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कार खरीदने का इससे बेहतरीन मौका नहीं मिलेगा, 5 लाख की कार पर 75 हजार की छूट

लग्जरी गाड़ियां 12-14 लाख रुपए कम दाम पर बिकने को तैयार

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नई दिल्ली. पेट्रोल एवं डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण ऑटो बाजार का सेंटीमेंट नीचे चला गया है। ऐसे में, त्योहारी सीजन को भुनाने के लिए ऑटो कंपनियां पांच लाख रुपए की कीमत वाली कार पर 50-75 हजार रुपए तक की छूट दे रहे हैं। कंपनियों का कहना है कि बाजार में नकारात्मक माहौल को देखते हुए यह फैसला किया गया है। ऑटो सेक्टर की बिक्री नवरात्र के दौरान सबसे अधिक होती है और ऑटो कंपनियां इस मौके को गंवाना नहीं चाहती है।

 

तेल की कीमतों का असर 

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटो मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष राजन वढेरा के मुताबिक तेल की कीमतों से खऱीदार का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है और लोगों ने खरीदारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। हुंडई इंडिया के एमडी एवं सीईओ वाई.के. कू के मुताबिक त्योहारी सीजन बहुत सकारात्मक नहीं है। तेल की कीमत एवं इंश्योरेंस लागत में बढ़ोतरी ने लोगों को अपनी खरीदारी को टालने के लिए विवश किया है।

 

आगे पढ़े-कौन सी गाड़ी पर कितनी छूट

कौन की गाड़ी पर कितनी छूट

कार डीलर एवं कार कंपनियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर मनी भास्कर बता रहा है कि किन-किन गाड़ियों पर कितनी छूट मिल रही है।

 

हुंडई आई10  - 75,000 रुपए
मारुति ऑल्टोके10 - 50,000  रुपए
मारुति बलेनो - 25,000 रुपए
हुंडई आई20 - 50,000 रुपए
टाटा नेक्सॉन - 57,000 रुपए
बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज - 14 लाख रुपए
ऑडी ए6- 12.5 लाख रुपए
मर्सिडीज सीएलए- 5.5 लाख रुपए 
मर्सिडीज सीएलए- 5.5 लाख रुपए
रेनॉ डस्टर - 1 लाख रुपए
मारुति वैगन आर- 75,000 रुपए

 

आगे पढ़े - ग्राहकों की अधिक छूट की चाह

अधिक छूट की चाह

कार कंपनियों के मुताबिक त्योहारी सीजन में लोग अधिक से अधिक छूट चाहते हैं क्योंकि इस दौरान खरीदारी का सेंटीमेंट चरम पर होता है। कार कंपनियों का कहना है उनकी लागत बढ़ गई है, लेकिन वे चाहकर भी इस लागत को ग्राहकों को पासऑन नहीं कर सकते हैं क्योंकि सेंटीमेंट पहले से ही कमजोर दिख रहा है।

 

आगे पढ़े- छोटे कारोबारियों के पास नकदी की कमी

 

छोटे कारोबारियों के पास नकदी की कमी

कार डीलरों ने बताया कि बिक्री प्रभावित होने से उनके पास इंवेंटरी (स्टॉक) बढ़ती जा रही है। पहले उनके पास 10 दिनों तक की इंवेंटरी होती थी जो बढ़कर 60 दिनो तक की हो गई है। डीलरों का कहना है कि छोटे कारोबारियों के पास नकदी की कमी हो गई है, उन्हें जब बिजनेस के लिए पूरा पैसा नहीं मिल पा रहा है तो वे गाड़ी कहां से खरीदेंगे।  

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