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जुर्माना देने से सस्ता है पॉलिसी खरीदना, 19 फीसदी लोग इंश्योरेंस कराने को जुर्माने से महंगा मानते हैं

इंश्योरेंस कंपनी का खुलासा, 25 फीसदी लोग पॉलिसी रिन्यु कराना भूल जाते हैं

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नई दिल्ली। कोको बाय DHFL जनरल इंश्योरेंस ने उपभोक्ता अनुसंधान के क्षेत्र में कोको बैरोमीटर नाम से प्रमुख पहल के रूप में किए गए सर्वेक्षण के नतीजों का खुलासा किया है। सर्वे का लक्ष्य कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय भारतीय उपभोक्ताओं की मानसिकता और व्यवहार को समझना था। कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय बातचीत को प्रोत्साहित करने, निहित कारकों के प्रति जागरूक रहने और उपभोक्ताओं के व्‍यवहार को समझने के लिए यह अध्ययन किया गया। सर्वे में देश के प्रमुख मेट्रो शहरों, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के 1025 प्रतिसादियों से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने संबंधी सवाल पूछे गए।

पॉलिसी का स्टेटस : सर्वे में भाग लेने वाले 25 फीसदी लोगों ने दावा किया कि वह अपनी कार इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू कराना भूल गए

मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में किए गए कोको बैरोमीटर सर्वेक्षण के अनुसार सर्वे में भाग लेने वाले करीब 74 फीसदी लोगों के पास एक्टिव कार इंश्योरेंस पॉलिसी है। बाकी 26 फीसदी लोगों की इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स हो चुकी है। उनका दावा है कि इंश्योरेंस कंपनी ने पॉलिसी के रिन्यूवल के संबंध में उन्हें याद नहीं दिलाया या वह समय पर अपनी पॉलिसी का नवीनीकरण कराना भूल गए। स्टडी में यह खुलासा किया गया कि बेंगलुरु के 27 फीसदी लोग अपनी बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण न होने और उसके लैप्स होने का दोष बीमा कंपनियों को नहीं देते और इंश्योरेंस पॉलिसी का रिन्यूवल कराना अपनी जिम्मेदारी और कर्त्तव्य मानते हैं, जबकि इसके ठीक उलट ट्रेंड मुंबई और दिल्ली में देखा जा सकता है। जहां मुंबई में 44 फीसदी लोगों ने अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी का रिन्यूवल न होने की जिम्मेदारी बीमा कंपनियों पर डाली, वहीं दिल्ली में 36 फीसदी लोगों ने कहा कि बीमा कंपनियों ने उन्हें समय पर उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी के रिन्यूवल के सबंध में याद नहीं दिलाया।

इंश्योरेंस पॉलिसी के लैप्स होने का कारण : सर्वे में 19 फीसदी लोगों ने दावा किया कि जुर्माना देना इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से ज्यादा सस्ता है

सर्वे में हर 10 में से 4 लोगों का कहना था कि इंश्योरेंस पॉलिसी का रिन्यूवल न कराने पर ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें पकड़ा था। दिल्ली में सबसे ज्यादा 43 फीसदी लोग कार इंश्योरेंस पॉलिसी का नवीनीकरण न कराने की वजह से ट्रैफिक पुलिस की गिरफ्त में आए। वहीं इस मामले में सबसे कम 33 फीसदी लोग मुंबई में पकड़े गए। ट्रैफिक पुलिस की ओर से पकड़े जाने के बाद सर्वे में शामिल 4 लोगों में से एक व्यक्ति ने इंश्योरेंस पॉलसी नहीं खरीदी। उपभोक्ता इस तथ्य से बिल्कुल अनजान थे कि जुर्माना देना इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने की तुलना में ज्यादा महंगा पड़ता है।

इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के कारण : पॉलिसी खरीदते समय ''नियम कानून का पालन'' और ''कार की चिंता''  दोनों कारक समान रूप से महत्वपूर्ण है   

कोको बैरोमीटर के सर्वे में यह भी खुलासा किया गया कि कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय या उसका रिन्यूवल कराते समय कई कारक उपभोक्ता को प्रभावित करते हैं। सर्वे के नतीजों से पता चलता है कि ''कानून का पालन'' और ''अपनी कार की चिंता'' दो प्रमुख कारक समान रूप से किसी उपभोक्ता को इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते या उसका रिन्यूवल कराते समय प्रभावित करते हैं। यह खास कारक मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में अलग-अलग तरीकों से कार के मालिकों को प्रभावित करता है।

 

क्लेम सेटलमेंट : केवल 6 फीसदी ने दावा किया कि इंश्योरेंस कंपनी अपने वायदे के अनुसार मुआवजे का भुगतान नहीं करती

सर्वे में भाग लेने वाले हर 10 में से 4 प्रतिसादियों ने दावा किया कि कई ऐसे मामले हैं, जब उन्होंने क्लेम नहीं किया और उनके क्लेम न करने का मुख्य कारण उनमें नो क्लेम बोनस (एनसीबी) न मिलने का डर और क्लेम फाइल करने के दस्तावेजों से होने वाली परेशानी शामिल थी, हालांकि जिन लोगों ने इंश्योरेंस क्लेम फाइल किया, उनमें से केवल 6 फीसदी लोगों का कहना था कि बीमा कंपनियां अपने वायदे के अनुसार क्लेम का भुगतान नहीं देतीं।

 
कई तरह के कार इंश्योरेंस खरीदे जाते हैं : ज्यादाकर लोग ''कॉम्प्रिहेंसिव विद जीरो डेप्रिसिएशन'' कार इंश्योरेंस खरीदना पसंद करती है। 70 फीसदी कार मालिकों के पास यही बीमा पॉलिसी है। जहां तक कार इंश्योरेंस पॉलिसी का सवाल है, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में हर 10 में से 9 कार के मालिकों को यह अच्छी तरह पता होता है कि उनकी कार के कौन-कौन से हिस्से को बीमा पॉलिसी के तहत कवर किया गया है। कोको बैरोमीटर के अनुसार ''कॉम्प्रिहेंसिव विद जीरो डेप्रिसिएशन'' पॉलिसी ही ज्यादातर लोग लेना पसंद करते हैं। हर 10 में से 7 कार ओनर्स के पास यही पॉलिसी हैं। इसके अलावा कोको बैरोमीटर के सर्वे में यह भी खुलासा किया गया कि ''थर्ड पार्टी ओनली'' इंश्योरेंस पॉलिसी कार के मालिकों को सबसे कम पसंद है।

कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के सबसे पंसदीदा तरीके : सर्वे में शामिल हर 10 में से 6 लोग “सीधे कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन जाकर” कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना या उसका रिन्यूवल कराना पसंद करते हैं।

सर्वे के अनुसार मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के ज्यादातर कार मालिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के इच्छुक है, बशर्ते उन्हें अच्छे दामों और छूट पर कार इंश्योरेंस मुहैया कराया जाए और उन्हें पॉलिसी के कवरेज एरिया और उसकी विशेषताओं और फीचर्स के बारे में स्पष्ट जानकारी हो। केवल 2 फीसदी लोग यह दावा करते हैं कि उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भरोसा नहीं है। सर्वे में शामिल लोगों का कहना था कि वह ऑनलाइन पॉलिसी खरीदना इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि उसमें उन्हें कोई परेशानी नहीं होती और इसके लिए कम से कम पेपर वर्क की जरूरत होती है। लोगों का मानना है कि इंटरनेट पर इंश्योरेंस कंपनियों के संबंध में काफी बहुमूल्य जानकारी है।

इंश्योरेंस ऐड ऑन कवर के संबंध में जागरूरकता  : सर्वे में शामिल हर 10 में से 8 कार इंश्योरेंस खरीदने वाले लोगों को एड ऑन कवर की जानकारी थी। एड ऑन कवर कार बीमा पालिसी के बेस कवर का दायरा बढ़ा देते हैं। इससे प्रीमियम भी बढ जाता है। पॉलिसी धारकों में 73 फीसदी तक जीरो डेप्रिसिएशन, 54 फीसदी तक इंजन की सुरक्षा 56फीसदी तक पर्सनल एक्सिडेंट कवर, 52 फीसदी तक नो-क्लेम बोनस (NCB) जैसे पॉपुलर ऐड ऑन कवर है, जो कंपनियां मुहैया कराती हैं।

कोको बाय डीएचएफएल जनरल इंश्योरेंस एमडी और सीईओ श्री विजय सिन्हा ने कहा, “कार इंश्योरेंस खरीदने के समय उपभोक्ताओं के बर्ताव और जागरूकता का पता लगाने के लिए हमने यह सर्वे किया। हालांकि यह रिसर्च कार बीमा के संबंध में जागरूकता की ओर इशारा करता है, लेकिन इस मामले में कारर्वाई या किसी महत्वपूर्ण पहल के अभाव में लोग इसके लाभ से वंचित रह जाते हैं। ज्यादातर लोग मौजूदा दौर में रहते हैं और वह भविष्य में होने वाली दुर्घटना या त्रासदी के बारे में नहीं सोचते। इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना उन्हें पैसे की बर्बादी या पैसे को बेकार नाली में फेंकना लगता है। लोग पैसे बचाने के लिए जुर्माना भरने का जोखिम लेकर बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाना पसंद करते हैं। इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि होने के नाते हमारा मानना है कि कार इंश्योरेंस के संबंध में जागरूकता उत्पन्न करने में हमारी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस मामले में कंपनी पारदर्शी प्रॉडक्ट्स ऑफर कर बीमा पॉलिसी लेने की प्रक्रिया को साधारण बनाती है।

कोको बैरोमीटर ने कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय उपभोक्ताओं के व्यवहार के गंभीर पहलू को उजागर किया है। हमारी स्टडी ब्रैंड्स के लिए अपनी टारगेट ऑडियंस में जागरूकता जगाने का एक बेमिसाल मौका है और यह स्टडी इंश्योरेंस की प्रक्रिया को सरल बनाकर उपभोक्ताओं की परेशानी को कम करता है।

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