विज्ञापन
Home » Industry » Agri-BizGovt to directly pick produce from farms and help farmers find market: Harsimrat Kaur Badal

सड़क पर नहीं फेंकनी पड़ेगी उपज, किसान के घर से उत्पाद उठाएगी सरकार

कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए सरकार दे रही है 1-10 लाख रुपए तक

1 of

नई दिल्ली.

अब किसानों को अपनी उपज का सही मूल्य पाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। केंद्र सरकार किसानों की उपज को उनके घरों से खरीदने की योजना पर काम कर रही है। खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने ग्रेटर नोएडा एक्सपो सेंटर में ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया, (TPCI) की ओर से आयोजित इंडस फूड-2 के उद्घाटन के अवसर पर यह जानकारी देते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उनके मंत्रालय-सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। अब तक ऐसे समाचार आते रहते थे कि अधिक उपज होने की वजह से किसानों को उनकी उपज की सही कीमत नहीं मिली, लिहाजा उन्होंने विरोध करते हुए अपनी उपज को सड़क पर फेंक दिया। सरकार की यह योजना लागू होने के बाद ऐसी स्थिति पैदा नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि जहां भी अधिक पैदावर होगी वहां पर हम किसानों के घर से उपज उठाएंगे। उन्हें ऐसे राज्य में भेजेंगे जहां पर लोगों के बीच उसकी मांग है। वहीं बची हुई उपज को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को दिया जाएगा। इससे न केवल किसानों की समस्या हल होगी बल्कि उनकी आय दोगुनी करने में भी मदद मिलेगी। इसके लिए नैफेड सहित कई अन्य संस्थानों के साथ करार किए गए हैं। TPCI के चेयरमेन मोहित सिंघला ने इस अवसर पर कहा कि हम किसानों और उत्पादकों को इंडस फूड के माध्यम से वैश्विक खरीदारों का करार करा रहे हैं। इससे किसानों को आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के साथ ही वाणिज्य मंत्रालय इसमें सहयोग कर रहे हैं।

 

कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए मिलेंगे 1 से 10 लाख रुपए

उन्होंने कहा कि हमने दो अलग योजनाएं शुरू की है। इसमें से एक में हम उन राज्यों से खरीदारी करेंगे जहां पर किसी उत्पाद की बंपर उपज हुई है। लेकिन उसकी कीमत किसानों को नहीं मिल रही है। वहां से हम किसानों से सीधे खरीद करेंगे। नैफेड सहित अन्य संस्थाएं यह खरीद करेंगी। इसी तरह से हम किसानों को मिनी कोल्ड चेन बनाने या फिर उन्हें अपना उत्पाद अपने ब्रांड से बाजार में लाने के लिए 1 से लेकर 10 लाख रूपये तक का ऋण देंगे। इसी तरह से हम मिनी फूड पार्क को भी ऐसे राज्यों में स्थापित कर रहे हैं जहां पर किसानों को इसकी जरूरत है। इसके लिए हम 50 करोड़ रूपये तक का ऋण भी दे रहे हैं। इससे किसानों को उनके घर के नजदीक ही अपनी उपज बेचने में मदद मिलेगी।

 

 

जल्द शुरू होगा प्रोजेक्ट ग्रीन

कौर ने कहा कि जल्द ही सरकार की ऑपरेशन ग्रीन प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है जिसके तहत आलू, प्याज एवं टमाटर के दाम साल भर एक जैसे रहेंगे। इस काम के लिए नैफेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। सिंगला ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्‍य भारत को मजबूत और विश्‍वसनीय खाद्य और पेय पदार्थ के निर्यातक के रूप में प्रोत्‍साहित करना है। इंडस फूड 2019 भारत के कृषि निर्यात में मूल्‍य संवर्धन करेगा तथा वैश्विक मूल्‍य श्रृंखला के साथ भारतीय किसानों और कृषि उत्‍पादों को एकीकृत करेगा।

 

 

दिल्ली के एक्सपो सेंटर में चल रहा है इंडस फूड-2

इसमें 70 देशों के 700 से अधिक खरीदार और 500 से अधिक फूड सप्‍लायर भाग ले रहे हैं। इस आयोजन से भारतीय निर्यातकोंका वैश्विक उपभोक्‍ताओं के साथ संपर्क होगा जिसके परिणामस्‍वरूप उत्‍पाद विकास में वृद्धि होगी और अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में बेहतर मूल्‍य प्राप्‍त होंगे। इंडस फूड भारत के खाद्य और पेय पदार्थ निर्यातकों का मंच है। 2018 में प्रथम इंडस फूड का आयोजन किया गया था।

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन