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  • To overcome the crisis of laborers engaged in construction works, real estate developers, food items and sanitizers came forward

निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों का संकट दूर करने के लिए सामने आए रियल एस्टेट डवलपर, खाने-पीने का सामान और सैनिटाइजर दे रहे

कोरोनावायरस के कारण अधिकांश शहरों में निर्माण कार्यों पर रोक लगी हुई है। कोरोनावायरस के कारण अधिकांश शहरों में निर्माण कार्यों पर रोक लगी हुई है।

  • लॉकडाउन के कारण पूरे देश में निर्माण गतिविधियां थमने से कामकाज को लेकर परेशान हैं मजदूर
  • कंस्ट्रक्शन साइट्स पर ही उपलब्ध करा रहे हैं सभी प्रकार का जरूरी सामान

Moneybhaskar.com

Mar 24,2020 03:01:32 PM IST

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण देश के अधिकांस हिस्सों में लॉकडाउन है। इस कारण सभी प्रकार की गतिविधियां ठप पड़ी हैं। इसका असर निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों पर भी पड़ रहा है। कंस्ट्रक्शन साइट्स बंद होने के कारण रोजाना कमाने वाले मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। मजदूरों को इस संकट से उबारने के लिए अब रियल एस्टेट डवलपर सामने आए हैं। रियल एस्टेट डवलपर निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों के लिए खाने-पीने का सामान उपलब्ध करा रहे हैं।

सामान के साथ वेतन भी देने का ऐलान

देश के बड़े रियल एस्टेट डवलपर्स में शुमार हीरानंदानी ग्रुप ने अपनी सभी साइट्स पर काम कर रहे 4000 से ज्यादा मजदूरों के लिए 15 दिन का खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराया है। ओबरॉय रियल्टी लिमिटेड ने लॉकडाउन के दौरान अपने सभी स्टाफ को वेतन का भुगतान करने का ऐलान किया है। कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट बोमन ईरानी का कहना है कि लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड और शापूरजी पालोनजी जैसे बड़े ग्रुप को कहा गया है कि वे निर्माण कार्यों में लगे कामगारों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। नेशनल रियल एस्टेट डवलपमेंट काउंसिल के प्रेसीडेंट निरंजन हीरानंदानी का कहना है कि सभी डवलपर अपने मजदूरों को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी साइट्स को सैनिटाइज कर रहे हैं। इसके अलावा मजदूरों को सैनिटाइजर और साबुन उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वे अपने आप को कोरोनावायरस से सुरक्षित रख सकें।

वेस्ट यूपी के बिल्डर्स ने भी शुरू किए उपाय

कोरोनावायरस से निपटने के लिए नोएडा समेत वेस्ट यूपी के बिल्डर्स ने भी उपाय शुरू कर दिए हैं। ए.बी.ए. कॉर्प के डायरेक्टर और क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के प्रेजिडेंट अमित मोदी ने बताया कि वर्तमान समय में व्यवसाय या आर्थिक नुकसान का विश्लेषण या गणना करने का नहीं है। हमें सबसे पहले इस वायरस से लड़ने और श्रृंखला को तोड़ना सबसे जरूरी है, जिसको लेकर हमने दो सप्ताह के लिए अपने निर्माणधीन जगहों पर सभी निर्माण संबंधी गतिविधियों को बंद कर दिया है। हमने सभी श्रमिकों को जाने के बजाय साइट पर रहने का अनुरोध किया है। इसके साथ-साथ कंपनी की देखरेख में सभी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के सभी हाउसकीपिंग, सेक्योरिटी, मैनेटेंस की टीम को निर्देश दिया गया है कि लाॅकडाउन के समय आने-जाने वालों को रोका जाए। साथ ही इसोप्रोपाइल अल्कोहल आधारित फॉगिंग के साथ नियमित स्वच्छता भी शुरू की है।

कर्मचारियों को दिए जा रहे मास्क और सैनिटाइजर

नोएडा के डवलपर स्पेक्ट्रम मेट्रो ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए जागरुक कर वितरित भी कर रहा है। इसके अलावा गेट पर गार्ड द्वारा बाहरी व्याक्तियों का मशीन द्वारा टेम्परेचर चेक करने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। गौर ग्रुप ने अपने सभी प्रोजक्ट के निवासी व कर्मचारियों के लिए मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए जागरुक कर रहा है। इसके अलावा सभी सोसाटियों के गेट पर गार्ड द्वारा बाहरी व्याक्तियों मशीन द्वारा कि टेम्परेचर चेक करने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। सोसाइटियों के अंदर मैटनेंस की टीम हर समय पार्क, काॅमन एरिया, सीढ़ियों व लिफटों में सेनेटाइज किया जा रहा है।

दुनिया का सबसे बड़ा नौकरीप्रदाता है भारत का रियल एस्टेट सेक्टर

भारत का रियल एस्टेट सेक्टर दुनिया का सबसे बड़ा नौकरीप्रदाता सेक्टर है। इस सेक्टर में बड़ी संख्या में लोग रोजाना भुगतान के आधार पर कार्य करते हैं जिनको नकद में भुगतान किया जाता है। अधिकांशत: यह मजदूर प्रोजेक्ट पूरा होने तक कंस्ट्रक्शन साइट्स के अंदर या उनके आसपास ही रहते हैं। मजदूरों का परिवार भी उनके पास ही रहता है। यह मजदूर भारत की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा हैं और लॉकडाउन के कारण यह वर्ग ही सबसे ज्यादा प्रभावित है।

सरकार ने सीएसआर को कोरोना पर खर्च करने की अनुमति दी

कोरोनावायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार ने कंपनियों को राहत दी है। सरकार ने कहा है कि वे सीएसआर फंड को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल कर सकती हैं। इस संबंध में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। आपको बता दें कि कंपनियों को एक वित्त वर्ष में अपने तीन साल के वार्षिक शुद्ध लाभ में से कम से कम दो प्रतिशत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पर खर्च करना होता है।

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कोरोनावायरस के कारण अधिकांश शहरों में निर्माण कार्यों पर रोक लगी हुई है।कोरोनावायरस के कारण अधिकांश शहरों में निर्माण कार्यों पर रोक लगी हुई है।

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