पाई-पाई को मोहताज आम किसान, लेकिन सांसद किसान खेती से करते हैं करोड़ों की कमाई

Report card of former Member of parliament Ajit Singh: देश में किसान आज कर्ज के दलदल में दबा है। लेकिन नेताओं के पास ऐसा हुनर होता है कि वो किसानी से करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन जाते हैं। इन नेताओं के पास खेती से करोड़पति बनने का हुनर अपने संसदीय क्षेत्र के किसानों संग साझा करना चाहिए। जिससे किसानों के हालात सुधर सकें।

 

Money Bhaskar

Mar 18,2019 04:26:00 PM IST

सौरभ कुमार वर्मा

नई दिल्ली. देश में किसान आज कर्ज के दलदल में दबा है। लेकिन नेताओं के पास ऐसा हुनर होता है कि वो किसानी से करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन जाते हैं। इन नेताओं के पास खेती से करोड़पति बनने का हुनर अपने संसदीय क्षेत्र के किसानों संग साझा करना चाहिए। जिससे किसानों के हालात सुधर सकें। इन दिनों किसान राजनीति अपने चरम पर है। केंद्र और राज्य सरकारें किसानों के इर्द गिर्द अपने चुनावी एजेंडे चला रही हैं। इन्हीं में केंद्र की किसानों को 2000 रुपए आर्थिक मदद की एक योजना है। मनी भास्कर खेती से करोड़पति बनने वाले किसान राजनेताओं की एक सीरीज शुरू की है। जिसके तहत आज पश्चिमी यूपी के किसान नेता अजीत सिंह के बारे में जानकारी दे रहे हैं।


चौधरी चरण सिंह

बागपत से सांसद रह चुके अजीत सिंह चौधरी चरण सिंह के बेटे हैं, वहीं चरण सिंह जो देश के प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जैस अहम पद पर रहे और निष्पक्ष राजनीति के लिेए जाने गए। इन्हें उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार का पूरा श्रेय दिया जाता है। चौधरी चरण सिंह ने जमींदारी उन्मूलन जैसे सराहनीय काम किए, वो जमींदारी प्रथा के खिलाफ लड़े और साल 1952 में जमींदारी प्रथा उन्मूलन विधेयक पारित करवाया, जिससे जमींदारी का अंत हुआ और 1954 में उत्तर प्रदेश में भूमि संरक्षण कानून पारित करवाया। उनकी इस प्रयास की वजह से जमीनदारों के कब्जे से ग्राम समाज की परती भूमि पर गरीब किसानों को पट्टा मिल सका। हालांकि जमींदारी के खिलाफ लड़ने वाले चौधरी चरण सिंह के बेटे आज खुद जमींदार बन गए हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों की 7 तहसीलों में 9 .38 की खेती की भूमि खरीद डाली।

यहां है इनती खेती की भूमि

किसान के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह के बाद उनके बेटे अजीत सिंह की करें, तो उनके पास 9.38 करोड़ रुपए की एग्रीकल्चर भूमि है। इसमें से 1.44 करोड़ रुपए की भूमि छत्तीसगढ़ में है, जिसे 1992 में 45 लाख रुपए में खरीदा था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 43 लाख कीमत की भूमि है। इसे 2007 में 12 लाख रुपए में खरीदा था। साथ ही गाजियाबाद के मकरेड़ा में 3 करोड़ की खेती की भूमि है, जिसे अजीत सिंह ने 17 लाख रुपए में खरीदा था। गाजियाबाद के ही नबीपुर में अजित सिंह के नाम 3 करोड़ की संपत्ति है, जिसे 2008 में 17 लाख रुपए में खरीदा गया था। मुजफ्फरपुर में 2 करोड़ की खेती की भूमि को 92 लाख रुपए में खरीदा गया था। साथ ही मध्य प्रदेश में 82 लाख कीमत की खेती की भूमि को 82 लाख रुपए में खरीदा।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.