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अब उद्योग आधार के नाम पर फर्जीवाड़ा, बिहार में हो गए 7 लाख रजिस्ट्रेशन

छोटे कारोबारियों के लिए शुरु किए गए उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा होने की आशंका है।

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नई दिल्ली। छोटे कारोबारियों के लिए शुरु किए गए उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा होने की आशंका है। देश के कई राज्यों में उद्योगों की संख्या से ज्यादा उद्योग आधार नंबर बन गए हैँ। हालत यह है कि अकेले बिहार में 7 लाख से ज्यादा उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन हुए हैं। जो कि पूरे देश में सबसे ज्यादा है, जबकि महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात जैसे इंडस्ट्रियल रुप से डेवलप राज्यों में उद्योग आधार का रजिस्ट्रेशन बिहार की तुलना में काफी कम है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है सरकारी स्कीम में फायदा मिल जाए, इसके लिए कई लोग फर्जी तरीके उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन ले रहे हैं।

 

बिहार में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन

 

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय से moneybhaskar.com को मिली जानकारी के अनुसार देश में अभी तक 38 लाख से ज्यादा उद्योग आधार नंबर जारी हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु , महाराष्ट्र में रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

 

प्रमुख राज्यों में ये है स्थिति

 

 

राज्य

उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन

बिहार

725723

उत्तर प्रदेश

531185

तमिलनाडु

455195

महाराष्ट्र

347500

गुजरात

383971

मध्य प्रदेश

266223

 

बिहार एसोसिएशन ने जांच की मांग की

 

बिहार इंडस्‍ट्रीज एसोसिएशन के प्रेसिडेंट केपीएस केशरी ने moneybhaskar.com से कहा कि हमें भी पता चला है कि बिहार में बड़ी संख्या में उद्योग आधार का रजिस्‍ट्रेशन कराया जा रहा है। इसमें गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए हमने राज्‍य सरकार से इस मामले की जांच करने की मांग की है। हमें लगता है कि कुछ प्राइवेट कंसलटेंट गड़बड़ी कर रहे हैं और छोटे-छोटे ट्रेडर्स को भी रजिस्‍ट्रेशन का झांसा देकर उद्योग आधार नंबर दिलवा रहे हैं। हालांकि उद्योग आधार से उन्‍हें कुछ बेनिफिट नहीं होने वाला। हमें उम्‍मीद है कि जल्‍द इसमें हुए फर्जीवाड़े का पर्दाफाश होगा।

 

बड़े फर्जीवाड़े की आशंका

 

फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज के सेक्रेटरी अनिल भारद्वाज के अनुसार ये आंकड़े सरप्राइजिंग है। प्रमुख इंडस्ट्रियल स्टेट की तुलना में बिहार में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन होना सरप्राइज करता है। ऐसे में इसकी जांच होनी चाहिए। जहां तक रजिस्ट्रेशन से होने वाले फायदे की बात है, तो ये लेना आसान नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रजिस्ट्रेशन में तो आवेदक सेलफ् डिक्लेयरेशन करता है, उसके बाद सरकार की स्कीम का फायदा लेने के लिए उसे ऑरिजनल डॉक्युमेंट्स देने पड़ेंगे। ऐसे में गलत तरीके से फायदा मिलने की संभावना कम है।

 

कैसे मिलता है उद्योग आधार नंबर

 

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले को गंभीरता से लेने की तैयारी है। साथ ही जरुरत पड़ने पर नियमों को सख्त किया जा सकता है। हालांकि अभी कोई भी व्यक्ति अपने आधार नंबर, बिजनेस डिटेल आदि ऑनलाइन फाइल कर उद्योग आधार नंबर फ्री में ले सकता है। सरकार इसके जरिए छोटे कारोबारियों के बिजनेस रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान करना चाहती है। जिसके बाद कारोबारियों के लिए बिजनेस करना भी आसान हो सकेगा।

 

क्या मिलता है फायदा

 

उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कारोबारी के लिए सरकार द्वारा चलाई गई स्कीम के लिए अप्लाई करना आसान हो जाता है। खास तौर से क्रेडिट गारंटी स्कीम, सस्ते लोन, सरकारी खरीद में भागीदारी आदि का प्रोसेस आसान हो जाता है। हालांकि किसी भी स्कीम का फायदा लेते समय कारोबारी को ऑरिजनल डॉक्युमेंट्स देना भी पड़ता है।

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