आखिर बड़ा भाई आया छोटे के काम, बचा लिया जेल जाने से, अनिल अंबानी ने जताया भैया-भाभी के प्रति आभार

Anil Ambani Thanked Mukesh And Nita for helping clear Ericsson dues: देश के सबसे अमीर व्यापारी मुकेश अंबानी ने आखिरकार अपने भाई अनिल अंबानी को जेल जाने से बचा लिया। मुकेश अंबानी ने एरिक्सन का बकाया चुकाने में अनिल अंबानी की मदद की। अनिल अंबानी के पास स्वीडिश कंपनी Ericsson के 550 करोड़ रुपए बकाया थे, जिसमें से 458.77 करोड़ रुपए उन्हें रविवार तक चुकाने थे। अगर वे कल तक रुपए नहीं चुका पाते तो उन्हें तीन महीने के लिए जेल जाना पड़ता। रविवार को कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि एरिक्सन का 550 करोड़ रुपए का बकाया चुका दिया गया है।

Money Bhaskar

Mar 19,2019 01:50:00 PM IST

नई दिल्ली.

देश के सबसे अमीर व्यापारी मुकेश अंबानी ने आखिरकार अपने भाई अनिल अंबानी को जेल जाने से बचा लिया। मुकेश अंबानी ने एरिक्सन का बकाया चुकाने में अनिल अंबानी की मदद की। अनिल अंबानी के पास स्वीडिश कंपनी Ericsson के 550 करोड़ रुपए बकाया थे, जिसमें से 458.77 करोड़ रुपए उन्हें रविवार तक चुकाने थे। अगर वे कल तक रुपए नहीं चुका पाते तो उन्हें तीन महीने के लिए जेल जाना पड़ता। रविवार को कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि एरिक्सन का 550 करोड़ रुपए का बकाया चुका दिया गया है।

भैया-भाभी के लिए जताया आभार

अनिल अंबानी ने रविवार को आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, ‘मैं अपने आदरणीय बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता के इस मुश्किल वक्त में मेरे साथ खड़े रहने और मदद करने का तहेदिल से शुक्रिया करता हूं। समय पर यह मदद करके उन्होंने परिवार के मजबूत मूल्यों और परिवार के महत्व को रेखांकित किया है। मैं और मेरा परिवार बहुत आभारी है कि हम पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चुके हैं और उनके इस व्यवहार ने मुझे अंदर तक प्रभावित किया है।’

बच गए जेल जाने से

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अनिल अंबानी को मंगलवार तक एरिक्सन का बकाया चुकाना था, वरना उन्हें न्यायालय की मानहानि के मामले में जेल जाना पड़ता। आरकॉम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा भुगतान करने की तय समयसीमा खत्म होने से मात्र एक दिन पहले रविवार को एरिक्सन को 458.77 करोड़ रुपए के बकाये का भुगतान कर दिया। अनिल अंबानी के साथ-साथ आरकॉम की दो इकाइयों के चेयरमैन छाया विरानी और सतीश सेठ भी जेल जाने से बच गए।

सुप्रीम कोर्ट ने तीन माह जेल का सुनाया था फैसला

पिछले महीने इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इसे 'जानबूझ कर भुगतान नहीं करने' का मामला बताया और अंबानी को 'अदालत की अवमानना' का दोषी पाया। साथ ही कंपनी को आदेश दिया कि वह या तो चार हफ्ते के भीतर एरिक्सन के बकाए का भुगतान करे या अंबानी तीन माह जेल का कारावास भुगतें।

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