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जानवरों की खरीद व बि‍क्री के सख्‍त नि‍यमों में ढील, ड्राफ्ट रूल में हटाया 'वध' शब्‍द

सरकार ने पि‍छले साल जानवरों की खरीद फरोख्‍त के लि‍ए जो नि‍यम लागू कि‍ए थे उनमें कुछ खास बदलाव कर दि‍ए हैं।

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नई दि‍ल्‍ली। सरकार ने पि‍छले साल जानवरों की खरीद फरोख्‍त के लि‍ए जो नि‍यम लागू कि‍ए थे उनमें कुछ खास बदलाव हो रहे हैं। इनमें सबसे अहम ये है कि‍ नि‍यमों से 'वध' - ‘slaughter’ शब्‍द हो हटा दि‍या गया है। इसके अलावा बॉर्डर के इलाकों में   पशु क्रूरता और बाजार से जुड़े कुछ नि‍यमों में ढील भी दी गई है। पि‍छले साल जब प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलि‍टी टू एनि‍मल्‍स रूल्स 2017 लागू हुआ था तो इसे लेकर पूरे देश में काफी हंगामा हुआ था। इसके तहत वध करने के लि‍ए मार्केट में दुधारू पशुओं की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी गई थी। यह नि‍यम 23 मई 2017 को लागू हुआ था। अब इसकी जगह प्रि‍वेंशन ऑफ क्रूएलि‍टी टू एनि‍मल्‍स इन एनिमल मार्केट रूल्‍स 2018 (ड्राफ्ट) ले रहा है। 

 


दी गई ढील 


मंत्रालय ने ड्राफ्ट नि‍यमों से वध शब्‍द को हटा दि‍या है। पि‍छले नि‍यमों में यह साफतौर पर लि‍खा था कि 'कोई भी व्‍यक्‍ति कि‍सी जानवर को कटने के लि‍ए बाजार नहीं लाएगा।' इस नि‍यम में से केवल एक लाइन नए नि‍यमों में शामि‍ल की गई है जि‍समें कहा गया है कि 'पशु बाजार में कोई बीमार या जवान जानवर नहीं बेचा जाएगा।' इसके अलावा नि‍यम की उस लाइन को भी हटा दि‍या गया है जि‍सके तहत इस तरह का सर्टीफि‍केट लेना होता था कि जि‍स जानवर को बेचा जा रहा है वह वध के लि‍ए नहीं है। 


कमेटी करेगी निगरानी 
नए नि‍यमों के तहत जानवरों के प्रति क्रूरता को रोकने के लि‍ए एक समि‍ति‍ बनाने का प्रावधान है जो नए पशु बाजारों को सर्टीफि‍केट देगी, जानवरों की खरीद फरोखत का रि‍कॉर्ड रखेगी और इस बात का ध्‍यान रखेगी कि बाजार में साफ सफाई मेनटेन रहे। बीते वर्ष जब नि‍यम लागू हुआ था तो इसकी काफी आलोचना की गई थी। 


आलोचकों का कहना था कि इस नि‍यम की वजह से लोगों की अपना भोजन चुनने की आजादी छि‍न रही है। वर्ष 2017 में जो नि‍यम लाया गया था उसका मुख्‍य मकसद इंटरनेशन बॉर्डर और राज्‍यों के सीमाई इलाकों में जानवरों के गैर कानूनी व्‍यापार पर लगाम लगाना था। 
पुराने नियमों के तहत कि‍सी भी राज्‍य की सीमा के 25 कि‍लोमीटर और इंटरनेशनल बॉर्डर के 50 कि‍लोमीटर के इलाके में पशु बाजार पर रोक थी। हालांकि नए नि‍यमों के तहत इसमें ढील दी गई है और इसमें केवल सीमाई इलाकों में जानवरों के ट्रांसपोर्ट पर रोक लगाई गई है। 

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