Home »Economy »Taxation» Cbdt Says More Than 1.37 Lakh Crore Of Tax Evasion Detected During The Last Three Years

आईटी वि‍भाग ने 1.37 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा की टैक्‍स चोरी पकड़ी, पड़े 23,064 छापे

आईटी वि‍भाग ने 1.37 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा की टैक्‍स चोरी पकड़ी, पड़े 23,064 छापे
 
नई दि‍ल्‍ली। सरकार ने ब्‍लैकमनी पर बड़ी सफलता का दावा करते हुए कहा कि‍ बीते तीन साल के दौरान 1.37 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा की टैक्‍स चोरी पकड़ी गई है। सीबीडीटी ने जारी बयान में कहा कि‍ ‘ब्‍लैक मनी’ के खि‍लाफ हमारी जंग और तेज हुई है। उन्‍होंने यह भी कहा कि‍ टैक्स चोरी करने वालों को यह एहसास कराया जा रहा है कि‍ उनको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
 
1.37 लाख करोड़ रुपए की टैक्‍स चोरी
-तीन फाइनेंशि‍यल ईयर (2013-14 से 2015-16) के दौरान 1.37 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा की टैक्‍स चोरी पकड़ी गई है।
-इसमें से इनकम टैक्‍स में 69,434 करोड़ रुपए की चोरी है।
-इसके अलावा, 11,405 करोड़ रुपए की टैक्‍स चोरी कस्‍टम में, 13,952 करोड़ रुपए सेंट्रल एक्‍साइज में और 42,727 करोड़ रुपए सर्वि‍स टैक्‍स में पकड़े गए हैं।
 
245 से ज्‍यादा बेनामी ट्रांजैक्शन
-डि‍पार्टमेंट ने कहा कि‍ 245 से ज्‍यादा बेनामी ट्रांजैक्‍शन की पहचान की गई है और पहले ही संशोधि‍त बेनामी ट्रांजैक्‍शन प्राहि‍बि‍शन लॉ के तहत 124 मामलों में 55 करोड़ रुपए की लागत वाली प्रॉपर्टीज को अटैच कि‍या गया है।
-रेवेन्‍यू डि‍पार्टमेंट ने कुल 23,064 छापे मारे गए हैं जि‍समें से इनकम टैक्‍स डि‍पार्टमेंट की ओर से 17,525 और बाकी छापे कस्‍टम, एक्‍साइज और सर्वि‍स टैक्‍स डि‍पार्टमेंट ने मारे हैं।
 
लोगों को कि‍या गया गि‍रफ्तार
-इसके अलावा, 2,814 मामलों में आपराधि‍क मामले दर्ज कि‍ए हैं। जि‍समें 1,996 इनकम टैक्‍स मामले हैं।
-कुल 3,983 लोगों को गि‍रफ्तार कि‍या गया है।  
-कम से कम 3,782 लोगों को कस्‍टम चोरी के लि‍ए गि‍रफ्तार कि‍या गया है।
-इसमें से 47 गि‍रफ्तारी सेंट्रल एक्‍साइज और 64 सर्वि‍स टैक्‍स डि‍पार्टमेंट ने की हैं।
 
1,155 से ज्‍यादा शेल कंपनि‍यों पर सरकार का वार
- जारी बयान में कहा गया है कि‍ 1,155 से ज्‍यादा शेल कंपनि‍यों की पहचान की गई है और इससे 22,000 लोगों को फायदा मि‍ला है।
-नॉन जेन्‍यूइन ट्रांजैक्‍शन में शामि‍ल अकाउंट  13,300 करोड़ रुपए से ज्‍यादा है। 
-इससे पहले एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) के शेल कंपनियों के खिलाफ चलाए ऑपरेशन में महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम और आंध्र प्रदेश के बड़े लीडर का नाम सामने आया है। 
-ईडी ने इसके तहत दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित 16 राज्यों में लगभग 100 जगहों पर सर्चिंग की।
-इस छापेमारी में 700 से ज्यादा शेल कंपनियों की पहचान हुई है। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने नोटबंदी के दौरान ब्लैकमनी को व्हाइट किया है। इसके अलावा, इन कंपनि‍यों का मनी लॉन्‍ड्रिंग में शामि‍ल होने का शक है।

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