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एसबीआई की हर शाखा में रोजाना वापस आ रहे हैं 1000-1500 एटीएम कार्ड, लाख से अधिक लोग हो गए हैं बिना एटीएम कार्ड के

31 दिसंबर 2018 के बाद काम नहीं करेंगे बिना चिप वाले डेबिट कार्ड

1500 ATM cards coming back in every branch of SBI
 देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की हर शाखा में इन दिनों रोजाना 1000-1500 एटीएम कार्ड लौट कर आ रहे हैं। दूसरी तरफ एसबीआई के कम से कम एक लाख से अधिक ग्राहक इन दिनों बिना एटीएम के हो गए हैं। उनके खाते में पैसे हैं, लेकिन वे एटीएम से उसकी निकासी नहीं कर सकते हैं। 

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की हर शाखा में इन दिनों रोजाना 1000-1500 एटीएम कार्ड लौट कर आ रहे हैं। दूसरी तरफ एसबीआई के कम से कम एक लाख से अधिक ग्राहक इन दिनों बिना एटीएम कार्ड के हो गए हैं। उनके खाते में पैसे हैं, लेकिन वे एटीएम से उसकी निकासी नहीं कर सकते हैं। पैसे निकालने के लिए इन दिनों ऐसे ग्राहकों को ब्रांच जाना पड़ रहा है या फिर अपने चेकबुक का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। जिनके चेकबुक खत्म हो गए हैं, उनका हाल और बुरा है। एसबीआई के प्रबंधकों का कहना है कि बैंक में स्टाफ की भारी कमी की वजह से ग्राहकों के पास सही समय पर एटीएम कार्ड नहीं पहुंच रहे हैं। आरबीआई की अधिसूचना के मुताबिक बिना चिप वाले कोई भी डेबिट कार्ड 31 दिसंबर, 2018 के बाद काम नहीं करेंगे। 

एसबीआई ने भी इस संबंध में अपने उपभोक्ताओं को सूचित किया और 15 दिसंबर, 2018 से बिना चिप वाले डेबिट कार्ड को ब्लाक कर दिया। एसबीआई की तरफ से ग्राहकों को उनके घर पर नए एटीएम कार्ड भेजे भी गए, लेकिन एसबीआई के अधिकारियों के मुताबिक ग्राहकों द्वारा कार्ड रिसीव करने से ज्यादा कार्ड बैंक में वापस आ रहे हैं। दिल्ली रोहिणी सेक्टर-7 ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि इन दिनों रोजाना 1000-1500 एटीएम ब्रांच में वापस आ रहे हैं और कमोबेश सभी ब्रांच में इसी संख्या में एटीएम कार्ड की वापसी हो रही है। उन्होंने बताया कि हजारों की संख्या के ग्राहकों के पता बदल गए हैं और उन्होंने अपने नए पते का ब्योरा बैंक में अपडेट नहीं कराया है। कई ऐसे ग्राहकों के एटीएम कार्ड भी ब्रांच में लौट रहे हैं जो डाकिया के पहुंचने पर घर में नहीं थे। एसबीआई अधिकारियों ने बताया कि अगर डाक विभाग प्राइवेट कुरियर की तरह थोड़ा मुस्तैद होता तो यह नौबत नहीं आती। प्राइवेट कुरियर वाले घर में कोई नहीं मिलने पर फोन करते हैं और उनका नया पता लेकर भी उस जगह पर डिलिवरी दे देते हैं।

 

लौट कर आने वाले एटीएम को देखने वाला कोई नहीं ब्रांच में


रोहिणी सेक्टर-7 में रहने वाली दीपा श्रीवास्तव ने बताया कि बीते 15 दिसंबर को उनके पास मैसेज आ गया था कि उनका एटीएम कार्ड वापस हो गया है, लेकिन 15 दिनों के बाद रोहिणी सेक्टर-7 के एसबीआई ब्रांच में जाने पर उन्हें कहा गया कि अभी कम से कम और15 दिनों के बाद आना। पूछने पर बताया गया कि लौटने वाले एटीएम कार्ड के नंबर एवं नाम को हाथ से रजिस्टर में चढ़ाया जाएगा और फिर ग्राहक उस रजिस्टर में अपना नाम चेक करेंगे। जिनका नाम दिख जाएगा, उसे एटीएम कार्ड दिए जाएंगे, नहीं तो नए एटीएम कार्ड मिलने में छह महीने भी लग सकते हैं। गौरतलब है कि एसबीआई प्रबंधन खुद को सबसे हाईटेक होने का दावा करता है, लेकिन दिल्ली जैसे मेट्रो शहर में एसबीआई की शाखा में स्टॉफ मैनुअल काम करते हैं और जाने पर ग्राहकों को रजिस्टर में अपना नाम चेक करने के लिए रजिस्टर पकड़ा देते हैं।

 

डीजीएम को मामला सौंपने की बात

 

उन्होंने बताया कि ब्रांच में कहा गया कि स्टॉफ की भारी कमी है, इसलिए एटीएम कार्ड का काम काफी स्लो चल रहा है। इस संबंध में मनी भास्कर की तरफ  से दिल्ली रिजन एसबीआई के उच्च पदस्थ अधिकारियों से बातचीत करने पर कहा गया कि डीजीएम स्तर के अधिकारी को इस मामले को देखकर ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए कहा गया है।

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