रेपो रेट /ब्याज दरों को स्थिर रखने का रियल एस्टेट सेक्टर ने किया स्वागत

  • कहा- पिछली कटौती का असर देखने के लिए जरूरी है दरों में स्थिरता

Moneybhaskar.com

Dec 05,2019 04:25:49 PM IST

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट को 5.15 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला किया है। एमपीसी ने अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए यह फैसला किया है। एमपीसी के इस फैसले का रियल एस्टेट सेक्टर ने स्वागत किया है। रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों को कहना है कि आरबीआई पिछले पांच बार से लगातार कटौती करता आ रहा है। इसका फायदा आम लोगों तक पहुंचाने के लिए ब्याज दरों में स्थिरता बहुत जरूरी है।


आरबीआई ने अपनाया वेट एंड वॉच का रुख

नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल का कहना है कि उद्योग जगत को इस बार भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद थी। कम ब्याज दर समग्र आर्थिक विकास की सहायता करते हुए अर्थव्यवस्था में ऋण की मांग और निवेश को बढ़ाने में मदद करती है। इससे रियल एस्टेट और ऑटो जैसे कुछ अस्वस्थ क्षेत्रों को भी आवश्यक प्रतिपूर्ति प्रदान होता है। हालांकि बैजल का मानना है कि आरबीआई ने पिछली दरों में कटौती के प्रभाव को देखने और मुद्रास्फीति के अनुमान का आकलन करने के लिए वेट एंड वॉच का रुख अपनाया है। आर्थिक विकास नरम रहने से अगली बैठक में दर कटौती की संभावना है।

रियल एस्टेट सेक्टर में सुधार की उम्मीद

नरेडको महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष अशोक मोहनानी का कहना है कि रेपो रेट को स्थिर रखकर आरबीआई ने विकास को गति देने के लिए अब आक्रामक रुख अपनाने का फैसला किया है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश और खरीद में भी स्थिरता दिखाई देगी। रेपो रेट में इस साल की गई 135 आधार अंकों की कटौती से उद्योग अभी भी सकारात्मक उम्मीद कर रहा है। आने वाले दिनों में मांग में बढ़ोतरी होगी और रियल एस्टेट सेक्टर में भी सुधार की उम्मीद है। वहीं संयुक्त सचिव रोहित पोद्दार का कहना है कि रेपो रेट को स्थिर रखना आरबीआई का सकारात्मक कदम है। अब तक की गई कटौती का वास्तविक लाभ लंबी अवधि में दिखाई देगा, जिसका रियल एस्टेट सेक्टर को भी फायदा होगा।

रेपो रेट में बदलाव न होने से बाजार को मिलेगी स्थिरता

निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग का कहना है कि आरबीआई ने रेपो रेट न तो घटाया है और न ही बढ़ाया है। यह मार्केट के लिए अच्छी बात है। सुरेश गर्ग का कहना है कि आरबीआई पहले ही 135 आधार अंकों की कटौती कर चुका है और इसका लोगों तक वास्तविक फायदा पहुंचाने के लिए स्थिरता जरुरी है। रियल एस्टेट सेक्टर को भी स्थिरता देने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि होम लोन पर ब्याज दर पहले से काफी कम स्तर पर हैं जो घर खरीदारों के लिए काफी अनुकूल है। एक्सोटिका हाउसिंग के एमडी दिनेश जैन का कहना है कि आरबीआई की ओर से उठाए गए कदमों से इस समय होम लोन पर ब्याज दरें 8 फीसदी के आसपास चल रही हैं। यह काफी निचले स्तर पर हैं। घर खरीदारों और रियल एस्टेट सेक्टर को कम ब्याज दरों का फायदा पहुंचाने के लिए कुछ समय के लिए स्थिरता जरूरी है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.