प्रतिक्रिया /आम आदमी को भी मिले रेपो रेट में कटौती का लाभ, लोन की ब्याज दर घटाएं बैंक

  • रियल एस्टेट सेक्टर ने किया रेपो रेट में कटौती का स्वागत, कहा-ब्याज घटने से बढ़ेगा कारोबार

Moneybhaskar.com

Aug 08,2019 11:13:00 AM IST

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो रेट में लगातार चौथी बार कटौती का तोहफा दिया है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद आरबीआई ने रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट में कमी करने की घोषणा की है। इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट में भी .35 बेसिस प्वाइंट की कमी की गई है। आरबीआई की इस पहल का रियल एस्टेट समेत सभी सेक्टर के कारोबारियों ने स्वागत किया है। रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि रेपो रेट में कटौती का आम आदमी तक फायदा पहुंचाने के लिए बैंकों को भी ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए। यदि ऐसा होता है तो लोगों को सस्ती दर पर लोन मिलेंगे और इस सेक्टर में निश्चित तौर पर वृद्धि होगी।

सबसे निचले स्तर पर आया रेपो रेट: दिनेश जैन

एक्सोटिका हाउसिंग के एमडी दिनेश जैन का कहना है कि 35 बेसिस पॉइंट घटने के बाद रेपो रेट अभी तक के सबसे निचले स्तर, 5.40% पर आ गया है। इसका सीधा असर लोन लेने वालों की जेब पर पड़ेगा और उन्हें फायदा पहुंचेगा। बैंको को बिना देरी के इस कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचना चाहिए फिर चाहे वो घर खरीदार हो या कोई और। निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग का कहना है कि पिछली 2 बार भी 50 बेसिस की कटौती के बाद इस बार उम्मीद बहुत कम थी। रेपो रेट 35 बेसिस पॉइंट कम होने से बैंको को कम रेट पर कर्ज मिलेगा जिससे बैंक भी लोगों को आगे कम रेट पर कर्ज दे सकेंगे। इससे हर प्रकार के लोन की किश्त घट जाएगी जो नए और पुराने दोनों कर्जदारों पर लागू होगा। लोग तय समय से पहले बैंक का लोन चुका सकेंगे। गायत्री ग्रुप के डायरेक्टर हरी ओम दीक्षित का कहना है कि 5.40% का रेपो रेट अभूतपूर्व है जो कभी 7-6 के बीच ही रहता था। ये लगातार चौथी बार हुआ है जब आरबीआई ने रेपो रेट में कमी की है। इसके पहले 25 बेसिस पॉइंट की तीन बार कटौती की जा चुकी है। अब अगली जिम्मेदारी बैंक की है वे ब्याज दरों में कमी करके इसका फायदा लोन लेने वालों को दें

एसबीआई ने घटाईं कर्ज की दरें

देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बुधवार को बेंचमार्क कर्ज दरों में 15 बीपीएस (आधार अंकों) की कटौती की है। एसबीआई की फंड आधारित ब्याज दरें (एमसीएलआर) की एक साल की मार्जिनल लागत 10 अगस्त से 8.40 फीसदी से घटकर 8.25 फीसदी हो जाएगी। एसबीआई ने कहा कि आरबीआई द्वारा चालू वित्तवर्ष (2020) में रेपो दर में की गई 85 बीपीएस का पूरा लाभ एसबीआई अपने कैश क्रेडिट और 1,00,000 की सीमा से अधिक वाले ओवरड्राफ्ट उपभोक्ताओं को देने जा रही है।

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