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पिता बताना चाहता है आप बीती, बेटा अटका रहा है रोड़े

बेटा प्राइवेट जेट और फरारी का करता है यूज, बाप ने लगाया घर से निकालने का आरोप

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नई दिल्ली। जमीन से आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले विजयपत सिंघानिया को उनके बेटे गौतम सिंघानिया अपनी आप बीती लिखने से रोकना चाहते हैं। विजयपत सिंघानिया अपनी ऑटोबायोग्राफी लिखना चाहते हैं लेकिन उनके बेटे रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और एमडी गौतम सिंघानिया ने मुंबई की अदालत से अपने पिता की ऑटोबायोग्राफी पर रोक लगाने के अलावा उसकी स्क्रीप्ट मांग रहे थे जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। गौतम का कहना था कि उनकी पिता कि किताब से उनकी साख को चोट पहुंच सकती है।

 

बेटे ने पिता को अवकाशप्राप्त चेयरमैन के पद से भी हटाया

 

जमीन से आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले विजयपत सिंघानिया को उनके बेटे ने ही कंपनी से हटा दिया है। विजयपत सिंघानिया को एक लेटर भेज कर कहा है कि वह अब रेमण्ड ग्रुप के बोर्ड मेंबर नहीं रहे। गौतम ने अपने पिता से रेमण्ड ग्रुप के अवकाशप्राप्त चेयरमैन के पद से भी हटा दिया है। विजयपत सिंहानिया ने उन्हें बोर्ड मीटिंग में नहीं बुलाए जाने को लेकर कंपनी सेक्रेटरी और बोर्ड से कई बार शिकायत की। इन शिकायतों के कारण गौतम ने अफने पिता विजयपत सिंहानिया को अवकाशप्राप्त चेयरमैन के पद से भी हटा दिया।

 

साल 2015 में विजयपत ने उपहार में दिए थे बेटे को कंपनी के 50% से ज्यादा शेयर

 

साल 2015 में विजयपत ने रेमंड ग्रुप का कंट्रोलिंग स्टेक (50% से ज्यादा शेयर) अपने 37 वर्षीय पुत्र गौतम सिंघानिया को दे दिया था। साल 2007 में हुए समझौते के मुताबिक विजयपत को मुंबई के मालाबार हिल स्थित 36 महल के जेके हाउस में एक अपार्टमेंट मिलना था। इसकी कीमत बाजार मूल्य के मुकाबले बहुत कम रखी गई थी। बाद में कंपनी गौतम सिंघानिया के हाथों में आ गई तो उन्होंने बोर्ड को कंपनी की इतनी मूल्यवान संपत्ति नहीं बेचने की सलाह दी। इसी के चलते दोनों के बीच विवाद काफी बढ़ गया। उन्होंने अपने बेटे पर आरोप लगाया कि उन्होंने जिस बेटे को अपना पूरा कारोबार दिया उसी बेटे ने उन्हें अपने फ्लैट से निकाल दिया। अब विजयपत सिंघानिया अपनी प्रॉपर्टी वापस लेने के लिए कोर्ट में लडाई लड़ रहे हैं।

 

रेमण्ड को नए लेवल पर ले जाने के पीछे विजयपत का हाथ

 

सिंघानिया परिवार ने साल 1925 में ठाणे में रेमण्ड वुलन मिल की शुरुआत की। साल 1944 में लाला कैलाशपत सिंघानिया ने रेमण्ड मिल की कमांड संभाली। तब वह वुलन कंबल और वुलन फैबरिक बनाते थे लेकिन वह बाद में फैबरिक बनाने लगे। साल 1980 में कैलाशपत सिंघानिया के बेटे विजयपत सिंघानिया ने कंपनी की बागडोर संभाली। उनके समय में कंपनी पॉलिस्टर यार्न, डेनिम, कोल्ड रोल स्टील बनाने लगी। गौतम सिंघानिया 1990 में रेमण्ड ग्रुप के डायरेक्टर बने।

 

बाप के पास घर नहीं, बेटा के पास है महंगे जेट

 

विजयपत सिंघानिया का आरोप है कि उनके बेटे ने उन्हें घर से निकाल दिया है। पिता को कारोबार और घर से बेदखल करने वाले रेमण्ड ग्रुप के एमडी और चेयरमैन गौतम सिंघानिया फार्म हाउस में पार्टी करते हैं और उनके पास कई मंहगी कार और जेट हैं।

गौतम सिंघानिया का लाइफस्टाइल

 

- रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया के पास बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 लग्जरी बिजनेस जेट है। इसकी कीमत करीब 143 करोड़ रुपए है। इसका इंटीरियर उन्होंने स्वयं डिजाइन किया है। इसके अलावा उनके पास 3 शानदार हेलिकॉप्टर भी हैं।

 

- गौतम सिंघानिया का घर मुकेश अंबानी के घर एंटीलया से भी ऊंचा बना है। गौतम सिंघानिया का जेके हाउस मुंबई के ब्रीचकैंडी पर स्थित है। यह देश का दूसरा सबसे ऊंचा बंगला बताया जाता है। उनके इस घर में 37 फ्लोर है।

 

- गौतम बचपन से ही कारों के लिए क्रेजी रहे हैं। इसी बात को समझते हुए उनके पिता ने उनके 18वें जन्मदिन पर उन्हें प्रीमियर पद्मिनी 1100 कार गिफ्ट की थी।

 

- गौतम सिंघानिया के लग्जरी कार कलेक्शन में फरारी 458, लोटस एलिस, होन्डा एस 2000 और लेम्बोर्गिनी जैसी कारें शामिल हैं। इसके अलावा भी उनके पास कई लग्जरी कारें हैं।

 

- वे मोटर-कार रेस इवेंट्स के लिए स्पेशल कारें जो भारत में नहीं अवेलेबल होती हैं, उन्हें भी खासतौर पर विदेशों से मंगवाते हैं। रेसिंग का उन्हें काफी शौक है।

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