• Home
  • Economy
  • work of companies around the world has been affected by indian lock down

लॉकडाउन लागू होने के बाद दुनिया के बैक ऑफिस भारत में काम जारी रखने को लेकर मची अफरातफरी, दुनियाभर की कंपनियों का काम-काज हुआ है प्रभावित

भारत के आउटसोर्सिंग उद्योग में 40 लाख से ज्यादा कर्मचारी दुनियाभर की कंपनियों के लिए काम करते हैं भारत के आउटसोर्सिंग उद्योग में 40 लाख से ज्यादा कर्मचारी दुनियाभर की कंपनियों के लिए काम करते हैं

  • कंपनियों की कोशिश बेहद महत्वपूर्ण कर्मचारी ऑफिस आकर करें काम
  • कर्मचारियों को घर से काम कराने के लिए आईटी कंपनियां प्राइवेसी के मामले में ढील दिए जाने की कर रही हैं मांग

Moneybhaskar.com

Mar 24,2020 06:08:00 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस के कारण देश के कई शहरों में लॉकडाउन लागू होने के बाद दुनियाभर की कंपनियों के बैकऑफिस का काम करने वाली भारतीय आईटी कंपनियों में काम जारी रखने को लेकर अफरातफरी-सी मच गई है। यूबीएस ग्रुप एजी, ड्यूश बैंक एजी और कई अन्य बहुराष्ट्रीय दिग्गज कंपनियां भारतीय उद्योग संघ नैसकॉम के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि भारत की राज्य सरकारें बैक ऑफिस के काम को अनिवार्य सेवा घोषित करें, ताकि जरूरत पड़ने पर कर्मचारी ऑफिस जाकर काम कर सकें। इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और कई अन्य भारतीय कंपनियां अपने क्लाइएंट्स से नॉन-डिस्क्लोजर और अन्य प्राइवेसी नियमों में ढील दिए जाने की भी मांग कर रही हैं, ताकि लॉक डाउन की अवधि में घर में रहने के लिए बाध्य कर्मचारी घर से ही अपने काम को अंजाम दे सकें। इन कंपनियों में 40 लाख से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं।

बेहद जटिल फिजिकल और लॉजिस्टिकल प्रक्रिया से गुजर रही हें आईटी कंपनियां

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक नैसकॉम के चेयरमैन केशव मुरुगेश ने कहा कि हमारी कंपनियां लाखों डेस्कटॉप कंप्यूटर कर्मचारियों के घर में लगा रही हैं। कम बैंडविड्थ में काम करने के लिए सॉफ्टवेयर को कनफिगर कर रही हैं। साइबर सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रही हैं। कंपनियां बेहद जटिल फिजिकल और लॉजिस्टिकल प्रक्रिया से गुजर रही हैं। देश के अधिकतर शहरों में लागू लॉक डाउन ने जेपीमोर्गन चेज एंड कंपनी जैसे वैश्विक बैंकों और भारत के 181 अरब डॉलर के आउटसोर्सिंग उद्योग के सामने एक बड़ी चुनौती पैदा कर दी है। देश के आउटसोर्सिंग उद्योग की स्थिति को इसी बात से समझा जा सकता है कि ब्रिटिश एयरवेज के लिए रिजर्वेशन जैसे काम यही से अंजाम दिए जाते हैं।

आउटसोर्सिंग उद्योग को लॉक डाउन से मिले कुछ खास छूट

नैसकॉम राज्य सरकारों से अपने आईटी सेवा उद्योग के लिए कुछ विशेष छूट की मांग कर रही हैं, ताकि उनके कर्मचारी ऑफिस जाकर काम कर सकें। ऑफिस में उन्हें जरूरी डाटाबेस और हाई स्पीड इंटरनेट मिलता है। ये सुविधाएं घर पर नहीं मिल पाती हैं। कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे अधिकतर राज्यों ने हालांकि डाटा सेंटर को स्पेशल दर्जा दे दिया है, लेकिन यह सुविधा उद्योग के सभी सेगमेंट को नहीं मिली है। मुरेगेश ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है, लेकिन हम काम को जारी रखने की भी कोशिश कर रहे हैं।

प्राइवेसी का उठ रहा है मुद्दा

लाखों कर्मचारी संवेदनशील डाटा को घर से प्रोसेस कर रहे हैं, इसलिए उद्योग में प्राइवेसी का भी मुद्दा उठ गया है। दुनिया के दिग्गज बैंकों, बीमा कंपनियों, विमानन कंपनियों और रिटेल कंपनियों के आउटसोर्स्ड वर्क के साथ बेहद सख्त नॉन-डस्क्लोजर एग्रीमेंट जुड़ा होता है। क्लाइएंट के कनफिडेंशियलिटी क्लाउज के कारण कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को कार्यस्थल पर मोबाइल फोन भी नहीं ले जाने देती हैं। हर जगह पर हर कर्मचारी को जाने की इजाजत भी नहीं होती है।

भारत के डाटा सेंटर कई वैश्विक वित्तीय कंपनियों के लिए बड़े महत्वपूर्ण

भारत के डाटा सेंटर कई वैश्विक वित्तीय कंपनियों के लिए बड़े महत्वपूर्ण हैं। बार्कलेज पीएलसी के लिए भारत के बैक ऑफिसेज में 20,000 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। वे दुनियाभर में टेक्नोलॉजी समाधान दे रहे हैं। ड्यूश बैंक के लिए 10,000 और जेपी मोर्गन के लिए करीब 30,000 कर्मचारी भारत के बैक ऑफिस में काम कर रहे हैं। बार्कलेज ने भारतीय ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या काफी कर दी है। जबकि ड्यूश बैंक के अधिकतर कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं। यूबीएस ने कहा कि भारत में उसके 6,000 कर्मचारियों में से 90 फीसदी घर से काम कर रहे हैं। स्विस बैंक ने 600 ऐसे कर्मचारियों की सूची बनाई है, जो ऑफिस जाकर काम कर सकते हैं। उन्हें ऑफिस में भोजन दिया जाएगा। बैंक की योजना की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक उन कर्मचारियों को नियमित रूप से सैनेटाइज किए जाने वाली कारों में ऑफिस जाने की सुविधा मिलेगी।

टीसीएस ने 85 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है

जानकार सूत्रों के मुताबिक टीसीएस ने दुनियाभर में काम करने वाले अपने 85 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है। इनमें अधिकतर कर्मचारी भारतीय हैं। कंपनी ने एक बयान में भी कहा कि हमने बड़ी संख्या में कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी है। इन्फोसिस ने वर्तमान स्थिति पर पूछे गए सवाल का समाचार लिखे जाने तक जवाब नहीं दिया था। विप्रो ने कहा कि उसके ग्राहक वर्क फ्रॉम समझौते के प्रति सहयोगी रुख दिखा रहे हैं।

X
भारत के आउटसोर्सिंग उद्योग में 40 लाख से ज्यादा कर्मचारी दुनियाभर की कंपनियों के लिए काम करते हैंभारत के आउटसोर्सिंग उद्योग में 40 लाख से ज्यादा कर्मचारी दुनियाभर की कंपनियों के लिए काम करते हैं

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.