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मनी भास्कर खास /आपके नाम का बिल बिकता है बाजार में

  • 100 रुपए से लेकर हजारों में होती है कीमत

Moneybhaskar.com

Aug 06,2019 03:13:00 PM IST

मनी भास्कर

नई दिल्ली. आप सोच रहे होंगे कि आपके नाम का बिल कैसे बिक सकता है बाजार में। भला बिल भी कोई खरीदता है। वो भी किसी के नाम का बिल कोई दूसरा क्यों खरीदेगा। लेकिन थोक बाजार से लेकर खुदरा बाजार तक में यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। असल में यह धंधा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से बचने के लिए किया जा रहा है। बाजार में पूरा का पूरा रैकेट इस काम में लगा हुआ है। मनी भास्कर ने इस मामले को लेकर पड़ताल की, उसी आधार पर यह खबर लिखी जा रही है। हमने इस मामले में जीएसटी अधिकारियों से भी बात की। उन्होंने भी बाजार में इस धंधे के चलने की बात से सहमति जताई। दो दिन पहले उत्तरी दिल्ली में इस प्रकार के एक रैकेट का भंडाफोड़ भी किया गया। पकड़े गए अभियुक्तों ने 137 करोड़ रुपए के फर्जी बिल बांट दिए।

कैसे चलता है यह धंधा

मान लीजिए आप सोने की दुकान पर गए। वहां आपने 50 हजार रुपए का सोना खरीदा, लेकिन विश्वासी दुकानदार होने की वजह से आपने बिल नहीं लिया। लेकिन उस दुकानदार ने कुछ माल एक नंबर से मतलब बिल समेत खरीद रखा है तो उसे भी कहीं न कहीं एक नंबर में खरीदे गए माल को एक नंबर तरीके से की गई बिक्री में दिखाना होगा। ऐसे में वह दुकानदार अपने किसी दूसरे दुकानदार भाई को आपके नाम का 50,000 रुपए का बिल दे देगा। आपके नाम के बिल से बिल लेने वाला दुकानदार 50,000 रुपए को व्हाइट में शो कर देगा और जिस दुकानदार से आपने नाम का किसी और को दिया है, उससे 50,000 रुपए का 3 फीसदी तक चार्ज ले लेगा। क्योंकि सोने पर 3 फीसदी का जीएसटी है। दिल्ली एवं करोल बाग के बाजार में हमने यह पड़ताल की। दुकानदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पूरे बाजार में यह चल रहा है।

ग्राहकों के नाम के बिल को बेचने का पूरा खेल चल रहा है जिस पर सामने वाले की जरूरत के हिसाब से चार्ज किया जाता है। यह सब जीएसटी बचाने के लिए हो रहा है क्योंकि दुकानदार सरकार के सामने अगर 10 किलो माल की बिक्री शो कर रहा है तो असल में वह 50 किलोग्राम की बिक्री कर रहा होता है। दुकानदारों ने बताया कि कई लोग तो बाजार में फर्जी बिल के कारोबार में लगे हैं। यह पूछने पर क्या इस प्रकार के फर्जी बिल को कोई चेक नहीं करता है, दुकानदारों ने बताया कि सरकारी विभाग को बिल दिखना चाहिए और एक-एक बिल की चेकिंग वह भी नहीं कर सकते हैं।

25 करोड़ का चूना लगा दिया सरकार को

सेंट्रल जीएसटी नार्थ दिल्ली के अधिकारियों ने फर्जी बिल का गोरखधंधा करने वाले दो अभियुक्तों को पकड़ा। ये दोनों दिल्ली के आजादपुर मंडी स्थित अपने कार्यालय से फर्जी बिल जारी करते थे। फर्जी बिल के जरिए सरकार को लगभग 25 करोड़ का चूना लगाया गया। ये लोग पैसे लेकर ऐसी कंपनियों के बिल जारी करते थे जो कोई काम नहीं कर रही थी।

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