यूपी-बिहार के मजदूर पंजाब में लिख रहे खेती की नई इबारत, 1 लाख रुपए प्रति एकड़ तक हो रही कमाई

  • उत्तर प्रदेश और बिहार से आए किसान यहां सब्जियां उगा रहे हैं और गेहूं और धान की खेती से ज्यादा कमा रहे हैं।
  • पंजाब में फिलहाल तकरीबन 4 से 5 लाख प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं।
  • इन मजदूरों ने पंजाब के घरों में सब्जियां सप्लाई करने की जिम्मेदारी ले ली है।

Money Bhaskar

Apr 15,2019 01:44:00 PM IST

नई दिल्ली.

अपनी गेहूं और बाजरे की फसलों के लिए जाने जाने वाला पंजाब उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की किस्मत चमका रहा है। इन राज्यों से आए कई प्रवासी किसानों ने पंजाब को ही अपना घर बना लिया है। वे यहां सब्जियां उगा रहे हैं और उत्तर प्रदेश और बिहार में गेहूं और धान की खेती से ज्यादा कमा रहे हैं। अधिकतर प्रवासी किसानों ने बड़े किसानों के खेतों में मजदूरी से शुरुआत की, लेकिन जल्द ही वे सब्जियों की खेती करने लगे और अब पहले से कई गुना ज्यादा कमा रहे हैं।

1 लाख प्रति एकड़ तक हो जाती है कमाई

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पंजाब में फिलहाल तकरीबन 4 से 5 लाख प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं। इनमें से बिहार के सीतामढ़ी के मदन शाह ने बताया कि उन्होंने पंजाब के स्थानीय किसान से 50,000 रुपए के सालाना किराए पर 15 एकड़ जमीन ली है। इसपर वे पत्तागोभी, धनिया, शलजम, गाजर और ब्रॉकली उगाते हैं। अगर फसल अच्छी हो जाती है तो उन्हें पास के खन्ना और लुधियाना बाजारों में उनकी अच्छी कीमत मिल जाती है। कई बार वे प्रति एकड़ फसल से 1 लाख रुपए तक कमा लेते हैं। फसल अच्छी न होने पर नुकसान भी होता है, लेकिन यह धान और गेहूं उगाने से बेहतर है, क्योंकि उसमें फसल 6 महीने में तैयार होती है और प्रति एकड़ सिर्फ 25000 रुपए तक की कमाई होती है। सीतामढ़ी के ही एक अन्य मजदूर छोटे लाल ने बताया कि, साल में सब्जियों की तीन फसलें उनकी अच्छी कमाई करा देती हैं।

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