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Home » Industry » CompaniesWhen Gandhi ji addressed the annual session of FICCI

जिस संस्था को खड़ा करने में था गांधी का हाथ, आज उसकी सलाना कमाई है अरबों में

आज है संस्था का सालाना जलसा, सेलीब्रेट की जाएगी बापू की 150वीं जयंती

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नई दिल्ली. देश की सबसे बड़े औद्योगिक संस्था फेडरेशन ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) 14 से 19 दिसंबर 2018 तक अपना सालाना स्थापना दिवस मना रही है। फिक्की की स्थापना 1927 में हुई थी। इस संस्था को खड़ा करने में महात्मा गांधी का हाथ था। उन्होंने फिक्की के सालाना सेशन को 1 अप्रैल 1931 को संबोधित करते हुए संस्था के लिए एक विजन पेश किया। ऐसे में  फिक्की इस साल अपने स्थापना दिवस के मौके पर महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रही है।

 

बापू के योगदान का फिक्की के संबोधन में किया गया जिक्र

महात्मा गांधी से फिक्की के जुड़ाव के बारे में Gandhi's Delhi किताब में जिक्र किया गया है। बुक के लेखक विवेक शुक्ला के मुताबिक फिक्की के पीछे बापू का पूरा सहयोग और प्रोत्साहन था। गांधी ने फिक्की को संबोधित करते हुए कहा था कि इंडस्ट्री को गरीबों के नौकर और ट्रस्टी की तरह काम करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बापू के ये शब्द आज भी सही साबित हो रहे हैं। फिक्की वर्ष 1927 में 24 सदस्यों के साथ शुरू हुई थी, उस वक्त उसकी सालाना इनकम 2 लाख रुपए थी, जो आज कई अरबों की हो गई। फिक्की की शुरूआत 24 सदस्यों के साथ हुई थी, जो अब छोटे बड़े 500 चैंबर ऑफ कॉमर्स वाली संस्था बन गई है। इसमें हजारों लोग काम करते हैं।

 

आगे पढ़ें- जब गांधी जी ने मांग लिए थे फिक्की चेयरमेन की पत्नी के गहने

जब गांधी जी ने मांग लिए थे फिक्की चेयरमेन की पत्नी की गहने

डॉ. भरत राम 1963 में फिक्की के चेयरमैन थे। उन्होंने गांधी जी से जुड़ा एक किस्सा बताया कि डीसीएम समूह के चेयरमैन और उनके पिता लाला राम ने 1935 में उन्हें पत्नी समेत गांधी जी का आशीर्वाद लेने भेजा। उस वक्त गांधी जी दिल्ली के दरियागंज स्थित डॉ. अंसारी के घर में रहते थे, जब भरत राम अपनी पत्नी के साथ गांधी से मिलने पहुंचे, तो गांधी जी ने कहा कि देश के कल्याण में खर्च करने की खातिर वे किसी से गहने मांगने में भी नहीं हिचकिचाते हैं। यह बात भरत राम की पत्नी समझ गईं और उन्होंने अपने गहने उतारकर गांधी जी को दे दिए।

 

आगे पढ़ें-मैनेजमेंट गुरु गांधी को मानते है आइडियल 

मैनेजमेंट गुरु गांधी को मानते है आइडियल 

गांधी जी से देश-दुनिया के कई लीडर्स प्रभावित हुए। इसमें कई बिजनेसमैन और इंडस्ट्रियलिस्ट्स शामिल हैं। मैनेजमेंट गुरु सीके प्रह्लाद के मुताबिक कॉर्पोरेट इंडिया के लिए जरुरी है कि गांधी के आइडिया और उनकी लीडरशिप स्टाइल को सीखा जाए। अमेरिकी ऑटो सेक्टर के दिग्गज हेनरी फोर्ड गांधी जी से काफी प्रभावित थे। गांधी ने उन्हें अपने ऑटोग्राफ वाला एक चरखा भेजा था, जिसे फोर्ड अक्सर चलाते थे। वे उसे आर्थिक आजादी का प्रतीक मानते थे। 

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