बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Companiesआपको मिल सकती है इलेक्ट्रिसिटी सर्विस प्रोवाइडर बदलने की सुविधा, सरकार ला रही है प्रस्ताव

आपको मिल सकती है इलेक्ट्रिसिटी सर्विस प्रोवाइडर बदलने की सुविधा, सरकार ला रही है प्रस्ताव

केन्‍द्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह का कहना है कि इस सुविधा के लिए बिजली मंत्रालय मौजूदा बिजली कानून में संशोधन के लिए आगा

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नई दिल्‍ली. केन्‍द्र सरकार नागरिकों को टेलीकॉम कंपनियों की तरह इलेक्ट्रिसिटी सर्विस प्रोवाइडर बदलने की सुविधा देने पर विचार कर रही है। केन्‍द्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह का कहना है कि इस सुविधा के लिए बिजली मंत्रालय मौजूदा बिजली कानून में संशोधन के लिए आगामी बजट सत्र में प्रस्‍ताव रखेगा और अगर यह पास हो जाता है तो उपभोक्‍ता के पास बिजली सप्‍लायर कंपनी को बदलने का विकल्‍प होगा। 

 

एक या दो हफ्ते में आ जाएगा ड्राफ्ट 

आरके सिंह ने कहा कि हम बिजली कानून में कई संशोधन कर रहे हैं। ये संशोधन कैरिएज और कंटेंट बिजनेस को अलग करने की सुविधा उपलब्‍ध कराएंगे। इस बारे में सिंह के पास अगले एक या दो हफ्ते में ड्रॉफ्ट आ जाएगा। इसके बाद इसे बजट सत्र में पास कराने की कोशिश की जाएगी। कैरिएज और कंटेंट बिजनेस में अलगाव से उपभोक्‍ता के पास टेलीकॉम कंपनियों की तरह ही एक ही इलाके में विभिन्‍न इलेक्ट्रिसिटी सर्विस प्रोवाइडर में से एक को चुनने का विकल्‍प होगा। 

 

और भी कई संशोधनों का रखेंगे प्रस्‍ताव 

सिंह ने आगे कहा कि अगर बिल पास हो जाता है तो उसके बाद मंत्रालय राज्‍यों के साथ मिलकर डिस्‍कॉम की डिस्‍ट्रीब्‍यूशन और सप्‍लाई विंग को अलग करने के लिए रोडमैप तैयार करेगा। इसके बाद एक इलेक्ट्रिसिटी सप्‍लाई एरिया में एक से ज्‍यादा सप्‍लायर्स को फ्रेंचाइजी देने के लिए सप्‍लाई विंग में एकाधिकार को खत्‍म किया जाएगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि संशोधनों के जरिए रिन्‍युएबल परचेज ऑब्‍लीगेशन (RPO) का कड़ाई से अनुपालन भी करवाया जाएगा। इसके अलावा संशोधन बिल के जरिए टैरिफ पॉलिसी को अनिवार्य बनाया जाएगा ताकि क्रॉस सब्सिडी को 20 फीसदी से कम रखा जा सके। इसका अर्थ है कि सबसे ज्‍यादा और सबसे कम टैरिफ दरों के बीच अंतर 20 फीसदी से ज्‍यादा नहीं होना चाहिए। बिल के जरिए किसानों को सब्सिडी का सीधे हस्‍तांतरण भी उपलब्‍ध कराया जाएगा ताकि बिजली की खपत में बचत को बेहतर किया जा सके। 

 

भविष्‍य में बढ़ेगी बिजली की मांग 

सिंह ने कहा कि आने वाले समय में बिजली की मांग की ग्रोथ रेट बेहतर होगी और इसकी दो वजह हैं। पहली हम दिसंबर 2018 तक सौभाग्‍य योजना के तहत और 4 करोड़ उपभोक्‍ताओं को लाने वाले हैं और दूसरा इंडस्ट्रियल गोथ बिजली की खपत में और डिमांड का निर्माण करेगी। मंत्री का यह भी विचार है कि भविष्‍य में देश में बिजली की प्रति व्‍यक्ति खपत भी बढ़ेगी। भारत में अभी यह खपत 1,075 यूनिट्स है, जबकि यूरोप में 5000-6000 यूनिट्स और अमेरिका में लगभग 11000 यूनिट्स है।

 

24 घंटे बिजली का भी रखा जाएगा प्रस्‍ताव 

गांवों के विद्युतीकरण पर सिंह ने कहा कि जम्‍मू और कश्‍मीर के कुछ इलाकों में अभी बर्फ पड़ रही है, इसलिए उन इलाकों में यह काम मार्च या अप्रैल से शुरू होगा। अरुणाचल प्रदेश में यह प्रक्रिया अगले साल जनवरी या फरवरी तक पूरी हो जाएगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि वह कैबिनेट के समक्ष मार्च 2019 से 24 घंटे बिजली देने का प्रस्‍ताव रखेंगे। प्राकृतिक या टेक्निकल फॉल्‍ट के अलावा अन्‍य किसी भी वजह से लोड शेडिंग नहीं की जाएगी और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। 24 घंटे बिजली देने से टैरिफ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

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