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बजट 2018: ऑटो इंडस्‍ट्री ने कहा- GST में कारों के लिए हो केवल दो रेट

ऑटोमोबाइल इं‍डस्‍ट्री ने कहा है कि सरकार को पैसेंजर कारों के लिए केवल दो जीएसटी रेट करने चाहिए।

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नई दिल्‍ली. ऑटोमोबाइल इं‍डस्‍ट्री ने कहा है कि सरकार को पैसेंजर कारों के लिए जीएसटी मेें केवल दो रेट करने चाहिए। आगामी बजट के लिए अपनी विशलिस्‍ट के तहत ऑटो कंपनियों के संगठन सिआम का कहना है कि अभी पैसेंजर कारों पर मल्‍टीपल रेट हैं, जिन्‍हें दो रेट में बदलना चाहिए। सिआम ने फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली से इलेक्ट्रिक और हाईड्रोजन फ्यूल से चलने वाले वाहनों के लिए 12 फीसदी के स्‍पेशल टैक्‍स रेट की भी मांग की है।

 

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सिआम) ने बजट 2018-19 के लिए अपने सुझावों में कहा है कि ऑटोमोटिव इंडस्‍ट्री कारों के लिए जीएसटी रिजीम में मल्‍टीपल टैक्‍स रेट की बजाय दो टैक्‍स रेट चाहती है। ऑटो इंडस्‍ट्री ने यूज्‍ड कारों पर उनकी खरीद और बिक्री की वैल्‍यू के अंतर पर 5 फीसदी फिक्‍स्‍ड जीएसटी लगाने की अपील की है।

 

अभी क्‍या है रेट?

फिलहाल, जीएसटी रिजीम में 1200 सीसी से कम इंजन कैपेसिटी वाली स्‍मॉल पेट्रोल कारों पर 28 फीसदी टैक्‍स के साथ 1 फीसदी सेस लगता है। वहीं, डीजल कारों और 1500 सीसी से कम इंजन कैपेसिटी वाली कारों पर 28 फीसदी टैक्‍स के साथ 3 फीसदी सेस लगता है।

इसी तरह, हाइब्रिड कारों (मिड, लॉर्ज और एसयूवी) और 13 पैसेंजर्स तक के ट्रांसपोर्ट व्‍हीकल्‍स पर 28 फीसदी टैक्‍स के साथ 15 फीसदी सेस देना होता है।  

 

इलेक्ट्रिक व्‍हीकल पर कस्‍टम छूट बढ़ाए सरकार

सिआम ने इलेक्ट्रिक व्‍हीकल के लिए अतिरिक्‍त जरूरी कम्‍पोनेंट पर कस्‍टम ड्यूटी की छूट बढ़ाए जाने की मांग रखी है। इसके अलावा, मेक इन इंडिया प्रोग्राम को सपोर्ट देने के लिए इलेक्ट्रिक व्‍हीकल्‍स के सीबीयू (कम्‍प्‍लीटली बिल्‍ट यूनिट्स) पर कस्‍टम ड्यूटी में किसी भी तरह की छूट नहीं देने की बात कही है।

 

इलेक्ट्रिक व्‍हीकल्‍स पर चाहिए क्लियरिटी  

सिआम ने सरकार से इलेक्ट्रिक व्‍हीकल्‍स के सीकेडी (कम्‍प्‍लीटली नॉक्‍ड डाउन) और एसकेडी (सेमी नॉक्‍ड डाउन) यूनिट को लेकर क्लियरिटी मांगी है। यानी, इन यूनिट्स की परिभाषा सरकार तय करे। इसके अलावा, इंडस्‍ट्री ने फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने 10-13 सीटर एम्‍बुलेंस को सेस से बाहर रखने का सुझाव दिया है।

 
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