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GST से बढ़ेगी छोटी कारों की डि‍मांड, मारुति‍ को मि‍लेगा बड़ा फायदा

सिआम के मुताबि‍क, जीएसटी लागू होने से हैचबैक सेगमेंट की कारों को काफी फायदा मि‍लेगा।

auto sector is likely to be a key beneficiary of GST
 
नई दि‍ल्‍ली। गुड्स एंड सर्वि‍स टैक्‍स (जीएसटी) लागू होने से ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री को बड़ा बूस्‍ट मि‍ल सकता है। सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चर्स (सिआम) के मुताबि‍क, जीएसटी लागू होने से हैचबैक सेगमेंट की कारों को काफी फायदा मि‍लेगा। इसके अलावा, अगर जीएसटी की दरों को 18 फीसदी पर रखा जाता है कि‍ कीमतों में कमी आ सकती है। वहीं, कोटक की एक रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, इसका सबसे ज्‍यादा फायदा मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या (एमएसआई) को होगा।  
 
जीएसटी से कारों की डि‍मांड बढ़ेगी
 
- एक्सपर्ट्स की मानें तो जीएसटी लागू होने के बाद कारों की डि‍मांड में तेजी आएगी। कोटक इंस्‍टीट्यूट इक्‍वि‍टीज की एक रि‍पोर्ट के मुताबि‍क कीमतें कम होने से कॉम्पैक्ट सेडान और स्‍पोर्ट्स यूटि‍लि‍टी व्‍हीकल की डिमांड पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में शिफ्ट होगी।
- रि‍पोर्ट में कहा गया है कि‍ टैक्स की दरों में बदलाव होने से मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या और महिंद्रा एंड महिंद्रा को काफी फायदा मि‍लेगा।
- एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बड़ी कारों और एसयूवी (1500सीसी से बड़े इंजन साइज वाली गाड़ियां) की कीमतों में फर्क नहीं आएगा, जबकि ट्रैक्टर की कीमतों पर भी कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
 
ऑटो इंडस्‍ट्री का सुझाव...
 
जीएसटी लागू होने के बाद कोई अति‍रि‍क्‍त टैक्‍स नहीं लगना चाहि‍ए। टैक्‍स में कोई बदलाव नहीं होने का प्रावधान कानून में ही होना चाहि‍ए।
 
सुस्‍त पड़ी है छोटी कारों की सेल्‍स
 
सि‍याम के डायरेक्‍टर जनरल वि‍षणु माथुर ने कहा कि‍ रूरल मार्केट में सुस्‍ती का असर छोटी कारों की सेल्‍स पर दि‍ख रहा है। इसके अलावा, कस्‍टमर्स डीजल से पेट्रोल कारों पर शि‍फ्ट हो रहे हैं जो इन कारों की सेल्‍स को प्रभावि‍त कर रहा है। डोमेस्‍टि‍क पैसेंजर कार सेल्‍स मई में 1.59 लाख यूनि‍ट्स रही जबकि‍ पि‍छले साल की समान अवधि‍ में यह आंकड़ा 1.60 लाख यूनि‍ट्स था। कुल पैसेंजर व्‍हीकल्‍स सेल्‍स 6.29 फीसदी बढ़कर 2.31 लाख यूनि‍ट्स रही।
 
क्या है GST, कैसे होगा फायदा

- किसी सामान के फैक्‍ट्री में बनने से लेकर उपभोक्‍ता तक पहुंचने तक करीब 30-35 फीसदी टैक्‍स की मार पड़ती है। केंद्र सरकार एक्‍साइज ड्यूटी, कस्‍टम, सर्विस टैक्‍स जैसे इनडायरेक्‍ट टैक्‍स लगाती है।
- देश के अलग-अलग राज्‍यों में अलग-अलग रेट से लगने वाले इन अप्रत्‍यक्ष करों का बोझ आखिर में उपभोक्‍ताओं के ऊपर तो पड़ता ही है, कारोबार में भी कई तरह की अड़चनें आती हैं। 
- नई कर प्रणाली (GST) लागू होने के बाद इनमें अधिकांश टैक्‍स जीएसटी के दायरे में आ जाएंगे, जो पूरे देश में एक समान दर से लागू होंगे। इससे न केवल टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि आम आदमी की जेब को भी बड़ी राहत मिलेगी। 
- इसके आने से कारोबार करना भी आसान होगा।
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