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1 जनवरी से बनेंगे एसी केबिन वाले ट्रक, सरकार ने तय की डेडलाइन

नई दिल्‍ली। एक जनवरी 2018 से नए ट्रकों में ड्राइवर के लिए एसी केबिन जरूरी कर दिया गया है। मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट ने इस आशय का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन के जरिए ट्रक मैन्‍युफैक्‍चरर्स के लिए मेंडेटरी किया गया है कि वे एक जनवरी के बाद से बनने वाले ट्रकों में एसी केबिन को फिट करें। या जिन में एसी केबिन फिट नहीं हो सकते, उनमें केबिन वेंटिलेशन सिस्‍टम लगाएं। 

 

एमवी एक्‍ट में अमेंडमेंट 

इस प्रोविजन को मेंडेटरी करने के लिए मोटर व्‍हीकल एक्‍ट 1988 में अमेंडमेंट किया गया है। इस बाबत अगस्‍त 2017 में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर संबंधित लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई थी। 20 नवंबर 2017 को फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। 

 

बॉडी बिल्‍डर्स पर भी होगा लागू 
नोटिफिकेशन में स्‍पष्‍ट किया गया है, जो मैन्‍युफैक्‍चरर्स केवल चैसिस बनाते हैं और ट्रक की बॉडी बाहर बॉडी बिल्‍डर्स से बनाई जाती है तो बॉडी बिल्‍डर्स को भी स्‍पेसिफिकेशन के मुताबिक एसी या वेंटिलेशन वाला केबिन बनाना होगा। ट्रक का रजिस्‍ट्रेशन तब ही होगा, जब ट्रक में एसी केबिन बना होगा। 

 

क्‍या है मकसद 
दरअसल, मोदी सरकार लॉजिस्टिक सप्‍लाई में बदलाव करना चाहती है। इस दौरान सरकार के सामने समस्‍या आई कि तपती गर्मी, बारिश और धूल में ट्रक ड्राइवरों को बड़ी परेशानी होती है, जिससे गुड्स सप्‍लाई में डिले होता है। इसके चलते ही सरकार ने ड्राइवर की परेशानी दूर करने के लिए ऐसे केबिन बनाने का निर्णय लिया, ताकि ड्राइवर सामान पहुंचाने में कोताही न बरते। 

 

95 फीसदी बाहर बनते हैं ट्रक 

ट्रांसपोर्ट एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने एक अच्‍छा कदम उठाया है। इससे ड्राइवर्स के साथ साथ ट्रांसपोर्ट बिजनेस को भी फायदा होगा। इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च के सीनियर फैलो एसपी सिंह ने कहा कि ट्रक मैन्‍युफैक्‍चरर्स के लिए तो एसी केबिन बनाना आसान है, लेकिन लगभग 95 फीसदी ट्रक बॉडी बाहर बानती है। इनके लिए एसी या वेंटिलेशन वाली ट्रक बॉडी बनाना आसान नहीं होगा। ऐसे में, सरकार को इस ओर ध्‍यान देना चाहिए और प्रयास करना चाहिए कि सरकार का यह नोटिफिकेशन उन लाखों बॉडी बिल्‍डर्स तक भी पहुंचे, ताकि वे समय से अपना इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलप कर सकें। 

 

हैवी व्‍हीकल में आसान 
वहीं, एक प्रमुख कंपनी ने उच्‍चाधिकारी ने कहा कि ट्रक मैन्‍युफैक्‍चर्स के लिए हैवी कॉमर्शियल व्‍हीकल्‍स (एचसीवी) में एसी सिस्‍टम लगाना आसान है, लेकिन लाइट कॉमर्शियल व्‍हीकल्‍स (एलएचवी) के लिए इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलप करने में समय लगेगा। फिर भी इंडस्‍ट्री को ज्‍यादा दिक्‍कत नहीं आएगी। 

 

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