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इलेक्ट्रिकल कार बाजार में छिड़ेगी जंग, उपभोक्ताओं को मिलेगी सस्ती इलेक्ट्रिक कारें

Volkswagen देगी टेस्ला को चुनौती

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दिल्ली। इलेक्ट्रिक कार बाजार में अगले दो साल में नई जंग छिड़ने वाली वाली है और इसका सीधा फायदा कार ग्राहकों को मिलेगा। कार बाजार की दिग्गज कंपनी Volkswagen इलेक्ट्रिक कार बाजार में करीब 18 हजार यूरो (14.72 लाख रुपए) कीमत में उतारने जा रही है। माना जा रहा है कि कंपनी इस नए बाजार में सीधे तौर पर टेस्ला को टक्कर देगी। हालांकि भारतीय उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ जल्द नहीं मिलेगा। कंपनी अपनी एंट्री लेवल कार का उत्पादन जर्मनी के ईमडेन शहर में कर सकती है। हालांकि अभी तक कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने अपनी तरफ से इसके लिए कोई सहमति नहीं दी है। ऐसा माना जा रहा कि कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक कार की बिक्री 2020 में शुरू करेगी और हर साल करीब 2 लाख से ज्यादा कार की बिक्री कंपनी करेगी।

 
टेस्ला को मिलेगी जबरदस्त टक्कर
जानकारों के मुताबिक कंपनी की इस रणनीति से अमेरिकी कार दिग्गज टेस्ला को जबरदस्त टक्कर मिलेगी जो अपनी इलेक्ट्रिक कार को अगले साल बाजार में लॉन्च करेगी। जानकारी के मुताबिक फॉक्सवैगन की कारों की तुलना में टेस्ला की इसी श्रेणी की कार काफी महंगी है। Volkswagen की इस बाजार के लिए आक्रामक रणनीति को इसी से पहचाना जा सकता है कि कंपनी अपनी 50 फीसदी कारों को इलेक्ट्रिक श्रेणी में उतारने जा रही है। कंपनी ने इसमें अपने ज्यादा बिकने वाले स्कोडा और Seat ब्रांड को भी शामिल किया है।
 
कम खर्च वाली इलेक्ट्रिक कार उतारेगी बाजार में 
दुनिया के सबसे बड़ी कार बनाने वाले कंपनी कम खर्च में बहुत तादाद में इलेक्ट्रिक कारों को बाजार में उतारेगी जो टेस्ला को टक्कर देगी और इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा। कम प्रदूषण उत्सर्जन करने के कारण उपभोक्ता भी इन कारों को हाथोहाथ लेंगे। कंपनी  पहली इलेक्ट्रिक कार का उत्पादन जर्मनी के ही जविकाऊ शहर में करेगी और इसकी बिक्री 2020 में शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही मिड साइज इलेक्ट्रिक सेडान और स्टेशन वोगैन, जो कंपनी एरो के नाम से बाजार में लाएगी, उसका भी उत्पादन ईमडेन प्लांट में करेगी और यहां करीब 1 लाख कारों का उत्पादन हर साल किया जाएगा।
 
आगे पढ़ें-चीन में अपनी दखल बढ़ा रही है कंपनी
चीन में अपनी दखल बढ़ा रही है कंपनी
कंपनी के जानकारों का कहना है कि 2020 में पैसेट सेडान और स्टेशन सेडान को सीजेक साइट पर भेजा जाएगा। जहां पर स्कोडा का उत्पादन किया जाता है। क्योंकि बाजार में एसयूवी की मांग बढ़ने के कारण ईमडेन में इस साल से उत्पादन रुका हुआ है। कंपनी न केवल यूरोप बल्कि चीन के बाजार में अपनी दखल बढ़ा रही है। इलेक्ट्रिक बाजार में छाने के लिए  कंपनी ने पहले से  ही चीन के फ‌ूसेन का चुनाव किया है ताकि 2020 तक यहां पर वह बैट्री पर आधारित कारों का निर्माण किया कर सके। इसके साथ ही कंपनी की योजना उत्तरी अमेरिका में इलेक्ट्रिक कार का निर्माण करने की है। हालांकि इसके लिए कंपनी की तरफ से कोई अाधिकारिक बयान नहीं आया है।
 
आगे पढ़ें-बुलगारिया में हो रहा फैक्ट्री का निर्माण 
बुलगारिया में हो रहा फैक्ट्री का निर्माण 
हाल ही में कपनी के सीईओ ने एक इंटरव्यू में कहा कि कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक कार के लिए लाइसेंस ले रही है और साथ ही में कई अन्य कार बनाने वाली कंपनियों से टेक्नोलॉजी के शेयरिंग पर बातचीत कर रही है। वहीं कंपनी अपने निवेश को बढ़ा रही है। कंपनी हंगरी और बुलगारिया में नए फैक्ट्री का भी निर्माण कर रही है। यहां पर लेबर कास्ट कम होने का सीधा फायदा कंपनी को मिलेगा। ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी यहां पर करीब 3.5 लाख कारों का सालाना निर्माण करेगी। हालांकि कंपनी की सुपरवाइजरी बोर्ड की बैठक 16 नवंबर को होने जा रही है। जिसमें अगले साल के उत्पादन और उससे जुड़े निवेश के लिए फैसला लिया जाएगा। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि  बोर्ड में मौजूद लेबर यूनियन के प्रतिनिधि बोर्ड के फैसलों को रोक सकते हैं।
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