बढ़ सकती है ई-बाइक की कीमतें, जानें क्या है वजह

हीरो इलेक्ट्रिक वीइकल्स (Hero Electric Vehicles ) के प्रबंध निदेशक नवीन मुंजाल ने कहा है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) को बढ़ावा देने के लिए पेश फेम-2 (FAME 2 ) योजना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन इसके तहत केवल बैट्री क्षमता के आधार पर ही सब्सिडी देना काफी नहीं होगा, बल्कि इसमें वाहन के प्रदर्शन और उसकी रेंज को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। 

Money Bhaskar

Mar 04,2019 07:53:00 PM IST


नई दिल्ली. हीरो इलेक्ट्रिक वीइकल्स (Hero Electric Vehicles ) के प्रबंध निदेशक नवीन मुंजाल ने कहा है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) को बढ़ावा देने के लिए पेश फेम-2 (FAME 2 ) योजना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन इसके तहत केवल बैट्री क्षमता के आधार पर ही सब्सिडी देना काफी नहीं होगा, बल्कि इसमें वाहन के प्रदर्शन और उसकी रेंज को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

यह है वजह
सोमवार को उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहनों के विनिर्माण और उनको तेजी से इस्तेमाल (फेम) में लाने की दूसरे चरण की योजना की पूरी जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल बैट्री क्षमता के आधार पर सब्सिडी देने से बिजली से चलने वाले दोपहिया वाहनों की लागत बढ़ सकती है। मुंजाल ने बताया कि अभी ऐसा लग रहा है कि फेम-2 योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी 'शुद्ध रूप से बैट्री' से जुड़ी है, जो वाहन में लगाई जाती है।

कुछ सुधार की जरूरत
मुंजाल ने कहा, 'जरूरी नहीं है कि इस प्रकार का मॉडल लाभदायक हो।' उन्होंने कहा कि 30-35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले और रोजाना 30 से 40 किमी से ज्यादा की दूरी तय नहीं करने वाले वाहनों के लिए ज्यादा बड़ी बैटरियों की जरूरत नहीं है। मुंजाल ने कहा कि योजना की घोषणा स्वाग्तयोग्य कदम है, क्योंकि वाहन उद्योग इसकी लंबे समय से मांग कर रहा था। हालांकि, सब्सिडी पात्रता को लेकर कुछ सुधार करने की जरूरत है। सब्सिडी केवल एक ही पैमाने पर आधारित नहीं होनी चाहिए। इसे क्षमता (पावर), वाहनों के प्रदर्शन और रेंज तीनों पर आधारित होना चाहिए।

इनकी बढ़ सकती है कीमत
उन्होंने कहा कि करीब 70-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन जो लंबी दूरी तय करेंगे, उनके दाम ऊंचे रह सकते हैं। ज्यादा सब्सिडी देने के बावजूद ये गाड़ियां डेढ़ लाख रुपये से कम की नहीं होंगी। वास्तव में मामला क्षमता और आकार का है। जितना अधिक आप इसमें जोड़ेगें उतनी ही वाहन की क्षमता कम होगी।

कैबिनेट ने दी थी मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह ही फेम-2 योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दी है। योजना एक अप्रैल 2019 से तीन साल के दौरान अमल में लाई जानी है। योजना के तहत सार्वजनिक परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले तिपहिया और चार पहिया वाहनों को सब्सिडी दी जाएगी। वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए पंजीकृत वाहनों को भी सरकारी सहायता मिलेगी। जहां तक दोपहिया वाहनों की बात है, इसमें निजी वाहनों के लिए सहायता दी जाएगी। फेम-2 योजना के तहत सरकार की 10 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया, पांच लाख तिपहिया, 55 हजार चार पहिया और सात हजार बसों को सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।

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