Home » Industry » CompaniesNCR builders did not provide possession even after 8 years of booking

बायर्स से 636 करोड़ लेकर आठ साल बाद भी नहीं दिए फ्लैट, एनसीआर के बिल्डरों से सावधान

3 बिल्डर हुए गिरफ्तार

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) खासकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद व गुड़गांव जैसी जगहों पर फ्लैट खरीदने जा रहे हैं तो अधिक सावधानी की जरूरत है। यहां के बिल्डर पैसे लेने के बाद भी कई बार सालों फ्लैट का कब्जा नहीं देते हैं। ऐसे ही एक मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने तीन बिल्डरों को गिरफ्तार किया है। इन बिल्डरों ने नोएडा सेक्टर-107 में सुपर लग्जरी फ्लैट्स बनाने की परियोजना शुरू की थी। इस प्रोजेक्ट में 328 लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे। एक फ्लैट की कीमत 3-5 करोड़ रुपए थी। इस प्रकार इन बिल्डरों ने बायर्स से प्रोजेक्ट के नाम पर 636 करोड़ रुपए वसूल लिए और उस राशि को कहीं और लगा दिए। इन बिल्डरों ने तीन साल में फ्लैट हैंडओवर करने का करार किया था, लेकिन आठ साल बीत जाने के बाद भी वे फ्लैट का पूरा निर्माण नहीं कर पाए थे। इन बिल्डरों के नाम सुरप्रीत सिंह, विदुर भारद्वाज और निर्मल सिंह है। पुलिस के मुताबिक ये तीनों मेसर्स हसीअंदा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स हैं।

 

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लोटस-300 नाम से बनाने थे टावर

पुलिस की सूचना के मुताबिक इन बिल्डरों को लोटस-300 नाम के 6 टावर बनाने थे जहां इन बायर्स को फ्लैट दिए जाने थे। इन बायर्स से मिले पैसे से फ्लैट नहीं बनाकर 191 करोड़ रुपए किसी दूसरे प्रोजेक्ट में लगा दिए। दूसरी तरफ जो बायर्स से उनकी ईएमआई शुरू हो गई थी, लेकिन उन्हें फ्लैट नहीं मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे थे। हार कर इन लोगों ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इन तीनों डायरेक्टर्स को धर-दबोचा।

 

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गुड़गांव में भी ये बिल्डर बनाते थे फ्लैट्स

पुलिस के मुताबिक इन बिल्डरों ने कई कंपनी बना रखी हैं जो कंस्ट्रक्शन का काम करती है। ये नोएडा-ग्रेटर नोएडा के साथ कई नामी कंपनियों के साथ मिलकर गुड़गांव में भी फ्लैट बनाने का काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक इनमें से एक डायरेक्टर निर्मल सिंह ने आईआईटी से पढ़ाई कर रखी है। इन तीनों डायरेक्टर्स ने 2010 में इस परियोजना की शुरुआत की थी। इस साल मार्च में बायर्स ने इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि पुलिस की जांच में नौ महीने लग गए, लेकिन अब पुलिस इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक नोएडा ग्रेटर नोएडा में बायर्स से पैसे लेकर तय समय पर फ्लैट नहीं देने के कई मामले हैं। लेकिन बायर्स कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से परहेज करते हैं। शिकायत करने पर कार्रवाई देर-सवेर जरूरत होत है।   

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