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मोदी ने कहा, हर लागत जोड़ कर तय होगा एमएसपी, 2022 तक डबल होगी कि‍सानों की आय

नई दि‍ल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनि‍वार को कहा कि सरकार कि‍सानों के विकास को लेकर प्रति‍बद्ध है। दि‍ल्‍ली स्‍थि‍त इंडि‍यन एग्रीकल्‍चर इंस्‍टीट्यूट में आयोजि‍त तीन दि‍वसीय कृषि उन्‍नति मेले में उन्‍होंने कहा कि‍ फसलों की एमएसपी तय करते वक्‍त हर तरह की लागत जोड़ी जाएगी। फसलों की एमएसपी लागत का कम से कम 1.5 गुना होगी। केंद्र सरकार राज्‍यों के साथ मि‍लकर कि‍सानों को एमएसपी का लाभ देने की दि‍शा में काम कर रही है। कुछ लोग एमएसपी को लेकर अफवाहें उड़ा रहे हैं। न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य तय करते वक्‍त्‍ा हर तरह की लागत को शामि‍ल कि‍या जाएगा। इस फैसले से 2022 तक कि‍सानों की आय दोगुना करने में मदद मि‍लेगी। 


इस तरह जोड़ी जाएगी लागत 
मोदी ने बताया कि एमसपी ने  के लिए जो लागत जोड़ी जाएगी, उसमें दूसरे श्रमिक के परिश्रम का मूल्य, अपने मवेशी-मशीन या किराए पर लिए गए मवेशी या मशीन का खर्च, बीज का मूल्य, सभी तरह की खाद का मूल्य, सिंचाई के ऊपर किया गया खर्च, राज्य सरकार को दिया गया लैंड रेवेन्यू वर्किंग कैपिटल के ऊपर दिया गया ब्याज, पट्टे पर ली गई जमीन के लिए दिया गया किराया, और अन्य खर्च भी शामिल हैं। इतना ही नहीं किसान के द्वारा खुद और अपने परिवार के सदस्यों द्वारा दिए गए श्रम के योगदान का भी मूल्य, उत्पादन लागत में जोड़ा जाएगा। 

 

 

उन्‍होंने कहा कि‍ इस मेले के माध्यम से मुझे न्यू इंडिया के दो प्रहरियों से एक साथ, एक समय पर बात करने का अवसर मिल रहा है। न्यू इंडिया के एक प्रहरी हमारे किसान, हमारे अन्नदाता हैं जो देश का भरण पोषण करने के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा कर रहे हैं। दूसरे प्रहरी हमारे वैज्ञानिक बंधु हैं जो नई-नई तकनीक विकसित कर किसान का जीवन आसान कर रहे हैं।  


कि‍सानों को सम्‍मानि‍त करने का मौका मि‍ला 
उन्‍होंने कहा कि‍ आज मुझे यहां खेती के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले किसान भाई-बहनों को सम्मानित करने का भी अवसर मिला है। कृषि कर्मण और पंडित दीन दयाल उपाध्याय कृषि प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित सभी राज्यों और लोगों को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं विशेष रूप से यहां मेघालय की बात करना चाहूंगा जिसे अलग से पुरस्कार दिया गया है। साथियों, क्षेत्रफल में छोटे इस राज्य ने बड़ा काम करके दिखाया है। मेघालय के किसानों ने वर्ष 2015-16 के दौरान पैदावार का पाँच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 


हमें नहीं भूलना चाहिए कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश में अनाज उत्पादन की क्या स्थिति थी। संकट भरे उस दौर से हमारा अन्नदाता हमें बाहर निकालकर लाया है। आज देश में रिकॉर्ड अनाज उत्पादन, रिकॉर्ड दाल उत्पादन, रिकॉर्ड फल – सब्जियों का उत्पादन, रिकॉर्ड दुग्ध उद्पादन हो रहा है। इसलिए मैं देश के हर किसान को, कृषि उन्नति में लगी हर माता-बहन-बेटी को शत-शत नमन करता हूं। 


हमने दुनि‍या को राह दि‍खाई 
हमारे देश में कृषि सेक्टर ने अनेक मामलों में पूरी दुनिया को राह दिखाई है। लेकिन समय के साथ जो चुनौतियां खेती से जुड़ती चली गईं, वो आज के इस दौर में बहुत अहम हैं। चुनौतियों से पूरी समग्रता के साथ निपटने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इन अलग-अलग कार्यों की दिशा एक है- किसान की आय दोगुनी करना, लक्ष्य एक है- किसानों का जीवन आसान बनाना। हम इस संकल्प पथ पर बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 


आज देश में 11 करोड़ से ज्यादा सॉयल हेल्थ कार्ड बांटे जा चुके हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड से मिल रही जानकारी के आधार पर, जो किसान खेती कर रहे हैं, उनकी पैदावार बढ़ने के साथ-साथ खाद पर खर्च भी कम हो रहा है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत हर खेत को पानी के विजन के साथ कार्य किया जा रहा है। जो सिंचाई परियोजनाएं दशकों से अधूरी पड़ी थी, उन्हें 80 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करके पूरा किया जा रहा है। 


सरकार सप्‍लाई चेन को मजबूत कर रही है 
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के जरिए, हमारी सरकार खेत से लेकर बाजार तक, पूरी सप्लाई चेन को मजबूत कर रही है, आधुनिक एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। इस बजट में जिस ऑपरेशन ग्रीन का ऐलान किया है, वो भी नई सप्लाई चेन व्यवस्था से जुड़ा है। ये फल और सब्जियां पैदा करने वाले और खासतौर पर Top यानि Tomato, Onion और Potato उगाने वाले किसानों के लिए लाभकारी रहेगा। किसान हित से जुड़े कई मॉडल एक्‍ट बनाकर राज्य सरकारों से उन्हें लागू करने का भी आग्रह किया गया है। ये कानून राज्यों में लागू होने के बाद किसानों को सशक्त करने का काम करेंगे। 


बीज और बाजार मि‍ले 
किसानों को आधुनिक बीज मिले, आवश्यक बिजली मिले, बाजार तक कोई परेशानी न हो, उन्हें फसल की उचित कीमत मिले, इसके लिए हमारी सरकार दिन-रात एक कर रही है। देश के परिश्रमी किसानों की आय से जुड़ा ये बहुत महत्वपूर्ण कदम है। 

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