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हर तीसरे घर की दीवार चमकाती है ये कंपनी, 4 दोस्तों ने की थी शुरुआत

4 दोस्तों ने मिलकर गैराज में एक कारोबार शुरू किया था। आज यह कारोबार 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो चुका है।

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नई दिल्ली।  मुंबई में  4 दोस्तों ने मिलकर गैराज में एक कारोबार शुरू किया था। तब उन्हें पता नहीं था कि उनका यह कारोबार इतना बढ़ जाएगा, कि उनकी पहुंच देश के हर तीसरे घर तक हो जाएगी। आज उनका यह कारोबार 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो चुका है। उनके बनाए हुए प्रोडक्ट से देश के हर तीसरे घर की दीवार चमकाई जा रही है। चाहे शहर हो या गांव या कस्बा, हर जगह उनके बनाए प्रोडक्ट की मांग है। खास बात है कि अपनी कैटेगिरी में उनका यह प्रोडक्ट देश में नंबर 1 भी है। यही नहीं, कंपनी ने बहुत से निवेशकों को भी मालामाल बना दिया है। आइए जानते हैं कि पूरी कहानी.....

 

हर तीसरे घर में हो रहा है इस्तेमाल
हम यहां बात कर रहे हैं देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट की। एशियन पेंट का भारत के 30 फीसदी से ज्यादा मार्केट पर कब्जा है। यानी भारत के हर तीसरे घर की दीवारें चमकाने में इस कंपनी के पेंट का इस्तेमाल हो रहा है। इस कंपनी की शुरूआत 1042 में विश्‍व युद्ध के दौरान तब हुई थी, जब विदेश से आने पेंट पर भारत में रोक लग गई थी। उस दौरान 4 दोस्तों ने एक छोटे से गैराज से इस कारोबार की शुरूआत की थी। इनमें चंपकलाल चौकसे, चिमनलाल चौकसे, सूर्यकांत दामी और अरविंद वकील शामिल थे। 
 

आगे पढ़ें- 23 करोड़ से 1 लाख करोड़ की हुई कंपनी 

 

 

23 करोड़ से 1 लाख करोड़ की हुई कंपनी 
भारत में पेंट कंपनियां न होने और बाहर से पेंट आने पर रोक लगने से 1945 आते-आते कंपनी का टर्नओवर 23 करोड़ हो गया। 1965 तक कंपनी देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई। 
17 साल पहले अक्टूबर 2010 में कंपनी की कुल दौलत 1405 करोड़ रुपए हो गई।
वहीं, आज यानी 9 नवंबर 2017 को कंपनी की कुल दौलत बढ़कर 1.14 लाख करोड़ रुपए हो गई। 
 
आगे पढ़ें, कंपनी में पैसा निवेश करने वाले भी हुए माला-माल 

 

 

17 साल में 12.5 हजार के बने 10 लाख रुपए   
कंपनी की खास बात है कि साल 2000 के बाद से इसके शेयरों की कीमत 81 गुना तब बढ़ गई है। अक्टूबर 2010 में एक शेयर की कीमत 14.67 रुपए थी, जो 9 नवबंर 2017 को बढ़कर 1190 रुपए के भाव पर आ गए। यानी 17 साल पहले जिन्होंने कंपनी में सिर्फ 12 हजार रुपए निवेश कर इंतजार किया होगा, उनका निवेश बढ़कर अब करीब 10 लाख रुपए हो गया। 

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