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गुजरात-बिहार विवाद से कपड़े होने जा रहे है महंगे, उत्पादन में 15 फीसदी तक की गिरावट

अगले महीने यानी कि दिवाली के दौरान कपड़े महंगे हो सकते हैं।

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नई दिल्ली। अगले महीने यानी कि दिवाली के दौरान कपड़े महंगे हो सकते हैं। कारोबारी गुजरात में टेक्सटाइल उत्पादन में 10-15 फीसदी की गिरावट को इसकी मुख्य वजह बता रहे हैं। हाल ही में गुजरात में काम कर रहे बिहार एवं उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को वहां से भगाने की मुहिम चलाई गई थी जिससे गुजरात की टेक्सटाइल इकाइयों में उत्पादन कार्य प्रभावित होने लगा है।

 

कनफेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज (सिटी) के अध्यक्ष एस.के. जैन ने मनी भास्कर को बताया कि निश्चित रूप से गुजरात से श्रमिकों के पलायन से उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया गुजरात के टेक्सटाइल उत्पादकों ने सिटी से इन बातों पर गौर फरमाने के लिए कहा है। टेक्सटाइल उत्पादकों के मुताबिक उत्पादन में 10-15 फीसदी की गिरावट आएगी। अगले महीने दिवाली है और इस दौरान कपड़ों की भारी मांग होती है। लेकिन उत्पादन प्रभावित होने से कपड़े महंगे होने की आशंका है। गुजरात स्थित टेक्सटाइल यूनिट के मालिक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बिहार व यूपी के श्रमिक कई साल से उनके साथ काम कर रहे थे, इसलिए वे कुशल हो चुके थे, लेकिन अब नए श्रमिकों को रखने पर उन्हें कुशल होने में ही कई साल लग जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनकी यूनिट के आधे श्रमिक जा चुके हैं। ऐसे में वे अपनी उत्पादन क्षमता का 40 फीसदी उत्पादन भी नहीं कर पा रहे हैं।

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गुजरात में 1 करोड़ प्रवासी श्रमिक

भारत में मुख्य रूप से गुजरात, महाराष्ट्र, चेन्नई एवं बेंगलुरू में टेक्सटाइल का उत्पादन होता है। इन उद्योगों में काम करने वाले अधिकतर श्रमिक बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से आते हैं। श्रमिकों के गुजरात छोड़कर जाने की मुख्य वजह एक बच्ची के कथित बलात्कार के बाद प्रवासी श्रमिकों के खिलाफ भड़की हिंसा को माना जा रहा है। गुजरात में तकरीबन 1 करोड़ प्रवासी श्रमिक होने का अनुमान है।

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सिंथेटिक टेक्सटाइल में गुजरात का योगदान 80 फीसदी

देश में कुल सिंथेटिक टेक्सटाइल्स के उत्पादन में गुजरात का योगदान करीब 80 फीसदी है। इन दिनों लगभग सभी सिंथेटिक टेक्सटाइल्स इकाइयां श्रमिकों की किल्लत का सामना कर रही हैं। छोटी इकाइयों मुख्य रूप से श्रमिकों की किल्लत से जूझ रही हैं। अधिकतर छोटी-मझोली इकाइयों का उत्पादन 20 से 25 फीसदी तक घट गया है। सिटी के आंकड़ों के मुताबिक करीब 10 करोड़ लोगों को टेक्सटाइल उद्योग में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। सरकार के प्रयासों से टेक्सटाइल एवं परिधानों का निर्यात बढ़ा है। वाणिज्यिक आसूचना एवं सांख्यिकी महानिदेशालय के अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक सिंतबर 2018 में टेक्सटाइल एवं परिधानों का निर्यात 11.8 फीसदी बढ़ा है। 

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