Home » Industry » Autobajaj Qute quadricycles permit in india भारत में क्‍वाड्रा साइकिल बजाज क्‍यूट को मिली मंजूरी

अब भारत में चलेगी बजाज की QUTE, 1.28 लाख की कीमत में 36 का माइलेज

ट्रांसपोर्ट मिनिस्‍ट्री ने क्‍वाड्रासाइकिल को परमिट देने की पॉलिसी मंजूरी दी। अब बजाज क्‍यूट QUTE भारत में बिक सकेगी..

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नई दि‍ल्‍ली। करीब 6 साल से सरकारी फाइलों में अटकी बजाज की कार क्‍यूट (Qute) के सड़क पर उतरने का रास्‍ता साफ होता दिख रहा है। माना जा रहा है कि quadricycle कैटगरी की इस कार के मार्केट में उतरने के बाद इंडियन ऑटो वर्ल्‍ड में नया ट्वीस्‍ट आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मि‍नि‍स्‍टरी ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हार्इवेज ने quadricycle के कॉमर्शियल यूज से जुड़ी पॉलिसी के ड्रॉफ्ट को अपनी मंजूरी दे दी है।  अभी तक इस कैटेगरी में केवल बजाज की क्यूट ही उपलब्ध है। सूत्रों के अनुसार quadricycle  कैटेगरी की मंजूरी के लिए जल्‍द ही नोटिफिकेशन आ सकता है। नोटिफिकेश आने के बाद बजाज को अपनी इस बेहद किफायती कार को भारत में बेचने की अनु‍मति मिलना आसान हो जाएगा।

 

बता दें कि Qute कार को बजाज ऑटो ने 2012 के दि‍ल्‍ली ऑटो शो में RE60 के नाम से पेश कि‍या गया था। हालांकि भारत में क्‍वाड्रा साइकिल को मंजूरी नहीं होने के कारण यह मार्केट में नहीं उतर सकी थी। हालांकि इस बीच साउथ ईस्‍ट एशि‍या दुनिया के कई देशों में यह बेहद पॉपुलर हो गई। कम कीमत और ज्‍यादा माइलेज को इस कार की ताकत माना जाता है। 

 

सबसे कम प्रदूषण करती है

कंपनी का दावा है यह कार अब तक बनी सबसे ग्रीन कार है। इसका मतलब ये है कि‍ यह कार सबसे कम सीओ2 उत्‍सर्जि‍त करती है। सामान्‍य भाषा में कहें तो यह कार सबसे कम पॉल्युशन करती है। इसमें 216.6 सीसी का इंजन है। पेट्रोल से चलने वाली यह कार सीएनजी व एलपीजी वैरि‍एंट में भी उपलब्ध है। अधि‍कतम स्‍पीड़ 70 कि‍लोमीटर और पीक पावर 13.2 पीएस है। इसमें परफॉर्मेंस और कंट्रोल बढ़ाने वाला वाटर कूल्‍ड डि‍जि‍टल ट्राई स्‍पोर्ट इग्‍नीशन 4 वॉल्‍व इंजन लगा है। कार का वजन 450 कि‍लो से कम है। आगे पढ़ें इसके और फीचर के बारे में... 

 

 

अन्‍य कारों के मुबाकले 37 फीसदी हल्‍की

कंपनी का दावा है कि‍ बाजार में मौजूद कि‍सी भी कार से यह 37 फीसदी हल्‍की है। हल्‍की होने की वजह से ईंधन बचाती है। यह शहरों की सड़कों को ध्‍यान में रखकर बनाई गई है। यह कार कम जगह लेती है और आसानी से मुड़ जाती है। इसकी माइलेज एक लीटर में 36 कि‍लोमीटर है और कि‍सी अन्‍य छोटी कार के मुकबले 37 फीसदी कम कार्बन का उत्‍सर्जन करती है। यह एक कि‍लोमीटर पर केवल 66 ग्राम CO2 छोड़ती है। इसमें वो सभी सेफ्टी फीचर्स हैं जो इस सेगमेंट की कारों में होते हैं। इस कार का टर्निंग रेडि‍यस केवल 3.5 मीटर है। भारत में यह कार कि‍तने में मि‍लेगी ये अभी तक तय नहीं है मगर इसकी कीमत 1.28 लाख के आसपास हो सकती है। आगे पढ़ें- राजीव बजाज ने की थी सरकार की बुराई...

 

 

राजीव बजाज ने कहा था, ये मेड इन इंडि‍या नहीं मैड इन इंडि‍या है

पांच वर्षों तक क्‍यूट को भारतीय बाजार में उतारने की मंजूरी न मि‍लने की वजह से कंपनी के सीईओ राजीव बजाज भारत सरकार से बेहद खफा हुए और इसी साल फरवरी 2017 में एक नैसकॉम के कार्यक्रम में उन्‍होंने बेहद कड़े शब्‍दों का इस्‍तेमाल कि‍या। उन्‍होंने कहा था, ‘अगर आपकी नई खोज सरकारी मंजूरी पर नि‍र्भर करती है तो इसे मेड इन इंडि‍या नहीं मैड इन इंडि‍या कहा जाएगा। पांच साल बीत जाने के बाद भी हम अपने फोर व्‍हीलर को बेचने के लि‍ए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।’ आगे पढ़ें- चलाया गया फ्री क्‍यूट अभि‍यान

 

 

चलाया अभि‍यान

तकरीबन 5 साल से मंजूरी मि‍लने के इंतजार में यह कार भारतीय सड़कों पर नहीं आ पाई, जबकि‍ वि‍देशों में न केवल इसे मंजूरी मि‍ली बल्‍कि‍ लोकप्रि‍यता भी हासि‍ल हुई। इस कार को मंजूरी देने की खाति‍र सरकार पर दबाव बनाने के  लि‍ए बजाज ऑटो ने बाकायदा फ्री क्‍यूट के नाम से अभि‍यान शुरू कि‍या। कंपनी की वेबसाइट पर आज भी #FreeTheQute अभि‍यान चल रहा है, जि‍समें लोगों से साथ देने की अपील की गई है। यहां क्‍यूट को एक पिंजरे में दि‍खाया है। खबर लिखे जाने तक 9, 69,743 लोगों ने क्‍यूट को समर्थन दि‍या है।

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