Advertisement
Home » इंडस्ट्री » कम्पनीजaccident insurance will not be mandatory in new vehicle

आज से गाड़ी खरीदने वालों को बड़ी राहत, इसके लिए नहीं देने होंगे पैसे

थर्ड पार्टी बीमा 2 लाख रुपए से बढ़कर 15 लाख रुपए होगा

accident insurance will not be mandatory in new vehicle

नई दिल्ली। साल 2019  ग्राहकों के लिए काफी अच्छा होने वाला है। नए साल में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में कई ऐसे बदलाव होने वाले हैं जिसका ग्राहकों को काफी हद तक लाभ मिलेगा। यह साल खासतौर से गाड़ी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए काफी अच्छा साबित होने वाला है। जी हां, आज से  गाड़ी खरीदते समय लोगों को दुर्घटना बीमा का अनिवार्य होना जरूरी नहीं है। एक जनवरी से वाहन खरीदने वाले ग्राहकों  के लिए   निजी दुर्घटना बीमा खरीदना जरूरी नहीं होगा। ग्राहको को मात्र थर्ड पार्टी बीमा लेना आवश्यक होगा। 

 

थर्ड पार्टी बीमा  2 लाख रुपए से बढ़कर 15 लाख रुपए होगा


बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDA) के मुताबिक, यदि ग्राहकों के पास पहले से निजी दुर्घटना बीमा है तो उन्हें गाड़ी खरीदते समय अलग से दुर्घना मबीमा लेना अनिवार्य नहीं होगा। वहीं यदि ग्राहकों के पास पहले से एक वाहन है तो दूसरे वाहन की खरीद पर उन्हें दुर्घटना बीमा लेना जरूरी नहीं होगा। IRDA के इस दिशानिर्देशों  के चलते  ग्राहकों पर पड़ने वाले बोझ को कम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं IRDA ने थर्ड पार्टी की सुरक्षा को देखते हुए बीमा कवर को बढ़ा दिया है। पहले थर्ड पार्टी बीमा  2 लाख रुपए था लेकिन नए साल से यह 15 लाख रुपए हो जाएगा। पॉलिसीबाजार के एक अधिकारी ने बताया कि निजी दुर्घटना बीमा जरूरी ना होने के बाद कंपनियां  अपने प्रीमियम को बढा़ने के लिए अन्य अपाय ढूंढेंगी। हो सकता है कि कंपनियां प्रीमियम के साथ कुछ पैकेज एड ऑन कर सकती हैं। ऐसे  में जरूरी है कि ग्राहक कंपनियों के प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन लुतना कर अपने लिए जो बेहतर हो उसे चुने।

Advertisement

 

वॉयस असिस्टेंट  से ग्राहकों की मदद कर रही हैं बीमा कंपनियां


इसी के साथ ही बैंकिंग और बीमा कंपनियां अपने ग्राहकों को बीमा के साथ-साथ वॉयस असिस्टेंट एलेक्सा भी दे रही हैं। अवीवा लाइफ इंश्योरेंस की चीफ कस्टमर, मार्केटिंग और डिजिटल ऑफीसर अंजलि मल्होत्रा का कहना है कि उनकी कंपनी और बाकी कंपनियां एलेक्सा जैसी वॉयस असिस्टेंट सेवा अपने ग्राहकों को दे रही हैं। अंजलि मल्होत्रा का कहना है कि कंपनियां ग्राहकों को सिर्फ प्रोडक्ट्स ही नहीं बल्कि उन्के परिवारों को  बच्चों की शिक्षा, बाकी बची नौकरी और जीवन से जुड़े जोखिम के आधार पर लचीले ऑनलाइन उत्पाद मुहैया कराती हैं।

Advertisement

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Advertisement