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बजाज ला रही है नई गाड़ी, एक्‍सप्रेस-वे पर चलाने की नहीं होगी इजाजत, सरकार का कानून बना अड़ंगा

बजाज ऑटो सितंबर या अक्‍टूबर में अपनी नई गाड़ी क्‍यूट (Qute) लॉन्‍च्‍ा करने वाली है

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नई दिल्‍ली. बजाज ऑटो सितंबर या अक्‍टूबर में अपनी नई गाड़ी क्‍यूट (Qute) लॉन्‍च्‍ा करने वाली है, लेकिन यह गाड़ी एक्‍सप्रेस-वे पर नहीं चल पाएगी। देश में quadricycle कैटगरी की यह पहली गाड़ी है, लेकिन मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट द्वारा 6 अप्रैल 2018 को नोटिफाई किए गए 'मैक्सिमम स्‍पीड ऑफ मोटर व्‍हीकल' में quadricycle कैटगरी को भी शामिल किया गया है। जिसमें अलग-अलग सड़कों पर quadricycle कैटगरी के व्‍हीकल की मैक्सिमम स्‍पीड लिमिट भी तय की गई है। इसमें स्‍पष्‍ट तौर पर कहा गया है कि quadricycle कैटगरी के व्‍हीकल एक्‍सप्रेस-वे पर नहीं चल पाएंगे।
 
क्‍या हैं quadricycle के नए नियम
मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि quadricycle कैटगरी के व्‍हीकल एक्‍सप्रेस-वे पर नहीं चलेंगे, जबकि 4 लेन या उससे अधिक लेन वाले हाईवे पर ये व्‍हीकल 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक स्‍पीड पर नहीं चल पाएंगे। म्‍युनिस्पिल लिमिट (शहरों) वाली सड़कों और अन्‍य सड़कों पर quadricycle व्‍हीकल की मैक्सिमम स्‍पीड 50 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इससे अधिक स्‍पीड होने पर ट्रैफिक पुलिस इन व्‍हीकल चालकों के खिलाफ ओवर स्‍पीड की कार्रवाई कर सकती है।
 
 
क्‍या है quadricycle कैटगरी
quadricycle यू‍रोपियन व्‍हीकल कैटगरी है, जो चार पहिया माइक्रो कार के रूप में जानी जाती है, जिसका वजन, पावर और स्‍पीड की मैक्सिमम लिमिट है। भारत में अभी इस कैटगरी की कोई कार नहीं है। बजाज ऑटो ने इस कैटगरी की Qute कार को बजाज ऑटो ने 2012 के दि‍ल्‍ली ऑटो शो में RE60 के नाम से पेश कि‍या था। भारत में quadricycle को मंजूरी नहीं होने के कारण यह मार्केट में नहीं उतर सकी थी। जून 2018 में केंद्र सरकार ने quadricycle की अलग कैटगिरी की घोषणा की है। 
 
ग्रीन कार का दावा
कंपनी का दावा है कि‍ बाजार में मौजूद कि‍सी भी कार से यह 37 फीसदी हल्‍की है। हल्‍की होने की वजह से ईंधन बचाती है। यह शहरों की सड़कों को ध्‍यान में रखकर बनाई गई है। यह गाड़ी कम जगह लेती है और आसानी से मुड़ जाती है। इसकी माइलेज एक लीटर में 36 कि‍लोमीटर है और कि‍सी अन्‍य छोटी कार के मुकबले 37 फीसदी कम कार्बन का उत्‍सर्जन करती है। यह एक कि‍लोमीटर पर केवल 66 ग्राम CO2 छोड़ती है। इसमें वो सभी सेफ्टी फीचर्स हैं जो इस सेगमेंट की कारों में होते हैं। इस कार का टर्निंग रेडि‍यस केवल 3.5 मीटर है।
 
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कितने की मिलेगी कार
भारत में यह कार कि‍तने में मि‍लेगी ये अभी तक तय नहीं है मगर इसकी कीमत 1.28 लाख के आसपास हो सकती है। इसमें 216.6 सीसी का इंजन है। पेट्रोल से चलने वाली यह कार सीएनजी व एलपीजी वैरि‍एंट में भी उपलब्ध होगी। अधि‍कतम स्‍पीड 70 कि‍लोमीटर और पीक पावर 13.2 पीएस है। इसमें परफॉर्मेंस और कंट्रोल बढ़ाने वाला वाटर कूल्‍ड डि‍जि‍टल ट्राई स्‍पोर्ट इग्‍नीशन 4 वॉल्‍व इंजन लगा है। कार का वजन 450 कि‍लो से कम है।
 
नाराज हो गए थे बजाज
पांच वर्षों तक क्‍यूट को भारतीय बाजार में उतारने की मंजूरी न मि‍लने की वजह से कंपनी के सीईओ राजीव बजाज भारत सरकार से बेहद खफा हुए और इसी साल फरवरी में एक नैसकॉम के कार्यक्रम में उन्‍होंने बेहद कड़े शब्‍दों का इस्‍तेमाल कि‍या। उन्‍होंने कहा था, ‘अगर आपकी नई खोज सरकारी मंजूरी पर नि‍र्भर करती है तो इसे मेड इन इंडि‍या नहीं मैड इन इंडि‍या कहा जाएगा। पांच साल बीत जाने के बाद भी हम अपने फोर व्‍हीलर को बेचने के लि‍ए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।’
 
 
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लोगों ने किया था सपोर्ट 
तकरीबन 5 साल से मंजूरी मि‍लने के इंतजार में यह कार भारतीय सड़कों पर नहीं आ पाई, जबकि वि‍देशों में न केवल इसे मंजूरी मि‍ली, बल्‍कि लोकप्रि‍यता भी हासि‍ल हुई। इस कार को मंजूरी देने की खाति‍र सरकार पर दबाव बनाने के  लि‍ए बजाज ऑटो ने बाकायदा फ्री क्‍यूट के नाम से अभि‍यान शुरू कि‍या। कंपनी की वेबसाइट पर आज भी #FreeTheQute अभि‍यान चल रहा है, जि‍समें लोगों से साथ देने की अपील की गई है। यहां क्‍यूट को एक पिंजरे में दि‍खाया है। अभी तक 9, 03722 लोगों ने क्‍यूट को समर्थन दि‍या है।

 

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