कंपनी बन गई। इसी के साथ ही 23 अप्रैल 2018 की तारीख इंडियन स्‍टॉक एक्‍सचेंज के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गई। शुक्रवार को ही कंपनी का मार्केट कैप 99.1 अरब डॉलर पहुंच गया था। यह तेजी सोमवार को भी जारी रही और 09:49 पर जैसे ही कंपनी की वैल्‍यू रुपए के लिहाज से 6,62,726.36 के लेवल पर पहुंची, उसने इतिहास रच दिया और इसी के साथ ही वह डॉलर के लिहाज से 100 अरब डॉलर की मार्केट कैप वाली देश की पहली कंपनी बन गई।  

अंबानी की दो पुश्‍तें नहीं हासिल कर सकी ये मुकाम 

 

लंबे समय से देश के सबसे अमीर भारतीय होने के बाद भी मुकेश अंबानी या उनकी कोई भी कंपनी 100 अरब डॉलर की मार्केट वैल्‍यू हासिल करने वाली कंपनी कभी नहीं बन पाई है। मौजूदा समय में रुपए के लिहाज से बात करें तो  टीसीएस की वैल्‍यू 6.81 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। वहींं  मुकेश अंबानी के स्‍वामित्‍व वाली रिलायंस इंडस्‍ट्रीज 5.92 लाख करोड़ रुपए की वैल्‍यू हासिल कर पाई है। इस हिसाब से देखें तो दोनों कंपनियों के बीच 0.90 लाख करोड़ का फासला है।  


 

5 लाख करोड़ की वैल्‍यु हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी 
5 लाख करोड़ रुपए की वैल्‍यू का आंकड़ा पार करने के मामले में भी टीसीएस ने आरआईएल से बाजी मारी थी। जुलाई 2015 में टीएसीए यह उपलब्घि हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी बनी थी। वहीं आरआईएल ने दो साल बाद 2017 में यह आंकड़ा पार किया था। 5 लाख करोड़ की वैल्‍यू का आंकड़ा पार करने वाली तीसरी भारतीय कंपनी एचडीएफसी बैंक है। उसमें 2018 में यह उपलब्धि 2018 में हासिल की। 

 

 

ऐसे तय होती है मार्केट कैप
किसी एक शेयर की कीमत और टोटल शेयर के नंबर को आपस में गुणा करने के बाद जो नंबर आता है वहीं किसी कंपनी की मार्केट वैल्‍यु या मार्केट कैप कहलाती है। मतलब साफ है अगर आपके शेयर के वैल्‍यु कम है तो आपकी मार्केट कैप कम होगी और ऊपर हम पढ़ की चुके हैं कि टीसीएस के शेयर RIL के शेयर की दो गुनी कीमत के हैं। 

आरआईएल से 3 गुना महंगा टीएसीएस का शेयर 
मौजूदा शेयर भाव की बात करें तो आरआईएल के मुकाबले टीसीएस के शेयर करीब 3 गुना ज्‍यादा कीमत के हैं। सोमवार इंट्रो डे कारोबार में टीएसीएस के एक शेयर के वैल्‍यू जहां  3557 रुपए तक गई, वहीं आरआईएल के शेयर 942 रुपए पर रहे। इस हिसाब से देखें तो टीसीएस की शेयर्स की कीमत आरआईएल से करीब 3 गुना ज्‍यादा रही।  

 

रेस में भारी टीसीएस ही रही 
आरआईएल मुकेश अंबानी के पिता धीरू भाई अंबानी ने 40 साल पहले शुरू की थी, जबकि टीसीएस ने 1980 के दौर में एक स्‍वतंत्र सॉफ्टवेयर कंपनी के तौर पर काम शुरू किया। 2006 में पब्लिक लिस्‍टेड कंपनी बनी और 2011 के आखिरी ट्रेडिंग डे पर वह आरआईएल को पूछे छोड़ते हुए देश की सबसे वैल्‍यूएलब कंपनी बन गई। हालांकि इस दौरान दोनों के बीच शह और मात का खेल जारी रहा। लेकिन रेस में आगे हमेशा टीसीएस ही रही। 

 

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