भारत की इन पांच किस्मों की कॉफी की दुनिया हो जाएगी दीवानी, मंत्रालय ने दिया जीआई प्रमाण

5 Kinds Of Coffee Granted GI Certification By Indian Govt: भारत सरकार के वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग ने हाल ही में भारतीय कॉफी की पांच किस्‍मों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) प्रदान किया है। इससे पहले भारत की एक अनोखी विशिष्‍ट कॉफी ‘मानसूनी मालाबार रोबस्टा कॉफी’ को जीआई प्रमाणन दिया गया था। अब जिन किस्मों को यह संकेतक दिया गया है, वे हैं- 

Money Bhaskar

Apr 01,2019 03:02:00 PM IST

नई दिल्ली.

भारत सरकार के वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग ने हाल ही में भारतीय कॉफी की पांच किस्‍मों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) प्रदान किया है। इससे पहले भारत की एक अनोखी विशिष्‍ट कॉफी ‘मानसूनी मालाबार रोबस्टा कॉफी’ को जीआई प्रमाणन दिया गया था। अब जिन किस्मों को यह संकेतक दिया गया है, वे हैं-

कूर्ग अराबिका कॉफी – यह मुख्‍यत: कर्नाटक के कोडागू जिले में उगायी जाती है।

वायानाड रोबस्‍टा कॉफी – यह मुख्‍यत: वायानाड जिले में उगायी जाती है जो केरल के पूर्वी हिस्‍से में अवस्थित है।

चिकमगलूर अराबिका कॉफी – यह विशेष रूप से चिकमगलूर जिले में उगायी जाती है। यह दक्‍कन के पठार में अवस्थित है जो कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र से वास्‍ता रखता है।

अराकू वैली अराबिका कॉफी – इसे आंध्र प्रदेश के विशाखापत्‍तनम जिले और ओडिशा क्षेत्र की पहाडि़यों से प्राप्‍त कॉफी के रूप में वर्णित किया जाता है जो 900-1100 माउंट एमएसएल की ऊंचाई पर अवस्थित है। जनजातियों द्वारा तैयार की जाने वाली अराकू कॉफी के लिए जैव अवधारणा अपनायी जाती है जिसके तहत जैविक खाद एवं हरित खाद का व्‍यापक उपयोग किया जाता है और जैव कीटनाशक प्रबंधन से जुड़े तौर-तरीके अपनाये जाते हैं।

बाबाबुदनगिरीज अराबिका कॉफी – यह भारत में कॉफी के उद्गम स्‍थल में उगायी जाती है और यह क्षेत्र चिकमंगलूर जिले के मध्‍य क्षेत्र में अवस्थित है। इसे हाथ से चुना जाता है और प्राकृतिक किण्वन द्वारा संसाधित किया जाता है। इसमें चॉकलेट सहित विशिष्‍ट फ्लैवर होता है। कॉफी की यह किस्‍म सुहावना मौसम में तैयार होती है। यही कारण है कि इसमें विशेष स्‍वाद और खुशबू होती है।

3.66 लाख किसान करते हैं कॉफी की खेती

भारत में 3.66 लाख कॉफी किसानों द्वारा तकरीबन 4.54 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र में कॉफी उगायी जाती है। इनमें से 98 प्रतिशत छोटे किसान हैं। कॉफी की खेती मुख्‍यत: भारत के दक्षिणी राज्‍यों में की जाती है :

कर्नाटक – 54 प्रतिशत

केरल- 19 प्रतिशत

तमिलनाडु – 8 प्रतिशत

कॉफी गैर-परंपरागत क्षेत्रों जैसे कि आंध्र प्रदेश एवं ओडिशा (17.2 फीसदी) और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों (1.8 फीसदी) में भी उगाई जाती है।

क्या है भौगोलिक संकेतक

भौगालिक संकेतक एक प्रकार का निशान है जो ऐसे प्रोडक्ट्स पर लगाया जाता है, जो किसी जगह विशेष में तैयार होते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उस उत्पाद की उत्पत्ति उसी जगह होती हाे। जैसे- दार्जिलिंग चाय, चंदेरी साड़ी, मैसूर चंदन साबुन, मधुबनी चित्रकारी आदि।

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