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भारत के इस फैसले से चीन को लगेगा जोर का झटका

भारत एक तीर से लगाएगा दो निशाने

india move effect china on import and export

नई दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय ने मोबाइल फोन के पुर्जे, तैयार इलेक्ट्रानिक उत्पादों और महंगे वाहनों के आयात शुल्क को बढ़ाने का सुझाव दिया है। अगर ऐसा होता है, तो उन मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों को नुकसान होगा, जो कि चीन से मोबाइल फोन के पुर्जे आयात करके उनकी भारत में उसकी असेंबलिंग करती हैं। हालांकि कई विदेशी कंपनियों ने भारत में अपने स्मार्टफोन का निर्माण शुरु कर दिया है। ऐसे में उन कपनियों को नुकसान की संभावना कम है। 

 

क्या रही वजह- 

दरअसल सरकार की ओर से ऐसा कदम उठाए जाने के पीछे चालू खाता घाटा (करंट अकाउंट डेफिसिट) को बड़ी वजह माना जा रहा है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी के चलते भी सरकार ने विदेशों से आने वाले मोबाइल फोन के कलपुर्जों पर आयात और कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की इच्छा जताई थी। 

 

चीन करता है भारत की अनदेखी-

भारतीय स्‍मार्टफोन मार्केट समेत भारत के इलेक्‍ट्रॉनि‍क्‍स बाजार पर चीनी कंपनि‍यों का बोलबाला है। भारत चीन से कई चीजें इंपोर्ट कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर चीन कई ऐसी चीजें दुनि‍याभर से खरीदता है, जो उसे पड़ोसी देश होने के चलते भारत से आसानी से मि‍ल सकती हैं, लेकि‍न चीन भारत की अनदेखी कर अन्‍य देशों से सामान खरीदता है।

 
भारत और चीन के बीच कौन करता है कि‍तना एक्‍सपोर्ट-    
 दोनों देशों के बीच आपसी एक्‍सपोर्ट और इंपोर्ट की बात करें तो भारत चीन को करीब 10.17 अरब डॉलर का माल एक्‍सपोर्ट करता है। वहीं, दूसरी ओर चीन भारत को करीब 61.11 अरब डॉलर का माल सप्‍लाई करता है। इन आंकड़ों के हि‍साब से भारत चीन से बहुत 61.11 अरब डॉलर कम एक्‍सपोर्ट करता है। 

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