Home » Industry » CompaniesIBM Red Hat deal

25 साल पहले पत्नी के सिलाई रूम से शुरू की कंपनी, 2.5 लाख करोड़ में बेच दी आईबीएम को

पत्नी ने की बिजनेस में बॉब की मदद

1 of

नई दिल्ली. रेड हैट कंपनी की शुरुआत बॉब यंग ने 1993 में अपनी पत्नी के सिलाई रूम से की थी, वहां उनकी पत्नी सिलाई करती थी। उस वक्त बॉब बेरोजगार हुआ करते थे और उन्हें पैसों की किल्लत थी, क्योंकि उन्हें कंप्यूटर किराए पर देने के बिजनेस में नुकसान हुआ था। ऐसे में बॉब ने किसी तरह फंडिंग जुटाकर कंपनी रेड हैट को खड़ा किया। इस काम में उनकी पत्नी ने उन्हें मदद की थी। अब उसी रेड हैट कंपनी को बॉब ने 2.5 लाख करोड़ रुपए में बेच दिया। पिछले हफ्ते ही आईटी कंपनी आईबीएम ने सॉफ्टवेयर कंपनी रेड हैट को खरीदने का ऐलान किया है। 

 

क्रिएटिव तरीके से जुटाया फंड

बॉब के पास कंपनी शुरू करने के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में उन्होंने बहुत ही क्रिएटिव तरीके से अपने लिए फंड इकट्‌ठा किया। उस वक्त कई बैंक क्रेडिट कार्ड ऑफर करते थे, जिसका बॉब ने फायदा उठाया। बॉब एक बैंक के क्रेडिट कार्ड से दूसरे बैंक का भुगतान करते थे। इस तरह उन्होंने आठ बैंकों से 16 लाख रुपए से ज्यादा फंड जुटा लिया था। क्रेडिट कार्ड से कर्ज अदा करने का आइडिया उनकी पत्नी नैंसी का था। दरअसल नैंसी की क्रेडिट रेटिंग अच्छी होने से ही रेड हैट का शुरुआती फंड जुटाया गया। हालांकि अब बॉब इस तरह की सलाह देने से बचते हैं। 

 

आगे पढ़ें- कैसे बॉब को उठाना पड़ा था नुकसान

शुरुआत में हुआ था नुकसान 

बॉब ने 1976 में टोरंटो यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद टाइपराइटर किराए पर देने का काम शुरू किया। लेकिन 1984 में बॉब ने इस बिजनेस को छोड़ दिया और कंप्यूटर किराए पर देने का काम शुरू किया। उन्होंने वेरनॉन कंप्यूटर रेंटल्स नाम की कंपनी शुरू ही की थी कि 1989 में मंदी आ गई। ऐसे में इस कंपनी को ग्रेवेस्ट कैपिटल को 29 करोड़ रुपए में बेच दिया। इस डील में बॉब को 5.80 करोड़ रुपए मिले थे और इस तरह बॉब फिर से बेरोजगार हो गए। उन्हें घर चलाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

 

आगे पढ़ें- बॉब ने नहीं मानी हार

 

बॉब ने नहीं मानी हार

 

कंप्यूटर के बिजनेस से इंडस्ट्री की बारीकियों को समझने वाले बॉब सेल्स मार्केट की कमियों का फायदा उठाते हुए ओपनसोर्स सॉफ्टवेयर बेचने लगे। वर्ष 1990 के दौरान उन्होंने रेड हैट कंपनी को एकमात्र ऐसी कंपनी बना दिया, जो ओपनसोर्स सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराती थी। उस वक्त माइक्रोसॉफ्ट व आईबीएम जैसी दिग्गज कंपनियां कस्टमर्स को ओपन सोर्स कोड नहीं मुहैया कराती थीं। 1998 से रेड हैट हर साल 19 रुपए करोड़ की बिक्री करने लगी। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट