जुर्माना देने से सस्ता है पॉलिसी खरीदना, 19 फीसदी लोग इंश्योरेंस कराने को जुर्माने से महंगा मानते हैं

19 percent of people consider insurance as costly as fines कोको बाय डीएचएफएल जनरल इंश्योरेंस ने उपभोक्ता अनुसंधान के क्षेत्र में कोको बैरोमीटर नाम से प्रमुख पहल के रूप में किए गए सर्वेक्षण के नतीजों का खुलासा किया है। सर्वे का लक्ष्य कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय भारतीय उपभोक्ताओं की मानसिकता और व्यवहार को समझना था। कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय बातचीत को प्रोत्साहित करने, निहित कारकों के प्रति जागरूक रहने और उपभोक्ताओं के व्‍यवहार को समझने के लिए यह अध्ययन किया गया। सर्वे में देश के प्रमुख मेट्रो शहरों, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के 1025 प्रतिसादियों से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने संबंधी सवाल पूछे गए।

Money Bhaskar

Apr 03,2019 05:08:00 PM IST

नई दिल्ली। कोको बाय DHFL जनरल इंश्योरेंस ने उपभोक्ता अनुसंधान के क्षेत्र में कोको बैरोमीटर नाम से प्रमुख पहल के रूप में किए गए सर्वेक्षण के नतीजों का खुलासा किया है। सर्वे का लक्ष्य कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय भारतीय उपभोक्ताओं की मानसिकता और व्यवहार को समझना था। कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय बातचीत को प्रोत्साहित करने, निहित कारकों के प्रति जागरूक रहने और उपभोक्ताओं के व्‍यवहार को समझने के लिए यह अध्ययन किया गया। सर्वे में देश के प्रमुख मेट्रो शहरों, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के 1025 प्रतिसादियों से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने संबंधी सवाल पूछे गए।

पॉलिसी का स्टेटस : सर्वे में भाग लेने वाले 25 फीसदी लोगों ने दावा किया कि वह अपनी कार इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू कराना भूल गए

मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में किए गए कोको बैरोमीटर सर्वेक्षण के अनुसार सर्वे में भाग लेने वाले करीब 74 फीसदी लोगों के पास एक्टिव कार इंश्योरेंस पॉलिसी है। बाकी 26 फीसदी लोगों की इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स हो चुकी है। उनका दावा है कि इंश्योरेंस कंपनी ने पॉलिसी के रिन्यूवल के संबंध में उन्हें याद नहीं दिलाया या वह समय पर अपनी पॉलिसी का नवीनीकरण कराना भूल गए। स्टडी में यह खुलासा किया गया कि बेंगलुरु के 27 फीसदी लोग अपनी बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण न होने और उसके लैप्स होने का दोष बीमा कंपनियों को नहीं देते और इंश्योरेंस पॉलिसी का रिन्यूवल कराना अपनी जिम्मेदारी और कर्त्तव्य मानते हैं, जबकि इसके ठीक उलट ट्रेंड मुंबई और दिल्ली में देखा जा सकता है। जहां मुंबई में 44 फीसदी लोगों ने अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी का रिन्यूवल न होने की जिम्मेदारी बीमा कंपनियों पर डाली, वहीं दिल्ली में 36 फीसदी लोगों ने कहा कि बीमा कंपनियों ने उन्हें समय पर उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी के रिन्यूवल के सबंध में याद नहीं दिलाया।

इंश्योरेंस पॉलिसी के लैप्स होने का कारण : सर्वे में 19 फीसदी लोगों ने दावा किया कि जुर्माना देना इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से ज्यादा सस्ता है

सर्वे में हर 10 में से 4 लोगों का कहना था कि इंश्योरेंस पॉलिसी का रिन्यूवल न कराने पर ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें पकड़ा था। दिल्ली में सबसे ज्यादा 43 फीसदी लोग कार इंश्योरेंस पॉलिसी का नवीनीकरण न कराने की वजह से ट्रैफिक पुलिस की गिरफ्त में आए। वहीं इस मामले में सबसे कम 33 फीसदी लोग मुंबई में पकड़े गए। ट्रैफिक पुलिस की ओर से पकड़े जाने के बाद सर्वे में शामिल 4 लोगों में से एक व्यक्ति ने इंश्योरेंस पॉलसी नहीं खरीदी। उपभोक्ता इस तथ्य से बिल्कुल अनजान थे कि जुर्माना देना इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने की तुलना में ज्यादा महंगा पड़ता है।

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