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कौड़ि‍यों के भाव आलू बेच रहे हैं कि‍सान, 87% तक गि‍री कीमतें

इससे उपभोक्‍ताओं को तो सस्‍ते रेट पर आलू मि‍ल जा रहा है मगर कि‍सानों की लागत भी नहीं नि‍कल रही है।

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नई दि‍ल्‍ली। देश में इन दि‍नों आलू के भाव जमीन पर आए हुए हैं। इससे उपभोक्‍ताओं को तो सस्‍ते रेट पर आलू मि‍ल जा रहा है मगर कि‍सानों की लागत भी नहीं नि‍कल रही है। दि‍ल्‍ली में आलू का फुटकर रेट 10 रुपए तक आ गया है। यूपी में सड़कों कि‍नारे टनों आलू फेंका जा रहा है। कि‍सानों के लि‍ए हालात कि‍तने खराब हो गए हैं, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि‍ पि‍छले साल इसी सप्‍ताह के मुकाबले आलू के थोक भाव में 86 % तक की गि‍रावट आ गई है। आगरा की मंडी में पि‍छले साल के मुकाबले आलू का औसत थोक रेट 86.95% कम है। महाराष्‍ट्र की नासि‍क मंडी में पि‍छले साल इसी दौरान आलू का थोक रेट 2607 रुपए प्रति‍ क्‍विंटल था, जो अब 576 रुपए है। यानी रेट में 77.88% की गि‍रावट आई है।

 

दि‍ल्‍ली में आलू के फुटकर रेट इस समय 15 रुपए के आसपास हैं। थोक रेट प्रति‍ क्‍विंटल 550 रुपए (सप्‍ताह का औसत) चल रहा है। वहीं पंजाब में फुटकर रेट 10 रुपए प्रति‍ कि‍लो तक गि‍र गए हैं। ये रेट भी अच्‍छे आलू के मि‍ल रहे हैं, जो आलू थोड़ा लो स्‍टैंडर्ड है उसके रेट तो और नीचे आ गए हैं।  

 

आलू के फुटकर रेट – 22 दि‍संबर

राज्‍य  रेट प्रति‍ कि‍लो
दि‍ल्‍ली 17 रुपए
चंडीगढ़ 12 रुपए
शि‍मला 10 रुपए
आगरा 8 रुपए
मुंबई 18 रुपए
जयपुर  8 रुपए

 

स्रोत – डि‍पार्टमेंट ऑफ कंज्‍यूमर अफेयर्स   

 

आवक बढ़ने से गि‍रे दाम

मंडि‍यों में आलू की आवक बढ़ जाने की वजह से आलू की कीमतें नीचे आ गई हैं। यूपी की फतेहाबाद मंडी में नवंबर की आवक वर्ष 2016 के मुकाबले 3752.79 फीसदी ज्‍यादा रही। वहीं दि‍संबर के महीने की आवक देखें तो पि‍छले साल के मुकाबले यह 937 फीसदी ज्‍यादा रही। आगरा की मंडी में भी आवक पि‍छले साल के मुकाबले काफी बढ़ गई। देशभर की मंडि‍यों में ऐसे ही हालत हैं, जि‍सकी वजह से रेट कम हो गए हैं। इस बार कि‍सानों ने आलू का अच्‍छा प्रोडक्‍शन कि‍या, मगर दाम इतने नीचे गि‍र गए कि‍ लागत तक नहीं नि‍कल पा रही है।

 

देश की प्रमुख मंडि‍यों में आलू के थोक रेट रुपए प्रति‍ क्‍विंटल

 

मंडी   16-23 दि‍संबर 9-15 दि‍संबर  बदलाव 
शि‍मला, हि‍माचल प्रदेश 700  1033   -32
साहनेवाल, पंजाब   500 648 -22
आजादपुर, दि‍ल्‍ली 550  579  -4.98
फतेहपुर सीकरी, यूपी 407 376  - 8.27
नासि‍क, महाराष्‍ट्र  576  582   -1.01

   

         

आंकड़े - एगमार्क डॉट नेट

 

 

ग्रामीण इलाकों में लगें फैक्‍ट्री सरकार बनाए पॉलि‍सी

इस बारे में भारतीय कि‍सान यूनि‍यन के महासचि‍व धर्मेंद मलि‍क ने कहा कि‍ सरकार को आलू की खरीद के लि‍ए पॉलि‍सी बनानी होगी तभी कि‍सान का भला हो पाएगा। मुख्‍यमंत्री योगी आदि‍त्‍यनाथ ने आलू की खरीद का वादा कि‍या था मगर सारी खरीद बस कागजों में हुई। उन्‍होंने ट्रांसपोर्ट सब्‍सि‍डी भी मुहैया कराई मगर उसका फायदा व्‍यापारि‍यों को हुआ क्योंकि‍ छोटा कि‍सान अपनी फसल लेकर दूसरे राज्‍य नहीं जा पाता उसे अपनी उपज व्‍यापारि‍यों को ही देनी होती है। अगर कृषि‍ आधारि‍त उद्योग गांवों में लग जाएं तो इससे कि‍सानों को ज्यादा फायदा होगा। चिप्‍स की फैक्‍ट्री नोएडा में लगने की बजाए आगरा, कन्‍नौज में लगे तो सबको फायदा होगा।

 

मुफ्त में ले जाएं आलू

यूपी के कि‍सान बी डी सिंह ने बताया, ‘जब तक आलू कि‍साने के घर में नहीं आता तब तक तो उसके रेट ठीक रहते हैं मगर जैसी ही कि‍सान के दरवाजे पर आलू आना शुरू हो जाता है रेट नीचे आ जाते हैं। इस बार प्रदेश के आलू कि‍सानों की हालत बहुत खराब है। लोग कोल्‍ड स्‍टोर से अपनी फसल नहीं उठा रहे। मंडी के हालात तो आप जान ही रहे हैं। आगरा में आप मुफ्त में आलू पा सकते हैं। आलू को कोल्‍ड स्‍टोर में रखने का आम रेट 115 रुपए प्रति‍ बोरी है। एक बोरी में 50 कि‍लो आलू आता है। आलू के एक कट्टे का रेट इस समय 150 रुपए तक गि‍र गया है। ऐसे में कि‍सान कोल्‍ड स्‍टोर में रखा हुआ आलू उठा ही नहीं रहे हैं, जि‍सकी वजह से कोल्‍ड स्‍टोर वाले इन्‍हें सड़कों पर फेंक रहे हैं।‘

 

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