Home »Economy »Taxation» President Given His Approval To Four GST Supporting Legislations

GST से जुड़े 4 बिलों को राष्‍ट्रपति की मंजूरी, 1 जुलाई से लागू होने की उम्‍मीद बढ़ी

GST से जुड़े 4 बिलों को राष्‍ट्रपति की मंजूरी, 1 जुलाई से लागू होने की उम्‍मीद बढ़ी
नई दिल्ली. गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) से जुड़े 4 बिलों को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंजूरी दे दी है। सरकार जीएसटी को 1 जुलाई से लागू करना चाहती है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद जीएसटी के समय से लागू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
 
जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में कारोबारियों के लिए एक देश एक टैक्स हो जाएगा। राष्ट्रपति ने जिन बिलों को मंजूरी दी है उनमें सेंट्रल जीएसटी एक्ट, इंटीग्रेटिड जीएसटी एक्ट, जीएसटी (राज्यों को क्षतिपूर्ति) एक्ट और यूनियन टेरिटरी जीएसटी एक्ट शामिल हैं।
 
दोनों सदनों में पहले ही हो चुके हैं पास
 
यह चारो बिल राज्‍यसभा में 6 अप्रैल और लोकसभा में 29 मार्च को पास हो चुके हैं। देश में जीएसटी को आजादी के बाद का सबसे बड़ा टैक्‍स रिफार्म माना जा रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद एक्‍साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्‍स, वैट और प्रदेशों में लागू सभी तरह के टैक्‍स खत्‍म हो जाएंगे। अब कारोबारियों को केवल जीएसटी चुकाना होगा। इस प्रकार पूरे देश में अब एक ही टैक्‍स जीएसटी ही माना जाएगा।
 
यह है चारों बिलों में
 
इन बिलों में अलग अलग जरूरत के हिसाब से टैक्‍स वसूल किया जाएगा। इंटर स्‍टेट आपूर्ति पर  इंटीग्रेटिड जीएसटी के तहत टैक्‍स लिया जाएगा। इसके अलावा कंम्‍पसेशन एक्‍ट के तहत राज्‍यों को जीएसटी लागू होने से अगर टैक्‍स में कमी आती है, तो केन्‍द्र सरकार उसको पूरा करेगी। यूनियन टेरिटरी जीएसटी के तहत केन्‍द्र शासित प्रदेशों में कारोबार पर टैक्‍स लिया जाएगा।
 
मई में तय होंगी दरें
 
जीएसटी काउंसिल 18 और 19 मई को बैठक करेगी। यह बैठक वित्‍तमंत्री अरुण जेटली की अध्‍यक्षता में होगी। इस बैठक में किस वस्‍तु और किस सेवा पर किस दर से टैक्‍स लगाया जाए यह तय किया जाएगा। जीएसटी के तहत रियल स्‍टेट कारोबार को भी लाया जा रहा है।
 
 
40 फीसदी होगी उच्चतम रेट
जेटली ने कहा कि मॉडल जीएसटी कानून में गुड्स और सर्विस टैक्स की उच्चतम रेट को 40 फीसदी तक (20 फीसदी केंद्र और उतना ही राज्यों द्वारा) किए जाने की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन जीएसटी की प्रभावी दरों को पूर्व में मंजूर 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत पर ही रखा जाएगा।
 
50 लाख तक टर्नओवर वाले छोटे होटलों पर कम टैक्‍स स्‍लैब की सिफारिश
बैठक में ढाबों और छोटे रेस्तरां पर एक पैकेज कंपोसिट स्कीम के तहत 5 फीसदी टैक्स लगाने पर सहमति बनी, जिसमें 2.5 फीसदी केंद्र और 2.5 फीसदी राज्यों के हिस्से में जाएगा। इसके अंतर्गत सालाना 50 लाख रुपए तक का कारोबार करने वाली इकाइयां ही आएंगी।

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY