Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

    Home »Economy »Taxation» Know The Products Become Costlier And Cheaper After Gst Implementation

    GST रेट तय: ये प्रोडक्‍ट हो जाएंगे महंगे, इन सर्विसेस पर खर्च होगा कम

    नई दिल्ली.  गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स (जीएसटी) काउंसिल की मीटिंग के दूसरे दिन शुक्रवार को सर्विसेज पर टैक्स रेट तय कर दिए हैं। जीएसटी के नए रेट के मुताबिक बैंक, इंश्योरेंस, होटल सर्विस, टेलिकॉम सर्विस महंगी हो जाएगी। होटल इंडस्ट्री के लिए रूम रेट के हिसाब से टैक्स स्लैब बनाया गया है। इसके तहत सर्विस टैक्स और लग्जरी टैक्स को जोड़ दिया है। 1 जुलाई के बाद आपका मोबाइल बिल भी पहले से ज्यादा आएगा, क्योंकि इस पर टैक्स बढ़ा दिया है। ये सर्विस हो जाएंगी महंगी... 
     
     
    सर्विसजीएसटी (फीसदी में)सर्विस टैक्स (फीसदी में)
    होटल (5 हजार से ज्यादा रूम रेट)2415 + लग्जरी टैक्स 5-12.5
    होटल 2,500-5,000 रुपए1815 
    होटल 1,000-2,5001215
    सिनेमा टिकट28एंटरटेनमेंट टैक्स 10-50
    टेलिकॉम सर्विस1815
    बैंक, इंश्योरेंस, स्टॉक्स1815
    पांच सितारा होटल2815 + लग्जरी टैक्स 5-12.5
     
    मूवी टिकट हो जाएंगी महंगी
    - अब लोगों के लिए मूवी देखना महंगा और सस्ता हो जाएगा। यह हर राज्य में अलग हो सकता है। राज्यों में एंटरटेनमेंट टैक्स 10 से 50 फीसदी के बीच है जो जीएसटी में 28 फीसदी कर दिया गया है। यानी अब दिल्ली, मुंबई, बिहार जैसे राज्यों में जहां एंटरटेनमेंट टैक्स ज्यादा है, वहां फिल्म देखना सस्ता हो जाएगा। जहां एंटरटेनमेंट टैक्स कम है, उनके लिए मूवी देखना महंगा हो जाएगा।
     
     
    ये सर्विस हो जाएंगी सस्ती
    सर्विसजीएसटी रेट (फीसदी में)सर्विस टैक्स (फीसदी में)
    एसी रेस्त्रां1815 + 10 सर्विस चार्ज
    होटल (1,000 रुपए से कम रूम रेट)टैक्स नहीं लगेगाटैक्स नहीं लगेगा
    कैब सर्विस55.8
     
    क्या है GST, कब से लागू होगा?
    - GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स है। आसान शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक जैसा बाजार बनाएगा। 
    - संसद इसका बिल पास कर चुकी है। 10 राज्य स्टेट जीएसटी पास कर चुके हैं। 1 जुलाई से GST देशभर में लागू होना है।
     
    इसे क्यों लाया गया?
    - 17 साल की कवायद के बाद GST इसलिए लाया गया कि अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। GST को केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जा रहा है। 
    - इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या सेल्स और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
     
    अगली स्लाइड में... कौन-से प्रोडक्ट हो जाएंगे महंगे
     
    यह भी पढ़ें:
     
     

    और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

    Recommendation

      Don't Miss

      NEXT STORY