इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही दौड़ पाएंगी सड़क पर, लंदन मॉडल अपनाने जा रही है सरकार

टैक्सी के रूप में काम करने वाली ओला-उबर की इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड कार ही सड़कों पर चल पाएंगी। सरकार उन्हें चरणबद्ध तरीके से अपनी गाड़ियों को हाइब्रिड व इलेक्ट्रिक मोड पर लाने के लिए कहने जा रही है। ट्रांसपोर्ट विभाग इस मामले में पूरी योजना तैयार रहा है। सरकार दिल्ली के बाद अब बनारस व पुणे में इलेक्ट्रिक कार को चलाने के लिए जल्द ही इलेक्ट्रिक कारों की थोक खरीदारी करेगी। दिल्ली एवं अन्य मेट्रो शहरों में प्रदूषण के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार ने इस दिशा में अपनी कवायद को तेज कर दिया है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रसार के मामले में लंदन मॉडल को अपनाने के संकेत दिए है। ऐसे लागू होगा मॉडल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदूषण पर लगाम के लिए लंदन में आगामी 2020 तक उबर को अपनी सभी गाड़ियों को हाइब्रिड बनाने या इलेक्ट्रिक करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि भारत में इस मॉडल का अनुसरण करते हुए ओला-उबर जैसे एग्रीगेटर को अपनी गाड़ियों को हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक करने के लिए कहा जाएगा। इस मामले में मंत्रालय जल्द ही आदेश जारी कर सकता है। उन्होंने बताया कि एक बार में सारी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड करने के लिए नहीं कहा जाएगा। अगले तीन साल में उन्हें अपनी 25 फीसदी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड करने के लिए कहा जा सकता है। हाइब्रिड की श्रेणी में कम से कम 80 किलोमीटर तक बिना पेट्रोल के चलने वाली गाड़ी ही शामिल होंगी। ओला व उबर के प्लेटफार्म से देश भर में एक करोड़ से अधिक गाड़ियां जुड़ी हुई हैं। लेकिन इनमें से कितनी गाड़ियां सड़क पर चल रही है, इसका सही आंकड़ा एग्रीगेटर नहीं बताते हैं।

Money Bhaskar

Nov 24,2018 12:29:00 PM IST

नई दिल्ली. टैक्सी के रूप में काम करने वाली ओला-उबर की इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड कार ही सड़कों पर चल पाएंगी। सरकार उन्हें चरणबद्ध तरीके से अपनी गाड़ियों को हाइब्रिड व इलेक्ट्रिक मोड पर लाने के लिए कहने जा रही है। ट्रांसपोर्ट विभाग इस मामले में पूरी योजना तैयार रहा है। सरकार दिल्ली के बाद अब बनारस व पुणे में इलेक्ट्रिक कार को चलाने के लिए जल्द ही इलेक्ट्रिक कारों की थोक खरीदारी करेगी। दिल्ली एवं अन्य मेट्रो शहरों में प्रदूषण के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार ने इस दिशा में अपनी कवायद को तेज कर दिया है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रसार के मामले में लंदन मॉडल को अपनाने के संकेत दिए है।

ऐसे लागू होगा मॉडल

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदूषण पर लगाम के लिए लंदन में आगामी 2020 तक उबर को अपनी सभी गाड़ियों को हाइब्रिड बनाने या इलेक्ट्रिक करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि भारत में इस मॉडल का अनुसरण करते हुए ओला-उबर जैसे एग्रीगेटर को अपनी गाड़ियों को हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक करने के लिए कहा जाएगा। इस मामले में मंत्रालय जल्द ही आदेश जारी कर सकता है। उन्होंने बताया कि एक बार में सारी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड करने के लिए नहीं कहा जाएगा। अगले तीन साल में उन्हें अपनी 25 फीसदी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड करने के लिए कहा जा सकता है। हाइब्रिड की श्रेणी में कम से कम 80 किलोमीटर तक बिना पेट्रोल के चलने वाली गाड़ी ही शामिल होंगी।

आगे पढ़ें : कितनी गाड़ियां हैं ओला उबर से जुड़ी

1 करोड़ से अधिक हैं ओला उबर की गाड़ियां 

ओला व उबर के प्लेटफार्म  से देश भर में एक करोड़ से अधिक गाड़ियां जुड़ी हुई हैं। लेकिन इनमें से कितनी गाड़ियां सड़क पर चल रही है, इसका सही आंकड़ा एग्रीगेटर नहीं बताते हैं।

 

आगे पढ़ें : दिल्ली के बाद इन शहरों की बारी 

दिल्ली के बाद अब बनारस व पुणे में इलेक्ट्रिक वाहन लाने की तैयारी

 

सरकार दिल्ली के बाद अब बनारस व पुणे में इलेक्ट्रिक यात्री कारों को चलाने की तैयारी में है। हाल ही में ईईएसएल के माध्यम से दिल्ली के सरकारी विभागों में चलाने के लिए 10,000 इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी की जा रही है। इसकी आपूर्ति टाटा मोटर्स करेगी। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक बनारस में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए एग्रीगेटर के माध्यम से इस शहर में इलेक्ट्रिक कारें चलाई जाएंगी। जल्द ही, ईईएसएल इन शहरों के लिए इलेक्ट्रिक कारों की खरीदारी के लिए टेंडर जारी कर सकती है। नागपुर में ओला के माध्यम से 200 इलेक्ट्रिक कार पहले ही चलाई जा रही हैं। अगले साल तक इसकी संख्या को 2000 करने का लक्ष्य रखा गया है।

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