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इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने वालों को नहीं देना होगा रोड और टोल टैक्स, सरकार ने रखा प्रस्ताव

ई-व्हीकल्स का उत्पादन और बिक्री बढ़ाने के लिए सरकार देने जा रही बड़े फायदे

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नई दिल्ली.

इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनियों और इन वाहनों को खरीदने वाले लोगों को सरकार की तरफ बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। सरकार द्वारा बनाए गए एक पैनल ने देश में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कई सारे प्रस्ताव सुझाए हैं। इसमें इन वाहनों पर कस्टम ड्यूटी और जीएसटी घटाने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे मैन्यूफैक्चरर्स इनका अधिक से अधिक उत्पादन करें। दरअसल सरकार ने अगले पांच साल में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को सड़कों पर चलने वाले कुल वाहनों का 15 फीसदी बनाने का लक्ष्य रखा है। नीति आयोग ई-व्हीकल्स मैन्यूफैक्चरर्स को इंसेंटिव देने की तैयारी में नोडल एजेंसी का काम कर रहा है। पैनल द्वारा प्रस्तावित इंसेंटिव में ई-व्हीकल्स खरीदने वालों को रोड टैक्स एवं टोल टैक्स में छूट देने की बात है। इन प्रस्तावों पर प्रधानमंत्री कार्यालय अंतिम फैसला लेगा और फिर वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया जाएगा।

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ऐसे मिलेगा फायदा

इन व्हीलकल्स की मैन्युफैक्चरिंग पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जाएगी जिससे इनका उत्पादन कम दाम में हो सके। साथ ही इनके रेट्स पर जीएसटी भी कम किया जाएगा ताकि यह पेट्रोल, डीजल और ससीएनजी गाड़ियों से मुकाबला कर सकें। इन वाहनों के खरीदारों के लिए सरकार ने रजिस्ट्रेशन रेट्स कम करने के साथ रोड टैक्स और पार्किंग चार्जेस को कम करने का भी प्रस्ताव रखा है।

 

 

जल्द आएगा फैसला

टोटल मोबिलटी के मुद्दे पर पिछले महीने हुई कमेटी ऑफ सक्रेटरी मीटिंग में इन प्रस्तावों का ब्लूप्रिंट तकरीबन दो इर्जन ब्यूरोक्रेट्स ने तैयार किया था। प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस पैनल की अगली बड़ी बैठक में इन सभी प्रस्तावों पर फैसला लिया जाएगा। फैसला होते ही रिवेन्यु विभागहैवी इंडस्ट्री विभाग और रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय से इस संबंध में जरूरी बदलाव करने को कहा जाएगा।

 

 

निकलेंगे रोजगार के नए अवसर

इस वक्त देश के तीन बड़े लक्ष्यों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बड़ा योगदान कर सकते हैं। ये हैंकार्बन एमीशन कम करनानई नौकरियों का सृजन करना और क्रूड ऑयल का इस्तेमाल कम करना। इन तीनों लक्ष्यों को पूरा करने में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स मदद कर सकते हैं। इसके लिए मजबूत और किफायती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करना होगा जिसमें ई-व्हीकल्स की प्रोडक्शन फैसिलिटी बढ़ाने और चार्जिंग प्वाइंट का बड़ा नेटवर्क तैयार करना होगा। अनौपचारिक रूप से देश ने 2030 तक नए वाहनों के तौर पर सड़कों पर सिर्फ ई-वाइन उतारने का लक्ष्य रखा है।

 
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