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44 अरब डॉलर के रत्‍नागिरि प्रोजेक्‍ट में ADNOC भी बनेगी पार्टनर, Saudi Aramco संग खरीदेगी 50% स्टेक

रिफाइनरी की क्षमता 6 करोड़ टन सालाना और पेट्रोकेमिकल कॉम्‍प्‍लैक्‍स की क्षमता 1.8 करोड़ टन सालाना होगी।

ADNOC joins Saudi Aramco to take stake in 44 billion dollar Ratanagiri refinery

नई दिल्‍ली. अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) महाराष्‍ट्र के रत्‍नागिरि में बनने वाली एक रिफाइनरी में हिस्‍सेदारी लेगी। इसके लिए कंपनी ने सोमवार को एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किए। इस प्रस्‍तावित रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्‍ट की लागत 44 अरब डॉलर है। रिफाइनरी की क्षमता 6 करोड़ टन सालाना और पेट्रोकेमिकल कॉम्‍प्‍लैक्‍स की क्षमता 1.8 करोड़ टन सालाना होगी। 

 

इस प्रोजेक्‍ट में सऊदी अरामको भी हिस्‍सेदार है। अरामको इस प्रोजेक्‍ट के जरिए भारत में फ्यूल रिटेलिंग समेत पूरी एनर्जी वैल्‍यु चेन में शामिल होना चाहती है। ADNOC और अरामको दोनों की प्रोजेक्‍ट में हिस्‍सेदारी 50 फीसदी होगी। बाकी की हिस्‍सेदारी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्‍तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) में बंटी हुई होगी। इससे पहले अप्रैल में ओरिजिनल प्रोजेक्‍ट साइन करते वक्‍त अरामको की प्रोजेक्‍ट में 50 फीसदी हिस्‍सेदारी थी। 

 

भारत के साथ नई ऊंचाई पर जाएगा स्‍ट्रैटेजिक बिजनेस इन्‍वेस्‍टमेंट

सऊदी अरामको के CEO व प्रेसिडेंट अमीन एच नासेर ने कहा कि इस प्रोजेक्‍ट के जरिए सऊदी अरब और संयुक्‍त अरब अमीरात दोनों के लिए भारत के साथ स्‍ट्रैटेजिक बिजनेस इन्‍वेस्‍टमेंट एक नई ऊंचाई पर पहुंच जाएगा। अरामको इस रिफाइनरी में केवल तेल रिफाइन नहीं करना चाहती, बल्कि वह उससे जुड़े प्रोडक्‍ट भी मार्केट में बेचना चाहती है। 

 

रिफाइनरी में कच्‍चे तेल का 50% हिस्‍सा अरामको करेगी सप्‍लाई

नासेर का कहना है कि सऊदी अरामको भारत के बड़े फुली इंटीग्रेटेड ऑयल बिजनेस में निवेश को बढ़ावा देगी। ऐसा कर कंपनी यहां के मार्केट को अच्‍छे से जानने वाली लोकल कंपनियों के साथ मिलकर पूरी वैल्‍यु चेन को कवर करना चाहती है। अप्रैल में हुए समझौते के मुताबिक, अरामको रिफाइनरी में प्रोसेसिंग के लिए आने वाले कच्‍चे तेल का 50 फीसदी सप्‍लाई करेगी। कच्‍चे तेल का कुछ हिस्‍सा अब ADNOC भी सप्‍लाई करेगी। नासेर ने आगे कहा कि 2040 तक तेल की डिमांड लगभग दोगुनी होकर 1 करोड़ बैरल प्रति दिन होने वाली है।

 

सऊदी अरब हमेशा से कच्‍चे तेल का विश्‍वसनीय सप्‍लायर

इस मौके पर ऑयल मिनिस्‍टर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सऊदी अरब हमेशा से ही भारत के लिए कच्‍चे तेल का विश्‍वसनीय सप्‍लायर रहा है। साथ ही यह भारत की एनर्जी सिक्‍युरिटी का एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा भी है। प्रोजेक्‍ट के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर आ रही परेशानियों और शिवसेना के विरोध के बारे में पूछे जाने पर प्रधान ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी स्‍टेकहोल्‍डर्स के साथ बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा, 'मैं खुद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने जाने वाला हूं। किसानों की चिंता को हम समझते हैं और उन्‍हें दूर किया जाएगा। इस प्रोजेक्‍ट को देश और महाराष्‍ट्र राज्‍य के लिए महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट बताते हुए प्रधान ने कहा कि इससे 2022 तक प्रोडक्‍शन शुरू हो जाएगा और 2025 तक पूरी क्षमता हासिल कर ली जाएगी।' 

 

2016-17 तक भारत के लिए तेल का सबसे बड़ा सप्‍लायर रहा है सऊदी

सऊदी अरब 2016-17 तक भारत के लिए तेल का सबसे बड़ा सप्‍लायर रहा। लेकिन पिछले ईराक ने इसे पीछे छोड़ दिया। 2016-17 में सऊदी अरब ने भारत को 3.95 करोड़ टन कच्‍चा तेल सप्‍लाई किया था, वहीं ईराक की उस वक्‍त की सप्‍लाई 3.75 करोड़ टन रही थी। लेकिन 2017-18 के पहले 11 महीनों में सऊदी ने भारत को 3.39 करोड़ टन कच्‍चे तेल की सप्‍लाई की, जबकि ईराक से 4.24 करोड़ टन कच्‍चा तेल आया। 

 

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