ऐलान /विदेशी कंपनियों को टक्कर देने के लिए सहारा इंडिया ने भी लांच की इलेक्ट्रिक स्कूटर व बाइक

money bhaskar

Jun 05,2019 01:18:38 PM IST

नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी पैराबैंकिंग कंपनी सहारा इंडिया ने मंगलवार को इलेक्ट्रिक वाहनों की विशाल रेंज के साथ आटोमोबाइल क्षेत्र में पदार्पण की घोषणा की है। कंपनी ने ‘सहारा इवॉल्स’ ब्रांड के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की विशालतम शृंखला पेश की जिसमें अत्याधुनिक तकनीक से लैस इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक, तिपहिया वाहन एवं मालवाहक वाहन शामिल हैं। समूह का दावा है कि उनका उपक्रम देश में पहली बार बैटरी चार्जिंग एवं स्वैपिंग स्टेशन का नेटवर्क भी उपलब्ध कराएगा। गौरतलब है कि सहारा इंडिया का सेबी के साथ विवाद का मामला लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। सहारा प्रमुख सुब्रत राय को 23 हजार करोड़ रुपए के फ्रॉड मामले में जेल भी जाना पड़ा था। अब वे नए सिरे से अपने कारोबार की जमावट कर रहे हैं।

इस साल टियर टू व टियर थ्री में चालू होगी बिक्री

‘सहारा इवॉल्स’ ने टियर टू एवं टियर थ्री शहरों में अपना ईको सिस्टम चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा है जबकि अगले वित्तीय वर्ष में पूरे भारत में ‘सहारा इवॉल्स’ के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। सहारा इवाल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदित्य बनर्जी ने यहां पत्रकारों से कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिये सरकार इलेक्ट्रिक वाहनो के प्रचलन को बढावा दे रही है और इसकी खरीद में आकर्षक छूट का प्रस्ताव भी दे रही है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत सहारा इवॉल्स ने आटोमोबाइल के क्षेत्र में उतरने का फैसला लिया है।

यह है खासियत

‘सहारा इवॉल्स’ वाहन आधुनिक इलेक्ट्रिक मोटरों एवं ड्राइवटेन पर काम करते हैं जो कि जर्मन इंजीनियरिंग द्वारा डिज़ाइन एवं विकसित की गई है। सामान्य वाहनों की तुलना में इवॉल्स इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक एवं डिज़ाइन, त्वरित पिकअप, ध्वनिरहित क्रूजिंग और कम बैटरी खर्च तथा अधिक लंबी ड्राइव में पांच गुना तक कम मेंटेनेंस व्यय देती है।

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6.5 करोड़ नौकरियों के लिए सरकार का है फोकस

मोदी सरकार के थिंक टैंक माने जाने वाले 'नीति आयोग' ने नई सरकार के गठन के पहले ही वाहन उद्योग के लिए जबरदस्‍त एक्‍शन प्‍लान तैयार कर लिया था। इसके तहत इलेक्ट्रिक टू व्‍हीलर और 3 व्‍हीलर की बिक्री को बढ़ावा देना सुनिश्चित किया गया है। नीति आयोग चाहता है कि सरकार 31 मार्च, 2023 तक सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री व्‍हीलर की बिक्री सुनिश्चित करे। ये वाहन लिथियम ऑयन या एडवांस्ड केमिकल आधारित होंगे। नीति आयोग का यह भी मानना है कि फेम 2 योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक थ्री व्‍हीलर पर दी जाने वाली सब्सिडी 10000 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी जाए। इससे आम आदमी के लिए इलेक्ट्रिक थ्री व्‍हीलर खरीदना और सुगम होगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन के तहत वर्ष 2020 तक 7 मिलियन इलेक्ट्रिक वाहनों को सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2030 तक 30% ई मोबिलिटी का लक्ष्य है। ऑटोमोटिव मिशन प्लान 2026 का अनुमान है इस कार्यक्रम से ऑटो सेक्टर में 6.5 करोड़ नौकरियां सृजित होंगी।

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विदेशी कंपनियां है दौड़ में


चीन की कंपनियों के साथ ही ताइवान, जापानी और दक्षिण कोरिया की कंपनियां इलेक्ट्रक व्हीकल में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं। जबकि देश में पहले से स्थापित टाटा, बजाज ऑटो व हुंडई आदि भी अपने आपको तैयार कर रही हैं। हाल ही में जापान की कंपनी पैनासॉनिक (Panasonic) देश के 25 शहरों में एक लाख स्‍ट्रॉन्‍ग चार्जिंग स्‍टेशन लगाने की तैयारी की है। कंपनी का उद्देश्‍य कि भारत में जैसे जगह-जगह पेट्रोल पंप खुले हैं, उसी तरह चार्जिंग स्‍टेशन भी हों। कंपनी का फोकस भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए उसके मुकाबले चार्जिंग स्‍टेशन उपलब्‍ध कराने का है। कंपनी पार्किंग स्‍टेशन, मॉल, पेट्रोल पंप आदि पर चार्जिंग स्‍टेशन लगाएगी।

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