2022 तक डबल नहीं हो पाएगी किसानों की इनकम, सरकार के सामने हैं कई चुनौतियां

‘किसानों की इनकम दोगुनी कैसे हो’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते सांसद राजू शेट्टी ‘किसानों की इनकम दोगुनी कैसे हो’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते सांसद राजू शेट्टी

moneybhaskar

Mar 09,2017 03:06:00 PM IST
नई दिल्‍ली। मोदी सरकार ने साल 2022 तक किसानों की इनकम डबल करने का वादा किया है, लेकिन यह आसान नहीं दिखता। सरकार के सामने कई तरह की चुनौतियां आएंगी, जिनका सामना सरकार को करना ही पड़ेगा। साथ ही सरकार को अपने वादे के प्रति भी गंभीरता दिखानी होगी। यह बात बुधवार को यहां सेंटर फॉर एग्रीकल्‍चर पॉलिसी डायलॉग की ओर से इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, एनेक्‍सी में ‘कैसे हो सकती है भारत में किसानों की इनकम दोगुनी’ विषय पर आयोजित सेमिनार में किसान नेताओं, राजनेताओं और एक्‍सपर्ट्स ने कही।
संभव नहीं है 6 साल में इनकम का दोगुना होना
सबसे पहले नेशनल सेंटर फॉर एग्रीकल्‍चरल इकोनोमिक्‍स एंड पॉलिसी रिसर्च के प्रिंसिपल साइंटिस्‍ट डॉ. प्रताप सिंह बर्थल ने अपने रिसर्च पेपर को प्रजेंट करते हुए बताया कि वर्तमान आंकड़ों को देखा जाए तो 6 साल में किसानों की इनकम दोगुना होने की संभावना नहीं दिखती। उन्‍होंने देश में किसानों के अलग-अलग वर्ग की इनकम की जानकारी दी और कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ कुछ बड़े किसान ही उठा पा रहे हैं। जबकि छोटे और मार्जिनल किसानों की इनकम में कोई सुधार नहीं हो रहा।
किसानों की जीने लायक इनकम नहीं
महाराष्‍ट्र के हटकंगले संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं स्‍वाभिमानी शेतकारी संगठन के संयोजक राजू शेट्टी ने कहा कि एक ओर सरकार 2022 तक किसानों की इनकम दोगुना करने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर अब तक किसानों की कोई मिनिमम इनकम तक नहीं है। महाराष्‍ट्र का एक किसान 13 हजार रुपए न होने के कारण आत्‍महत्‍या कर लेता है, ऐसे में हमारी चिंता यह होनी चाहिए कि किसानों को किसी तरह उनके जीने लायक इनकम मिल सके।
जानबूझ कम किए जाते हैं रेट
शेट्टी ने कहा कि इस बार अरहर की बंपर फसल हुई है। सरकार को भी यह पता है, बावजूद इसके, जब किसान अरहर लेकर मार्केट में पहुंचा तो अचानक रेट कम कर दिए। सरकार ने अरहर का इम्‍पोर्ट करना शुरू कर दिया। अब किसान क्‍या करे, उसके पास न तो कोल्‍ड स्‍टोरेज है और ना ही गोदाम। घर इतना छोटा है कि वहां भी अनाज नहीं रख सकते, इसलिए किसान के पास अरहर बेचने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। हम कैसे उम्‍मीद कर सकते हैं कि मात्र 6 साल के दौरान किसान की इनकम दोगुनी हो जाएगी।
जुमला है किसानों की इनकम दोगुना करने की घोषणा
इससे पहले जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद केसी त्‍यागी ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया कि स्‍वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाएगी, लेकिन ऐसा करने की बजाय सरकार अब कह रही है कि एमएसपी के अलावा 50 फीसदी कीमत देने से अर्थव्‍यवस्‍था बिगड़ जाएगी। एक ओर देश में दाल की बंपर पैदावार हो रही है तो दूसरी ओर सरकार दाल का ब्राजील से आयात कर रही है। अब सरकार गेहूं आयात करने की सोच रही है। इससे फायदा मिडिल मैन को होगा।
उन्‍होंने आरोप लगाया कि जब नीतियां बनाते वक्‍त किसानों की राय लेने की बजाय कॉरपोरेट, चीनी मिल मालिकों की राय ली जाएगी तो फिर किसानों की इनकम दोगुनी के बारे में कैसी नीतियां बनेंगी। उन्‍होंने कहा कि किसानों की इनकम दोगुना करने का वादा एक जुमला भर है और सरकार इसके लिए गंभीरता से कोई प्रयास नहीं कर रही है।
किसानों के हाथ में हो मार्केट
इंडियन काउंसिल ऑफ फूड एंड एग्रीकल्‍चर के डीजी डॉ. आलोक सिन्‍हा ने सेमिनार को चेयर किया। जेएनयू के प्रो. विश्‍वजीत धर ने कहा कि मार्केट को किसानों के हाथ में देना होगा और बिचौलियों को हटाना होगा, तब कुछ सुधार हो सकता है। अगर 2022 तक किसानों की इनकम दोगुनी करनी है तो हर साल एग्रीकल्‍चर ग्रोथ 15 फीसदी होनी चाहिए, जिसकी संभावना नहीं दिखती।
नीतियों में शामिल हों किसान
स्‍वदेशी जागरण मंच के नेशनल को-कन्वेनर प्रो. अश्‍वनी महाजन ने कहा कि यह अच्‍छी बात है कि कम से कम सरकार ने किसानों की इनकम दोगुनी करने के बारे में सोचा। लेकिन अभी भी सरकार में नीतियां ऐसे लोग बना रहे हैं, जिनका किसानों से कोई लेना-देना नहीं है। रोजगार विहीन विकास को ही बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार यदि वाकई किसानों की इनकम दोगुना करना चाहती है तो उसे अपने एक बजट में 10 से 15 हजार करोड़ रुपए का प्रोविजन करना होगा, ताकि लोकल लेवल पर वेयर हाउस और कोल्‍ड स्‍टोरेज बनाए जाएं। इसके अलावा सरकार को तय करना होगा कि सही किसानों को क्रेडिट का लाभ मिलेगा, केवल क्रेडिट टारगेट से बढ़ाने से कुछ नहीं होगा।
कर्ज दोगुना होगा, इनकम नहीं
राष्‍ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह ने कहा कि सरकार जिस नीति पर चल रही है, उससे किसानों की इनकम दोगुनी तो नहीं होगी, लेकिन किसानों का कर्ज दोगुना जरूर हो जाएगा। उन्‍होंने कहा कि गन्‍ना किसानों को राहत देने के नाम पर सरकारें चीनी मिल मालिकों को फायदा पहुंचाती है तो किसानों की दशा कैसे सुधरेगी। किसान नेता कृष्‍णवीर ने कहा कि सरकार 95 फीसदी सब्सिडी कॉरपोरेट को देने के लिए तैयार है, लेकिन किसानों को कर्ज माफ करने के लिए तैयार नहीं है। फूड प्रोसेसिंग में 51 फीसदी एफडीआई लाया जा रहा है, ऐसे में कैसे किसानों का भला होगा।
सरकार को देंगे राय
सेंटर फॉर एग्रीकल्‍चर पॉलिसी डायलॉग के कन्‍वीनर और कमीशन फॉर एग्रीकल्‍चरल कॉस्‍ट एंड प्राइस के पूर्व चेयरमैन डॉ. टी. हक ने सेमिनार की शुरुआत करते हुए कहा कि उनका मकसद है कि एक्‍सपर्ट इस बात पर विचार करें कि किसानों की इनकम दोगुनी कैसे हो सकती है और इस बारे में सरकार को अवगत कराया जाए।
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