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अमेरिका और चीन की लड़ाई में भारतीय तेल की धार होगी मजबूत

भारतीय सोयाबीन ऑयल की डिमांड में 70% बढ़ोतरी की उम्मीद

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नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती कारोबारी टक्कर में भारत को काफी फायदा होता दिख रहा है। बता दें कि चीन ने 6 साल बाद भारत से खाद्य तेल (सोयाबान ऑयल) खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। दरअसल अमेरिका ने चीन को होने वाले खाद्य तेल की सप्लाई पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके चलते चीन ने 2012 में भारतीय खाद्य तेल पर लगाए अपने प्रतिबंध को वापस ले लिया।

 

इन कंपनियों से चीन खरीदेगा तेल

 

चीन Adani Milmar , gujrat ambuja समेत 6 भारतीय एक्सपोर्ट कंपनियों से खाद्य तेल की खरीद करेगा। भारत की ओर से वर्ष 2017-2018 की पहली छमाही में 6.6 लाख टन तेल का निर्यात किया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष की अगली छमाही तक 5 लाख अतिरिक्त खाद्य तेल की सप्लाई होगी। ऐसे में वित्त वर्ष 2018-19 में 1.5 मिलियन टन के आसपास निर्यात होने की संभावना है। 

 

चालू खाते में सुधार की संभावना

 

चीन के इस कदम से भारतीय निर्यात में तेजी आएगी। इससे देश के चालू खाता घाटा भी दुरुस्त हो सकेगा। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि चीन के इस कदम से भारतीय सोयाबीन ऑयल की डिमांड में 70 फीसदी की बढोतरी होगी।

 

चीन भारत से खरीद रहा चावल 


वहीं चीन की ओर से पहली बार भारत से चावल का निर्यात किया जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक चीन को गैर बासमती चावल निर्यात किया जा रहा है। चीन व भारत के बीच बढ़ते व्यापार घाटे को देखते हुए इस निर्यात को काफी अहम माना जा रहा है। चीन इन दिनों पहले से ही अमेरिका के साथ ट्रेड वार में उलझा है। ऐसे में, भारत को चीन से गैर बासमती चावल के निर्यात का आर्डर मिलना दोनों देशों के बीच सुधरते रिश्ते के रूप में भी देखा जा रहा है। 

 

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