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50 रुपए का अंडा और 500 रुपए कि‍लो है काला कड़कनाथ मुर्गा, ऐसे पालें

काले रंग की इस कड़कनाथ मुर्गी का एक अंडा 50 रुपये तक में बि‍कता है।

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नई दि‍ल्‍ली। काले रंग की इस कड़कनाथ मुर्गी का एक अंडा 50 रुपये तक में बि‍कता है। मुर्गी और मुर्गे की कीमत भी बॉयलर के मुकाबले करीब दोगुनी है। यह मुर्गा दरअसल अपने स्वाद और सेहतमंद गुणों के लि‍ए मशहूर है। कड़कनाथ भारत का एकमात्र काले मांस वाला चिकन है।

शोध के अनुसार, इसके मीट में सफेद चिकन के मुकाबले कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है और अमीनो एसिड का स्तर ज्यादा होता है।

मूलरूप से कड़कनाथ मध्य प्रदेश के झबुआ जिले का मुर्गा है मगर अब पूरे देश में यह मि‍ल जाता है। महाराष्‍ट्र, आंध्रपेदश, तमि‍लनाडु सहि‍त कई राज्‍यों में लोगों इससे अच्‍छा कमा रहे हैं। कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रख इसे कहीं भी पाला जा सकता है। कड़कनाथ मुर्गे की मांग पूरे देश में होने लगी है। डि‍पार्टमेंट ऑफ एनि‍मल हस्‍बेंड्री, महाराष्‍ट्र के मुताबि‍क, इसका रखरखाव और मुर्गों के मुकाबले आसान होता है।  आगे पढ़ें 

एक चूजे की कीमत 70 रुपए

 

इसका मीट और अंडा, बॉयलर तो दूर की बात देसी मुर्गे से भी कहीं ज्‍यादा महंगा बि‍कता है। फुटकर बाजार में इसके मीट का रेट 300 से लेकर 500 रुपये कि‍लो होता है। जि‍न इलाकों में यह मौजूद नहीं वहां इसके एक अंडे की कीमत 25 रुपये तक चली जाती है। अगर आप ऑनलाइन इसका अंडा खोजेंगे तो 50 रुपये तक दाम रखा गया है। हालांकि‍ ग्रामीण इलाकों में इतना दाम नहीं मि‍लता। इसके एक दि‍न के चूजे की कीमत 70 रुपये के आसपास होती है।

साउथ एशि‍या प्रो पुअर लाइव स्‍टॉक पॉलि‍सी प्रोग्राम के तहत की गई एक स्‍टडी के मुताबि‍क, जहां 6 महीने का देसी मुर्गा 80 से 90 रुपये में बि‍कता है वहीं कड़कनाथ की कीमत 100 से 150 रुपये होती है। वहीं 12 महीने के देसी मुर्गे की कीमत 150 से 200 रुपये होती है वहीं कड़कनाथ की कीमत 250 से 300 रुपये होती है। यह इनके थोक दाम हैं। आगे पढ़ें कैसे करें इसका पालन

कैसे करें इसका पालन

- अगर आप 100 चि‍कन रख रहे हैं तो आपको 150 वर्ग फीट जगह की जरूरत होगी। हजार चि‍कन रख रहे हैं तो करीब 1500 वर्ग फीट जगह की जरूरत होगी।

- चूजों और मुर्गि‍यों को अंधेरे में या रात में खाना नहीं देना चाहि‍ए। मुर्गी के शेड में प्रतिदिन तकरीबन घंटे प्रकाश की आवश्यकता होती है।

- फार्म बनाते गांव या शहर से बाहर मेन रोड से दूर हो, पानी व बिजली की पर्याप्त व्यवस्था हो। फार्म हमेशा ऊंचाई वाले स्थान पर बनाएं ताकि आस-पास जल जमाव न हो।

- दो पोल्ट्री फार्म एक-दूसरे के करीब न हों। मध्य में ऊंचाई 12 फीट व साइड में 8 फीट हो।

- चौड़ाई अधिकतम 25 फीट हो तथा शेड का अंतर कम से कम 20 फीट होना चाहिए। फर्श पक्का होना चाहिए।

- एक शेड में हमेशा एक ही ब्रीड के चूजे रखने चाहिए। पानी पीने के बर्तन दो से तीन दि‍न में जरूर साफ करें।

- फार्म में ताजी हवा आती रहने से बीमारि‍यां नहीं लगतीं। आगे पढ़ें कहां से पा सकते हैं

कहां से पा सकते हैं

 

इसके लि‍ए आप इंडि‍या मार्ट पर मौजूद सैलर्स से कॉन्‍टेक्‍ट कर उनसे मोलभाव कर सकते हैं। इसके अलावा इंटरनेट पर खोजेंगे तो कई ऐसे पोल्‍ट्री फार्म मि‍ल जाएंगे जो फार्म खोलने के लि‍ए चूजे और अंडे बेचते हैं। 

अगर आप इस मुर्गी का बड़े पैमाने पर पालन करने जा रहे हैं तो बेहतर होगा कि‍सी पोल्‍ट्री फार्म में जाकर चीजों को समझें या फि‍र अपने इलाके के मुर्गी पालन केंद्र में जाकर इसकी ट्रेनिंग लें।

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