Home » Industry » Agri-BizCabinet approves agricultural mechanisation for crop residue

कि‍सान मशीन खरीदें 80% पैसे सरकार देगी, पराली प्रबंधन के लि‍ए 1152 करोड़ मंजूर

सरकार पराली व अन्‍य एग्रीकल्‍चर वेस्‍ट के बेहतर मैनेजमेट को लेकर गंभीर हो गई है।

1 of

नई दिल्‍ली. सरकार पराली व अन्‍य एग्रीकल्‍चर वेस्‍ट के बेहतर मैनेजमेट को लेकर गंभीर हो गई है। वि‍त्‍त मंत्री अरुण जेटली ने बजट भाषण में कहा था कि‍ सरकार पराली व अन्‍य एग्रीकल्‍चर वेस्‍ट को प्रबंधन के लि‍ए योजना लागू करेगी। पराली जलाने की वजह से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लि‍ए सरकार ने नई योजना का एलान कि‍या है। इसके तहत पराली का प्रबंधन के लि‍ए मशीनें खरीदने के लि‍ए सरकारी की ओर से 80 फीसदी तक की आर्थि‍क मदद दी जाएगी। यही नहीं कृषि अवशेष न जलाने वालों को इनाम भी दि‍या जाएगा। 

 

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने पंजाब, हरियाणा , उत्‍तर प्रदेश और राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली में फसल अवशेषों के यथास्‍थान प्रबंधन के लिए कृषि मशीनरी प्रोत्‍साहन को अपनी स्‍वीकृति दे दी है। इसके लि‍ए 1151.80 करोड़ रुपये मंजूर कि‍ए गए हैं। आगे पढ़ें पूरी स्‍कीम 

 

80 फीसदी देगी सरकार 
पराली प्रबंधन के लिए मशीनों का बैंक स्थापित जाएगा जहां से इन्हें  किराये पर लिया जा सकेगा। इसके लिए किसानों की पंजीकृत सहकारी समितियों ,किसान समूहों,स्वयं सहायता समूहों, कृषि उत्पादनकर्ताओं के संगठनों,निजी उद्यमियों और महिला किसानों के समूहों को परियोजना की लागत का 80 प्रतिशत तथा निजी किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी एवं उपकरणों के वास्ते 50 प्रतिशत की वित्तीय मदद दी जाएगी।   इसके अलावा सरकार कि‍सानों की ट्रेनिंग का भी प्रबंध करेगी ताकि वह फसलों के अवशेषों का बेहतर प्रबंधन सीख सकें। सरकार वि‍ज्ञापन, शि‍वर व अन्‍य गतिवि‍धि‍यों के माध्‍यम से कि‍सानों तक इसकी जानकारी पहुंचाएगी। इसके अलावा कोई भी अवशेष न जलाने के लिए ग्राम/ग्राम पंचायत के लिए पुरस्‍कार भी दि‍या जाएगा।  आगे पढ़ें कैसे मि‍लेंगे पैसे 

कैसे मि‍लेंगे पैसे 
संबंधित राज्‍य सरकारें जिला स्तरीय कार्यकारी समितियों (डीएलईसी) के माध्यम से विभिन्न लाभार्थियों और स्थान- कृषि प्रणाली पर निर्भर विशेष कृषि उपकरण की पहचान करेगी और कस्टम हायरिंग और व्यक्तिगत मालिक स्वामित्व के आधार पर मशीनों की खरीद के लिए कृषि मशीनरी बैंक स्थापित करने के लिए लाभार्थियों की पहचान और चयन करेगी ताकि पारदर्शी रूप से समय पर लाभ प्राप्त किए जा सकें। राज्‍य नोडल विभाग/ डीएलइसी लाभार्थी की ऋण आवश्‍यकता के लिए बैंकों के साथ गठबंधन करेंगे। चयनित लाभार्थियों के नाम एवं विवरण जिला स्‍तर पर दस्‍तावेजों में शामिल किए जायेगें जिसमें उनके आधार/यूआईडी नम्‍बर तथा प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण के माध्‍यम से दी गई वित्‍तीय सहायता दिखाई जाएगी। आगे पढ़ें कैसे काम करेगी पूरी व्‍यवस्‍था 

 

कि‍स तरह से होगा काम 
कृषि मंत्रालय फसल अवशेष के  प्रबंधन के लिए मशीन और उपकरण निर्माताओं का एक पैनल तैयार करेगा। राज्‍य स्‍तर पर संबंधित राज्‍य सरकारों के कृषि विभाग नोडल कार्यान्‍वयन एजेंसी होंगे। संबंधित राज्‍य सरकारों के प्रमुख सचिव कृषि एवं कृषि उत्‍पादन आयुक्‍त की अध्‍यक्षता में राज्‍य स्‍तरीय कार्यान्‍वयन समितियां नोडल एजेंसियों तथा अन्‍य संबंधित विभागों के साथ नियमित बैठकें करके अपने-अपने राज्‍यों में योजना क्रियान्‍वयन की निगरानी करेंगे। जिला स्‍तरीय कार्यकारी समिति परियोजना तैयार करने, लागू करने और जिलों में निगरानी के लिए उत्‍तरदायी होगी। पराली जलाने पर निगरानी रखने के लिए एक समिति भी बनायेगी। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट