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जिस HAL को मोदी सरकार ने समझा था नकारा, उसने चार साल में की 7 हजार करोड़ की कमाई

एचएएल को राफेल विमान बनाने का ठेका नहीं देने को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार उठा रही है सवाल

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नई दिल्ली. राफेल विमान डील को लेकर कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है। कांग्रेस सरकार की ओर से कारोबारी अनिल अंबानी की कंपनी को राफेल विमान बनाने में साझीदार बनाने को लेकर सवाल खड़े किए गए। इसके जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा था कि फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन को एचएएल उपयोगी नजर नही आई है। उनके इस बयान को लेकर एचएएल की ओर से सफाई देते हुए अपनी उपलब्धियां गिनाई गई थी और कांग्रेस समेत विपक्ष ने इस मुद्दे पर काफी हंगामा किया था। 

 

दरअसल हुआ कुछ यूं कि राफेल डील में ऑफसेट पार्टनर हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को नही बनाया गया, जो कि रक्षा उपकरण बनाने वाली सरकारी कंपनी है। कांग्रेस का कहना है कि जब एक सरकारी कंपनी इस विमान को बनाने में सक्षम थी, तो अनिल अंबानी की कंपनी को क्यों साझीदार बनाया गया, जबकि कंपनी को कोई अनुभव नहीं है क्योंकि कंपनी राफेल समझौता होने से महज 13 दिन पहले बनी है। 

 

चार साल में 7 हजार करोड़ की हुई कमाई 

 

एएचएल ने पिछले चार वर्षों के दौरान 7,334 करोड़ रुपए का मुनाफा हासिल किया। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2015-16 व सितंबर 2018 के बीच कुल 58,651 करोड़ रुपए की कमाई की। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बुधवार को रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने एचएएल की कमाई और मुनाफे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी ने वर्ष 2015-16 में 1,998 करोड़ रुपए, 2016-17 में 2,616 करोड़ और 2017-18 में 2,070 करोड़ रुपए का मुनाफा हासिल किया। कंपनी इस साल सितंबर तक 650 करोड़ रुपये का मुनाफा में रही है। कंपनी ने वर्ष 2015-16 में 16,758 करोड़ रुपये की कमाई की जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 16,758 करोड़ रुपए हो गया। वर्ष 2017-18 में कमाई 18,519 करोड़ रुपए हो गई। चालू वित्तीय वर्ष में कंपनी सितंबर तक 5,424 करोड़ रुपए कमा चुकी है।

 

एचएएल चेयरमैन ने कंपनी को राफेल बनाने में बताया सक्षम

राफेल डील में हुए विवाद के बाद अब एचएएल के चेयरमैन ने भी इस मुद्दे पर कहा है कि HAL राफेल विमान बनाने में सक्षम है लेकिन हालिया हुई डील में केवल तैयार विमान लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर पुरानी वाली डील ही फाइनल की जाती तो HAL ही राफेल विमान बनाता।

 

 

क्या है एचएएल 

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भारत की एक स्वामित्व वाली एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी है जिसका मुख्यालय बेंगलुरू में है। यह भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रबंधन के तहत चलती है। सरकारी स्वामित्व वाली निगम मुख्य रूप से एयरोस्पेस के संचालन में शामिल है और वर्तमान में विमान, जेट इंजन, हेलीकॉप्टरों और उनके स्पेयर पार्ट्स के डिजाइन, निर्माण और असेंबली में शामिल है। एचएएल एचएफ -24 मारुट सेनानी-बॉम्बर भारत में बने पहले लड़ाकू विमान थे।

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