Home » Experts » SMESMEs are facing big trouble after note banning

हालात नहीं सुधरे तो बंद हो जाएगा छोटा कारोबार

1000 और 500 के नोट बंद होने से छोटे कारोबारियों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हो रहा है।

SMEs are facing big trouble after note banning
 
1000 और 500 के नोट बंद होने से छोटे कारोबारियों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हो रहा है। ज्‍यादातर छोटे कारोबारी कैश से लेन-देन करते हैं। 8 तारीख के बाद से इन कारोबारियों का लेन-देन ठप हो गया है। कई कारोबारियों की वर्कशॉप लगभग बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं और एक-दो दिन में हालात नहीं सुधरे तो कारोबार ठप ही हो जाएगा। दुकानदार तो खाली बैठे हैं, कोई खरीददारी नहीं हो रही है। ऊपर से इनकम टैक्‍स के छापों के नाम पर दुकानदारों को डराया जा रहा है।
 
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा की थी तो हमें भी बड़ा अच्‍छा लगा था। इस तरह के ठोस फैसले ही भारत की अर्थवयवस्‍था को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। तब हमें लगा था कि सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और एक-दो दिन की दिक्‍कतों के बाद हालात सामान्‍य हो जाएंगे, लेकिन हो उल्‍टा रहा है। हालात सामान्‍य होने की बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। बैंकों में पैसा जमा कराने के लिए लम्‍बी लाइन पर लगना पड़ रहा है और पैसे निकालने के लिए लम्‍बी लाइनें लगी हैं। अगर हम छह-छह घंटे लाइन पर लगेंगे तो बिजनेस कब करेंगे।
 
सबसे अधिक दिक्‍कत हमारे वर्कर्स को हो रही है। ज्‍यादातर छोटे कारोबारी अपने वर्कर्स को 8 से 10 तारीख को तनख्‍वाह देते हैं, लेकिन 8 तारीख की रात को यह फैसला लागू हो गया। ऐसे में हम अपने वर्कर्स को तनख्‍वाह नहीं दे पाए। अगर चेक या ऑनलाइन ट्रांसफर कराते हैं तो वर्कर पूरा-पूरा दिन लाइन पर लग कर केवल 2000 रुपए निकाल पा रहा है। इससे वर्कशॉप का काम ठप पड़ा है।
 
हम लोग कारोबार चलाने के लिए पेटी कैश का इंतजाम करते हैं, लेकिन कैश है नहीं, इसलिए रोजमर्रा का कोई काम नहीं हो पा रहा है। कैश से आने वाला रॉ-मैटीरियल भी खत्‍म होने जा रहा है। कुछ काम हम लोग डेली-वैजिज वाली लेबर से कराते हैं, लेकिन वह भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में, सरकार को जल्‍द से जल्‍द हालात सामान्‍य करने चाहिए। 
 
(लेखक एन.के. खरबंदा इंडियन इंडस्‍ट्रीज एसोसिएशन, नोएडा के प्रेसिडेंट हैं।) 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट