• Home
  • Economy
  • Corona virus will be major cause of unemployment worldwide about 25 million jobs could be lost

कोरोना वायरस दुनियाभर में बन रहा बेरोजगारी की बड़ी वजह, करीब 2.5 करोड़ नौकरियां हो सकती है खत्म, ILO ने समस्या से निपटने के लिए बुलाई गई आपात बैठक

  • कोरोना वायरस की वजह से ग्लोबल कामगारों को साल 2020 तक 860 बिलियन डॉलर और 3.4 बिलियन ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। 

Moneybhaskar.com

Mar 19,2020 04:23:44 PM IST

नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की "कोविद-19 एंड वर्ल्ड ऑफ वर्क" रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस चीन के बाद बाकी दुनिया में तेजी से फैल रहा है, उसके चलते दुनियाभर में करीब 2.5 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं। अगर ऐसा होता है, तो दुनियाभर में बेतहाशा ढंग से बेरोजगारी बढ़ जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से ग्लोबल कामगारों को साल 2020 तक 860 बिलियन डॉलर और 3.4 बिलियन ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र का मनना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी देश एक साझा पॉलिसी लेकर आएंगे, तो कुछ हद तक इस समस्या से बचा जा सकता है। यह संयुक्त राष्ट्र की कोरोना वायरस के प्रभाव को लेकर पारंभिक अनुमानित रिपोर्ट है, जिसमें फिलहाल कोरोनावायरस को साल 2008 के वित्तीय संकट से ज्यादा खतरनाक मानने से इनकार किया गया है।

आईएलओ ने बुलाई आपात बैठक

कोरोना वायरस के मद्देनज़र दुनियाभर में नौकरियां जाने के खतरे को लेकर इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (आईएलओ) ने एक तत्काल बैठक बुलाई है। बैठक में बड़े पैमाने तीन बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, जिससे एक साझा हल निकलने की कोशिश होगी। इसके तहत बैठक में ऑफिस वर्कर्स को शार्ट टर्म लीव, पेड लीव और अन्य तरह की छूट देने के साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम वर्गीय फर्म के लिए टैक्स छूट समेत आर्थिक पैकेज पर पर बात हो सकती है। साथ ही मॉनिटरी पॉलिसी में इकोनॉमिक सेक्टर को कर्ज समेत आर्तिथ सहायता देने का प्रस्ताव होगा।

साल 2008 में करीब 22 मिलियन की छिनी थी नौकरी


संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट कई पैमाने पर आधारित है। आईएलओ की मानें, तो कोरोना वायरस की वजह से ग्लोबल स्तर पर बेरोजगारी 53 लाख से 247 लाख तक हो सकती है। बता दें कि साल 2008 के संकट के दौरान ग्लोबल स्तर पर बेरोजगारी बढ़कर 220 लाख के करीब हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक बेरोजगारी बढ़ने की वजह कोरोना वायरस की वजह से काम के घंटों और आदमनी में कटौती है। इससे चलते बड़े पैमाने पर बेरोजगारी दर बढ़ने की आशंका जाहिर की गई है।

गरीब कम करने के लक्ष्य को लगेगा झटका

ऐसा अनुमान जाहिर किया जा रहा है कि रोजगार में गिरावट से कामगार वर्ग को 2020 तक 860 बिलियन अमरीकी डालर से लेकर 3.4 ट्रिलियन का बड़ा नुकसान हो सकता है। इससे वस्तुओं और सेवाओं की खपत में गिरावट दर्ज की जाएगी। मतलब इसका सीधा असर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा। दुनियाभर में करीब 88 लाख से लेकर 350 लाख ज्यादा लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के चलते साल 2020 तक गरीबी कम करने के लक्ष्य को भी झटका पहुंचेगा।

आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां ठप्प


बता दें कि कोरोना वायरस की महामारी के चलते विश्व के ज्यादातर देशों में ने अपने बार्डर सील कर दिए हैं। सरकार ने घरेलू स्तर पर उपाय स्वरुप स्कूल, कॉलेज, मॉल, पब, सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंस जैसी सार्वजिनिक जगहों का बंद रखने का निर्देश दिया है। साथ ही लोगों ने खुद ही ऐतियातन ऑफिस और भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बच रहे हैं। इसके चलते आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से रुक गई हैं।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.