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भगवान शिव के त्रिशूल से मिला आइडिया, बना दी लैम्बार्गिनी और फेरारी के टक्कर की कार

ये कार होगी भारत की पहली इको फ्रेंडली सुपरकार

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नई दिल्ली। भारत की पहली इको फ्रेंडली सुपरकार वजीरानी शूल होगी। यह डिजाइन के मामले में लैम्बार्गिनी और फेफारी जैसी कारों को टक्कर देगी। इसे एक भारतीय चंकी वजरानी की कंपनी वजरानी ऑटोमोटिव बना रही है। चंकी इस कंपनी के सह संस्थापक हैं और उन्होंने ही इस कार को डिजाइन किया है।

शिव और उनके त्रिशूल की तरह डिजाइन 

चंकी को कार के डिजाइन की प्रेरणा भगवान शिव और उनके त्रिशूल से मिली है। उन्होंने कार के अगले हिस्से यानी बोनट को त्रिशूल की तरह डिजाइन किया गया है। कार को बोनट से लेकर फ्रंट मिरर तक तीन लाइनें खींची गई हैं, जो भगवान शिव के त्रिशूल की तरह दिखती है। वहीं इसकी हेडलाइट में शिव के फोरहेड की तरह की तीन वर्टिकल लाइनें बनाई गई हैं। 

 

JLR और रॉल्स रॉयस में काम कर चुके हैं चंकी 

चंकी वजरानी जगुआर लैंड रोवर और रॉल्स रॉयस जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। उनकी इच्छा थी कि कार को भारत में तैयार किया जाए। हालांकि ऐसा संभ‌व नहीं हो सका। फिलहाल वजरानी शूल का हेडक्वार्टर कैलिर्फोनिया में है। इस कार को वर्ष 2018 के गुडवुड फेस्टिवल में पेश किया गया था। 

 

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डिजाइन में क्या है खास 

कार की खासियत है कि इसमें कार्बन फाइबर का इस्तेमाल किया गया है जिससे इसका वजन काफी कम हो गया है। साथ ही यह कार पूरी तरह से इकोफ्रेंडली है। कार का बाहरी आकार काफी छोटा और आकर्षक बनाया गया है। कंपनी की ओर से अभी इसे एक कॉन्सेप्ट मॉडल उतारा गया है। इसका असली मॉडल 2018 के अंत तक आएगा। 

 

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फॉर्मूला 1 की तरह हैं कार के पहिए 

कार के सभी पहियों में सिंगल रेशो गियरबॉक्स से चलने वाली 4 इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गई हैं। इसे टर्बाइन इंजन से पॉवर मिलेगी, जो कुछ खास कारों में मिलती है। इसे पेट्रोल, मेथोनॉल और इलेक्ट्रिक बैटरी से चलाया जा सकेगा। कार के पहिए Force India Farmula 1 की तरह डिजाइन किए गए हैं। 

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