Home » Industry » AutoCars sells in modi government

मोदी राज में जमकर हुई कारों की बिक्री, ये रही वजह

सत्ता संभालने से पहले बिक्री में दर्ज की गई थी गिरावट

1 of

नई दिल्ली. देश में मोदी सरकार के बनने के बाद से अब तक ऑटो इंड्रस्ट्री में जबरदस्त उछाल देखी गई है। सीआरआईएफ की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2012-13 में 26 लाख से ज्यादा कारों की बिक्री हुई थी। हालांकि वित्त वर्ष 2013-14 में 25 लाख कारों की बिक्री हुई, जो कि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 1.50 लाख कम थी। 

 

मोदी सरकार के बनने के बाद से लगातार बढ़ी बिक्री
दे‌श की सत्ता में वर्ष 2014 में मोदी सरकार काबिज हुई। इसके बाद से लगातार कारों की बिक्री में बढ़ोतरी देखी गई। वित्त वर्ष 2014-15 में 26 लाख से ज्यादा कार बिकी, जबकि 2015-16 में 27.80 लाख, 2016-17 में 30.47 लाख कारों बिकी। वहीं, वित्त वर्ष 2017-18 में 32.87 लाख कारें बेची गईं। 

 

आगे पढ़ें- किस वजह से बढ़ी बिक्री

क्या रही वजह
प्राइवेट बैंको के गांव और दूर-दराज तक पहुंचने को कारों की बिक्री बढ़ने की वजह माना जा रहा है। साथ ही सरकार ऑटो लोन लेना आसान हो गया है। इसमें सरकार की कोशिश का भी असर रहा है। इसके अलावा लोगों की इनकम और इच्छाएं भी बढ़ी है। इस वजह से कारों की बिक्री में पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। 

 

आगे पढ़ें- प्राइवेट बैंक ने दिया ज्यादा ऑटो लोन 

 

प्राइवेट बैंक ने दिया ज्यादा ऑटो लोन 
वित्त वर्ष 2017-18 में ऑटो लोन के लिए Gross Loan Portfolio (GLP) 3.68 लाख रुपए रहा है। इसमें सबसे ज्यादा लोन 34.52% प्राइवेट बैंकों की ओर से दिया गया है। वित्त वर्ष 2013-14 से 2017-18 के बीच लोन डिस्ट्रीब्यूशन में 70.52 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है।   

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट